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Azamgarh News: पानी की निकास का ग्रामीणों ने किया विरोध, रोका निर्माण
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चक्रपानपुर। सिधारी थाना क्षेत्र के हुसैनगंज स्थित एक कत्था फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला अपशिष्ट ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट का कारण बन गया है। फैक्ट्री मालिक की ओर से सोमवार को सड़क पर जल निकासी के लिए की जा रही खुदाई का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध की सूचना पर पहुंची पुलिस ने काम को रोकवा दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक बिना आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति के अपशिष्ट जल को सड़क के रास्ते पोखरी में बहा रहा है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी सचिन मद्धेशिया ने बताया कि पोखरी का पानी इतना दूषित हो चुका है कि उसमें जाने वाले पालतू पशु बीमार पड़ रहे हैं। वहीं, ओवरफ्लो पानी के कारण बच्चे और बुजुर्ग आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार सुबह स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब फैक्टरी मालिक पीडब्ल्यूडी की सड़क खोदकर नया पाइप बिछाने की तैयारी कर रहा था।
उसी समय गांव के एक बुजुर्ग की शवयात्रा दूषित सड़क से गुजर रही थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन रुकवाकर अपशिष्ट बहाने का विरोध किया। ग्राम प्रधान संदीप ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी घरेलू पानी की आड़ में फैक्टरी का गंदा पानी पोखरी में छोड़ा गया था, जिससे पोखरी पूरी तरह दूषित हो गई थी। सफाई के बाद एक बार फिर वही प्रयास किया जा रहा था।
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ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक बिना आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति के अपशिष्ट जल को सड़क के रास्ते पोखरी में बहा रहा है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी सचिन मद्धेशिया ने बताया कि पोखरी का पानी इतना दूषित हो चुका है कि उसमें जाने वाले पालतू पशु बीमार पड़ रहे हैं। वहीं, ओवरफ्लो पानी के कारण बच्चे और बुजुर्ग आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार सुबह स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब फैक्टरी मालिक पीडब्ल्यूडी की सड़क खोदकर नया पाइप बिछाने की तैयारी कर रहा था।
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उसी समय गांव के एक बुजुर्ग की शवयात्रा दूषित सड़क से गुजर रही थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन रुकवाकर अपशिष्ट बहाने का विरोध किया। ग्राम प्रधान संदीप ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी घरेलू पानी की आड़ में फैक्टरी का गंदा पानी पोखरी में छोड़ा गया था, जिससे पोखरी पूरी तरह दूषित हो गई थी। सफाई के बाद एक बार फिर वही प्रयास किया जा रहा था।
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