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महिला ने मासूमों से कराया ऐसा काम जान कर रह जाएंगे हैरान
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:40 PM IST
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बच्चे
- फोटो : bbc
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कंधरापुर थाने की पुलिस ने मंगलवार की शाम भंवरनाथ मंदिर के पास से चार नाबालिग बच्चों को पकड़ा। उनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि इन्हें एक महिला अपने पुरुष मित्र की मदद से अगवा करके लाई है। इन बच्चों के जरिए वे चोरियां और कचरा चुनवाती थी। पुलिस ने चारों बच्चों को बाल सुधार गृह भेजवा दिया। आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही है।
सीओसिटी सच्चिदानंद के अनुसार चारों बच्चे झारखंड प्रदेश के साहबगंज जिले के तीनपार गांव के सुमित, मुंतजिर, अंकित और संदीप हैं। सीओ ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक कंधरापुर सरिता सिंह ने मंगलवार की शाम मुखबिर की सूचना पर भंवरनाथ मंदिर के पास से इन चारों को पकड़ा।
पूछताछ के दौरान इन बच्चों ने बताया कि उन्हें एक महिला अपने एक पुरुष मित्र के साथ घर से अगवा करके लाई है। महिला इन बच्चों से बाजार में छोटी-बड़ी चोरियां करवाने के साथ ही कचरा बिनवाने का काम करती थी।
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जिसे बाद में महिला का पुरुष मित्र लेकर बाजार में बेच देता था। सीओसिटी ने बताया कि यह चारों बच्चे क्षेत्र में काफी दिनों से रह रहे थे। क्षेत्र के लोगों ने कंधरापुर पुुलिस को इसके बारे में बताया। मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस मंगलवार की शाम इन बच्चों को पकड़ लिया।
सीओ ने बताया कि पकड़े गए इन चारो बच्चों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच है। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी को बाल सुधार गृह भेज दिया। सीओ ने बताया कि पुलिस उक्त महिला और उसके पुरुष साथी की तलाश मेें लगातार दबिशें दे रही हैं। अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
बाल तस्करी पर लगाई जाए लगाम
जनपद में जारी बाल तस्करी पर रोक लगाने के लिए सामाजिक संगठन प्रयास ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने मुक्त कराए बच्चों के जरिए इनके गिरोह को बेनकाब कर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग किया।
अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि सोमवार और मंगलवार को नगर से सटे भंवरनाथ मंदिर परिसर के बाहर से दस से बारह वर्ष के तीन और एक दिन पूर्व एक दस वर्षीय बालक का पकड़े जाना बेहद चिंताजनक है।
अगर पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेती तो इनक ा गिरोह भी बेनकाब होता। लेकिन आनन-फानन में इनकी बरामद कर बच्चों को देवरिया बाल संरक्षण गृह भेजकर पुलिस ने अपनी इतिश्री कर लिया।
जिला प्रभारी बाबूराम पार्थ ने बताया कि इन बच्चों ने अपना घर झारखंड प्रांत के ग्राम और पोस्ट महाराजपुर थाना तीन पहाड़ बताया। उपाध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव ने आजमगढ़ की माटी पर ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
ऐसे में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही इनके सरगना तक पुलिस नहीं पहुंचती है तो हम आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इस अवसर पर हरिश्चंद्र, सिंटू राय, शंभूदयाल सोनकर, निखिल राय, राजू शर्मा, वरूण, रविशंकर सिंह, सुनील यादव, रामजन्म मौर्या, नीलम सिंह, घनश्याम मौर्या, चंद्रप्रकाश आदि उपस्थित थे।
सीओसिटी सच्चिदानंद के अनुसार चारों बच्चे झारखंड प्रदेश के साहबगंज जिले के तीनपार गांव के सुमित, मुंतजिर, अंकित और संदीप हैं। सीओ ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक कंधरापुर सरिता सिंह ने मंगलवार की शाम मुखबिर की सूचना पर भंवरनाथ मंदिर के पास से इन चारों को पकड़ा।
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पूछताछ के दौरान इन बच्चों ने बताया कि उन्हें एक महिला अपने एक पुरुष मित्र के साथ घर से अगवा करके लाई है। महिला इन बच्चों से बाजार में छोटी-बड़ी चोरियां करवाने के साथ ही कचरा बिनवाने का काम करती थी।
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जिसे बाद में महिला का पुरुष मित्र लेकर बाजार में बेच देता था। सीओसिटी ने बताया कि यह चारों बच्चे क्षेत्र में काफी दिनों से रह रहे थे। क्षेत्र के लोगों ने कंधरापुर पुुलिस को इसके बारे में बताया। मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस मंगलवार की शाम इन बच्चों को पकड़ लिया।
सीओ ने बताया कि पकड़े गए इन चारो बच्चों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच है। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी को बाल सुधार गृह भेज दिया। सीओ ने बताया कि पुलिस उक्त महिला और उसके पुरुष साथी की तलाश मेें लगातार दबिशें दे रही हैं। अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
बाल तस्करी पर लगाई जाए लगाम
जनपद में जारी बाल तस्करी पर रोक लगाने के लिए सामाजिक संगठन प्रयास ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने मुक्त कराए बच्चों के जरिए इनके गिरोह को बेनकाब कर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग किया।
अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि सोमवार और मंगलवार को नगर से सटे भंवरनाथ मंदिर परिसर के बाहर से दस से बारह वर्ष के तीन और एक दिन पूर्व एक दस वर्षीय बालक का पकड़े जाना बेहद चिंताजनक है।
अगर पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेती तो इनक ा गिरोह भी बेनकाब होता। लेकिन आनन-फानन में इनकी बरामद कर बच्चों को देवरिया बाल संरक्षण गृह भेजकर पुलिस ने अपनी इतिश्री कर लिया।
जिला प्रभारी बाबूराम पार्थ ने बताया कि इन बच्चों ने अपना घर झारखंड प्रांत के ग्राम और पोस्ट महाराजपुर थाना तीन पहाड़ बताया। उपाध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव ने आजमगढ़ की माटी पर ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
ऐसे में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही इनके सरगना तक पुलिस नहीं पहुंचती है तो हम आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इस अवसर पर हरिश्चंद्र, सिंटू राय, शंभूदयाल सोनकर, निखिल राय, राजू शर्मा, वरूण, रविशंकर सिंह, सुनील यादव, रामजन्म मौर्या, नीलम सिंह, घनश्याम मौर्या, चंद्रप्रकाश आदि उपस्थित थे।