आजमगढ़। अयोध्या कटरा कुटी के महंत स्वामी चिन्मयानंद महाराज ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना सन 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हुई थी और तब से अनवरत रूप से विश्व हिंदू परिषद हिंदू समाज को समरस, संगठित, शक्तिशाली और सामर्थ्यवान बनाने के लिए कार्य कर रहा है। विहिप के नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन सफल हुआ और हिंदुओं के स्वाभिमान की पुनर्र्पतिष्ठा हुई। विहिप ने धर्मांतरण, गोरक्षा, लव जिहाद समेत अन्य धार्मिक मुद्दों पर देशभर में आवाज उठाया।
स्वामी चिन्मयानंद महाराज ने उक्त बातें मुबारकपुर में श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि समग्र विश्व के कल्याण की बात करने का साहस केवल हिंदू समाज में ही है और अब पूरा विश्व भारतीय संस्कृति की ओर देख रहा है, हमारा भारत पुन: विश्व गुरू बनकर रहेगा। अध्यक्षता हरेंद्र सिंह एवं संचालन विहिप जिला मंत्री गौरव रघुवंशी ने किया। इस अवसर पर विभाग अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, जिला कार्याध्यक्ष प्रभुनाथ सिंह, नगर अध्यक्ष मनोज जायसवाल, नगर संयोजक आशीष जायसवाल, दीनानाथ सिंह, लक्ष्मण मौर्य, दिवाकर सिंह, विमल मौर्य, हरेंद्र मौर्य, संतोष गुप्ता, शशांक तिवारी, उत्कर्ष, बृजेश चौरसिया, कृष्णा, सौरभ अग्रवाल, राजू विश्वकर्मा, राजकुमार वर्मा, राधेश्याम सैनी, हिमांशु पटवा, जिम्मी, विवेक शर्मा, राजू गोंड़, विभा बरनवाल, शिवचन गोंड़, अनूप पांडेय, मकरध्वज यादव, रतन पटवा, गोपाल जायसवाल, भोला जायसवाल आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।