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Azamgarh News: पहले कराई मजदूरी, जब भुगतान की आई बारी तो दे रहे धमकी
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आजमगढ़। पौधरोपण के लिए गड्ढा खोदाई करने वाले श्रमिकों ने मंगलवार को डीएम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने वन दारोगा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे पौधारोपण के लिए पहले गड्ढा खोदवाए। इसके बाद जब भुगतान की बारी आई तो जानमाल की धमकी दे रहे हैं। श्रमिकों ने अपना भुगतान कराने व संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की है।
मध्य प्रदेश के उमड़िया जिले के इंदबाद थाना क्षेत्र के पोडिया गांव निवासी गजेंद्र सिंह अपने पूरे परिवार के साथ काम करने के लिए आजमगढ़ जनपद आए थे। उन्होंने बताया कि हम सभी कुल 40 लोग एक वन दारोगा के बुलाने पर यहां आए थे। बताया कि वन दारोगा द्वारा गड्ढा खोदने का कार्य सौंपा गया।
15 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से उन्होंने लालगंज, महराजगंज, अतरौलिया व कप्तानगंज में गड्ढे खोदने का काम किया था। कुल छह लाख गड्ढे खोदने थे। जिसकी मजदूरी कुल नौ लाख रुपये हुई। वहीं मजदूरी 471 रुपये के दर से तय हुआ। उक्त दारोगा के यहां गड्ढा खोदाई की मजदूरी व मजदूरी मिलाकर तीन लाख 32 हजार 210 रुपये मजदूरी हुई। वहीं दूसरी जगह चार लाख 61 हजार 565 रुपये है। यहां से एक लाख सात हजार रुपये मिला और बाकी का अब तक नहीं मिला।
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वहीं एक और वन दारोगा के यहां मजदूरी व गड्ढा खोदाई की मजदूरी दो लाख 91 हजार 555 रुपये हुए। जहां से मात्र 69 हजार रुपये मिला बाकी का पैसा अभी तक नहीं मिला। काम करने के बावजूद जब मजदूरी नहीं मिली तो उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने और भुगतान कराने की मांग की। इस मौके पर गजेंद्र सिंह, गंगा, रेखा, संतोष, मुकेश, ध्रुव कुमार, सियाराम, प्रभा, सोरसीय, सोना व सुमन सहित आदि शामिल थे।
अपने परिवार के साथ यहां आकर मजदूरी की। हम सभी का करीब 12 लाख रुपये हुए लेकिन विभाग ने मात्र दो लाख रुपये ही मजदूरी दी बाकी का पैसा अभी नहीं दिए। जब बकाया भुगतान मांगा गया तो वन दारोगा द्वारा धमकाया जा रहा है। - गजेंद्र सिंह, श्रमिक।
उमडिया जिला की रहने वाली हूं। यहां गड्ढा खोदने आए थे, करीब 60 हजार गड्ढा खोदा लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया। इतना ही नहीं हमसे घरों का भी कार्य कराया गया लेकिन पैसा नहीं दिया जा रहा है। हमारी मांग है कि हमारा पैसा मिल जाए।- रेखा, श्रमिक।
गड्ढा खोदाई के रेट को लेकर मजदूरों में भ्रम है। भुगतान का मिलान किया जा रहा है। यदि इनका बकाया निकलता है तो भुगतान किया जाएगा।- गंगा दत्त मिश्रा, डीएफओ आजमगढ़।
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मध्य प्रदेश के उमड़िया जिले के इंदबाद थाना क्षेत्र के पोडिया गांव निवासी गजेंद्र सिंह अपने पूरे परिवार के साथ काम करने के लिए आजमगढ़ जनपद आए थे। उन्होंने बताया कि हम सभी कुल 40 लोग एक वन दारोगा के बुलाने पर यहां आए थे। बताया कि वन दारोगा द्वारा गड्ढा खोदने का कार्य सौंपा गया।
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15 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से उन्होंने लालगंज, महराजगंज, अतरौलिया व कप्तानगंज में गड्ढे खोदने का काम किया था। कुल छह लाख गड्ढे खोदने थे। जिसकी मजदूरी कुल नौ लाख रुपये हुई। वहीं मजदूरी 471 रुपये के दर से तय हुआ। उक्त दारोगा के यहां गड्ढा खोदाई की मजदूरी व मजदूरी मिलाकर तीन लाख 32 हजार 210 रुपये मजदूरी हुई। वहीं दूसरी जगह चार लाख 61 हजार 565 रुपये है। यहां से एक लाख सात हजार रुपये मिला और बाकी का अब तक नहीं मिला।
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वहीं एक और वन दारोगा के यहां मजदूरी व गड्ढा खोदाई की मजदूरी दो लाख 91 हजार 555 रुपये हुए। जहां से मात्र 69 हजार रुपये मिला बाकी का पैसा अभी तक नहीं मिला। काम करने के बावजूद जब मजदूरी नहीं मिली तो उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने और भुगतान कराने की मांग की। इस मौके पर गजेंद्र सिंह, गंगा, रेखा, संतोष, मुकेश, ध्रुव कुमार, सियाराम, प्रभा, सोरसीय, सोना व सुमन सहित आदि शामिल थे।
अपने परिवार के साथ यहां आकर मजदूरी की। हम सभी का करीब 12 लाख रुपये हुए लेकिन विभाग ने मात्र दो लाख रुपये ही मजदूरी दी बाकी का पैसा अभी नहीं दिए। जब बकाया भुगतान मांगा गया तो वन दारोगा द्वारा धमकाया जा रहा है। - गजेंद्र सिंह, श्रमिक।
उमडिया जिला की रहने वाली हूं। यहां गड्ढा खोदने आए थे, करीब 60 हजार गड्ढा खोदा लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया। इतना ही नहीं हमसे घरों का भी कार्य कराया गया लेकिन पैसा नहीं दिया जा रहा है। हमारी मांग है कि हमारा पैसा मिल जाए।- रेखा, श्रमिक।
गड्ढा खोदाई के रेट को लेकर मजदूरों में भ्रम है। भुगतान का मिलान किया जा रहा है। यदि इनका बकाया निकलता है तो भुगतान किया जाएगा।- गंगा दत्त मिश्रा, डीएफओ आजमगढ़।