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Azamgarh News: कहीं आठ में एक लाइट जल रही तो कहीं चार में से एक भी नहीं

Mon, 07 Sep 2026 12:58 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:58 AM IST
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In some places, one light out of eight is on, while in others, not even one out of four is working.
शहर के  मुख्य चौक पर खराब पड़ी हाईमास्ट लाइट।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चौराहों और तिराहों को रोशन करने के लिए लाखों रुपये खर्च कर हाई मास्ट लाइटें लगाई गईं। एक बार यह लाइटें खराब हुईं तो फिर इनकी सुधि नहीं ली गई। हाल यह है कि कहीं आठ में से एक लाइट जल रही तो कहीं चार में एक भी लाइट नहीं जल रही है। इसका परिणाम है कि यह हाई मास्ट लाइटें लगने के बाद भी चौराहे और तिराहे रात में अंधेरे में डूबे रहते हैं।
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आजमगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में नगरपालिका की ओर से हर चौराहे और तिराहे के साथ पार्कों में लगभग 20 से 25 हाई मास्ट लाइटें लगाई गई हैं। जब यह लाइटें लगाई गई तो इनकी रोशनी से चौराहे और तिराहे गुलजार रहते थे। ऐसा लगता था कि रात में ही दिन हो गया है। लेकिन, समय के साथ बड़े-बड़े पोल के सहारे लगी लाइटें एक-एक कर बंद होती गईं। जो लाइटें बंद हुईं वह दोबारा बदली नहीं जा सकी।
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कुछ ऐसा ही हाल ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगी लाइटों का भी है। कहीं लाइटों को ग्राम पंचायतों और कहीं नगर पंचायतों को देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद भी कहीं महीनों से तो कहीं सालों से यह लाइटें बंद हैं। इसके कारण चौराहों और तिराहों पर अंधेरा पसरा रहता है।
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आंबेडकर पार्क में जल रही मात्र एक लाइट
नगर के कलेक्ट्रेट के सामने आंबेडकर पार्क है। इस पार्क में बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा भी स्थापित है। इस पार्क को रोशन करने के लिए नगरपालिका की ओर से आठ हैलोजन के साथ एक हाई मास्ट लाइट लगाई गई है। इन आठ लाइटों में सात लाइटें बंद है। मात्र एक ही लाइट जल रही है।
चौक पर वैकल्पिक व्यवस्था से चल रहा काम
नगर के मुख्य चौक पर देर रात लोगों का जमावड़ा रहता है। यहां पर प्रकाश के लिए नगरपालिका की ओर से चार हैलोजन की एक हाई मास्ट लाइट लगाई थी। वर्तमान में यह चारों ही बंद चल रही हैं। इनकी मरम्मत करने की जगह पर पोल पर एक हैलोजन लगाकर मुख्य चौक को रोशन किया जा रहा है।
लटक रहीं लाइटें
नगर के सिविल लाइन चौराहे पर पूर्व पालिकाध्यक्ष गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के समय हाई मास्ट लाइट लगाई गई थी। एक-एक कर इसमें लगे हैलोजन बंद होते गए। इसके बाद नगरपालिका ने इसकी मरम्मत के लिए उसे ऊपर से आधा नीचे उतारा और आधे पर ही उसे लटकता छोड़ दिया। यहां आज भी पोल में लगी लाइटें आधे पर लटक रही है।
चेकपोस्ट पर लगी लाइट खराब
रानी की सराय की चेकपोस्ट से लोग सुल्तानपुर, लखनऊ, जौनपुर, प्रयागराज और वाराणसी के लिए बसें पकड़ते हैं। लगी हाईमास्ट लाइट विगत चार माहीने से खराब है। वहीं एक और लाइट यहां लगी है वह भी बंद है। दोनों प्रमुख प्रकाश स्रोत बंद होने से शाम ढलने के बाद तिराहे पर अंधेरा छा जाता है। रात में बसों से उतरने वाले यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को परेशानी होती है।
सांसद निधि से लगी हाईमास्ट लाइट खराब
ठेकमा के शंकर चौक पर बसपा सरकार के समय तत्कालीन सांसद डॉ. बलराम की ओर से लगवाई गई हाईमास्ट लाइटें पिछले कई वर्षों से खराब पड़ी है। लाइटें खराब होने के बाद अब तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। जिससे रात में दोनों प्रमुख चौराहों पर अंधेरा रहता है।
जब हाईमास्ट लाइट जलती थी तो रात में काफी दूर तक रोशनी रहती थी। इससे राहगीरों और दुकानदारों को काफी सुविधा होती थी। रात में आने-जाने वाले लोगों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होती थी। कई बार लाइट ठीक कराने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हो सकी। - अरविंद गुप्ता, व्यवसायी ठेकमा
हाईमास्ट लाइट लगाने के बाद उसकी नियमित देखरेख की व्यवस्था नहीं होने से धीरे-धीरे वह खराब हो जाती है। लगाने वाला अपना काम पूरा करके चला जाता है लेकिन बाद में उसकी जिम्मेदारी उठाने के लिए कोई तैयार नहीं होता। बबलू जायसवाल, व्यवसायी ठेकमा
पार्कों में बहुत से लोग सुबह में समय न मिलने पर शाम के समय जाते हैं। ऐसे में पार्क की लाइट तो ठीक होनी ही चाहिए। क्योंकि अगर कोई परिवार के साथ पार्क में गया है तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आशुतोष श्रीवास्तव हरिऔध नगर।
चौक क्षेत्र में पूरे जनपद से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों के समय में तो यहां और ज्यादा भीड़ रहती है। नगर पालिका लोगों से टैक्स भी वसूलती है। लोगों के पैसे से यह लाइट लगी है। इसकी मरम्मत कराई जानी चाहिए। नीरज राय, रानी की सराय।
जिस समय ग्राम पंचायत क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट लगवाई गई थी, उस समय ग्राम प्रधान से लिखित रूप से लिया गया था कि लाइट खराब होने पर उसकी मरम्मत ग्राम पंचायत की ओर से कराई जाएगी। इसी प्रकार नगर पंचायत क्षेत्र में लगाई गई लाइट की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी नगर पंचायत की थी। अब नहीं जल रही हैं तो जो जिम्मेदार हैं उनकी मरम्मत करानी चाहिए। - डॉ. बलिराम, पूर्व सांसद

- हमारी ओर से हाई मास्ट लाइटों का सर्वे कराया जा रहा है। सभी लाइटों को बदला जाएगा। इसके लिए नगरपालिका बोर्ड की बैठक में इसे स्वीकृत करा लिया गया है। 500 लाइटें बदली जाएंगी। हमारी ओर से इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। - डॉ. बृजेश कुमार, ईओ नगरपालिका आजमगढ़।
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