आजमगढ़ : महिला की कोरोना से मौत, मायके वालों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप
रिपोर्ट मिलने के बाद भी पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
थाने से पोस्टमार्टम हाउस तक संक्रमण की आशंका से दहशत
विस्तार
आजमगढ़ में बरदह थाना क्षेत्र के सरायमोहन गांव की रहने वाली एक महिला की रविवार को अचानक तबीयत खराब हुई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। महिला के मौत की जानकारी होने पर मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया। ससुराल पक्ष ने उसकी कोरोना जांच कराई दी। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पुलिस ने मायके वालों की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मऊ जिले के सराय लखंसी थाना क्षेत्र के अमारी सराय गांव निवासी कृष्ण कुमार राय ने अपनी पुत्री की शादी बीते 12 दिसंबर को बरदह थाना के सराय मोहन गांव में चार माह पहले हुई थी। ससुराल वालों के अनुसार रविवार को अचानक उसकी तबीयत खराब हुई तो उसे लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इसके बाद वे शव लेकर घर चले आए और मायके वालों को घटना की जानकारी दी। सोमवार की सुबह मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी। इसके बाद ससुराल वालों ने सीएचसी से टीम बुला कर महिला की कोरानो जांच करा डाली। मृत्यु के 12 घंटे बाद जांच हुई तो जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आई। इसे बाद भी बरदह थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ठेकमा पीएचसी के अधीक्षत डॉ रमेश सोनकर के मुताबिक मौत के 12-15 घंटे के बाद भी कोरोना की जांच हो सकती है क्योंकि वायरस शरीर में रहता है। मैंने खुद जांच कराई थी और रिपोर्ट पाजिटिव आई।
थाने से पीएम हाउस तक संक्रमण की आशंका
कोरोना पॉजिटिव महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने संक्रमण फैलने की आशंका पैदा हो गई है। पुलिसकर्मियों, थाना और जिला अस्पताल की मर्चरी तक शव को असुरक्षित तरीके भेज कर बीमारी को फैलने का काम किया है। बरदह पुलिस की इस लापरवाही पर चिकित्सा विभाग ने नाराजगी जताई है। एसओ बरदह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के संज्ञान में डालने के बाद महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एके मिश्रा का कहना है कि मौत के 12 से 15 घंटे बाद भी जांच हो सकती है। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव तो पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सकता है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजना गलत है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका है।