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जलस्तर में आई कमी लेकिन कटान जारी
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सगड़ी तहसील के परसिया में बाढ़ के पानी में डूबा स्कूल।
- फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। इसके साथ ही कटान भी बढ़ गई है। इससे तटवर्ती गांवों के निवासी चिंतित हैं। जलस्तर घटने के साथ ही पानी से घिरी बस्तियों में कीचड़ और कूड़े में सड़न होने लगी है। गड्ढों में एकत्रित पानी से दुर्गंध उठ रही है। शुद्ध पेयजल का संकट पैदा हो गया है। इसके बावजूद अभी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में नहीं पहुंच रही है।
घाघरा नदी का जलस्तर दो दिन से घटना शुरू हो गया है। नदी का पानी घटने से कटान और तेज हो गई है। सगड़ी तहसील के देवारा खास राजा के बगहवा गांव का अस्तित्व खतरे में है। बगहवा में 10 घरों से टकराकर नदी बह रही है। गांगेपुर रिंग बांध पर भी कटान तेज हो गई है।
हरैया विकासखंड के देवारा खास राजा के एक दर्जन बस्तियां जहां पानी निकलने से जमा पानी सड़ रहा है। उससे दुर्गंध आ रही है। वहीं हरैया विकासखंड के सहबदिया परसिया गांव में गड्ढों में भरे पानी से बीमारी फैलने की आशंका पैदा हो गई है। चक्की हाजीपुर कई दिनों से बाढ़ के पानी से घिरा था लेकिन वहां क्लोरिन की गोलियों का भी वितरण नहीं किया गया है। दवा का छिड़काव भी नहीं किया गया, जिससे मच्छर बढ़ गए हैं।
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अस्पताल में नहीं हैं दवाएं
लाटघाट। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर में परसिया, गांगेपुर, सहनूपुर, देवारा खास राजा, साहडीह, सोनौरा, अभ्भन पट्टी आदि गांवों के लोग इलाज कराते हैं लेकिन यहां पर्याप्त दवाएं नहीं हैं। चक्की गांव के पारस, विनोद, मोती, दिग्विजय, राजेश आदि ने बताया कि डाक्टर मिलते ही नहीं हैं। दवा भी नहीं रहती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया चिकित्सा प्रभारी देवानंद यादव ने बताया कि बाढ़ से घिरे गांवों में में उल्टी, दस्त, खुजली, खांसी, सर्दी, जुखाम, बुखार और त्वचा रोग होने की आशंका रहती है। इसके बचाव के लिए ग्रामीण गंदे पानी में ना जाएं। मछली खाना बंद कर दें। क्लोरिन की गोली डालकर पानी पीएं। महुला-गढ़वल बांध पर लोगों तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है। यहां भी डाक्टर नहीं उपलब्ध हैं।
घाघरा का जलस्तर मीटर में
गेज शुक्रवार शनिवार खतरा बिंदु
डिघिया 71.88 70.83 70.40
बदरहुआ 71.57 71.52 71.68
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घाघरा नदी का जलस्तर दो दिन से घटना शुरू हो गया है। नदी का पानी घटने से कटान और तेज हो गई है। सगड़ी तहसील के देवारा खास राजा के बगहवा गांव का अस्तित्व खतरे में है। बगहवा में 10 घरों से टकराकर नदी बह रही है। गांगेपुर रिंग बांध पर भी कटान तेज हो गई है।
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हरैया विकासखंड के देवारा खास राजा के एक दर्जन बस्तियां जहां पानी निकलने से जमा पानी सड़ रहा है। उससे दुर्गंध आ रही है। वहीं हरैया विकासखंड के सहबदिया परसिया गांव में गड्ढों में भरे पानी से बीमारी फैलने की आशंका पैदा हो गई है। चक्की हाजीपुर कई दिनों से बाढ़ के पानी से घिरा था लेकिन वहां क्लोरिन की गोलियों का भी वितरण नहीं किया गया है। दवा का छिड़काव भी नहीं किया गया, जिससे मच्छर बढ़ गए हैं।
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अस्पताल में नहीं हैं दवाएं
लाटघाट। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर में परसिया, गांगेपुर, सहनूपुर, देवारा खास राजा, साहडीह, सोनौरा, अभ्भन पट्टी आदि गांवों के लोग इलाज कराते हैं लेकिन यहां पर्याप्त दवाएं नहीं हैं। चक्की गांव के पारस, विनोद, मोती, दिग्विजय, राजेश आदि ने बताया कि डाक्टर मिलते ही नहीं हैं। दवा भी नहीं रहती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया चिकित्सा प्रभारी देवानंद यादव ने बताया कि बाढ़ से घिरे गांवों में में उल्टी, दस्त, खुजली, खांसी, सर्दी, जुखाम, बुखार और त्वचा रोग होने की आशंका रहती है। इसके बचाव के लिए ग्रामीण गंदे पानी में ना जाएं। मछली खाना बंद कर दें। क्लोरिन की गोली डालकर पानी पीएं। महुला-गढ़वल बांध पर लोगों तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है। यहां भी डाक्टर नहीं उपलब्ध हैं।
घाघरा का जलस्तर मीटर में
गेज शुक्रवार शनिवार खतरा बिंदु
डिघिया 71.88 70.83 70.40
बदरहुआ 71.57 71.52 71.68