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UREA Problem: यूरिया के लिए भटक रहे किसान...समितियों पर लगी लंबी लाइन, अन्नदाता बोले- फसलें बर्बाद हो रही हैं

Sat, 06 Sep 2025 12:00 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 06 Sep 2025 12:00 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कई समितियों पर लाइन लगाने के बावजूद किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। अन्नदाताओं ने कालाबाजारी और साजिश की बात कही। बताया कि यही हाल रहा तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी।

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Urea supplies are exhausted at 3 distribution centers, leaving farmers stranded
डीएपी और यूरिया खाद लेने को लाइन में खड़े किसान। - फोटो : संवाद

विस्तार

Azamgarh News: विकास खंड ठेकमा के अंतर्गत 12 साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें से पांच समितियां निक्रिय हैं, जबकि सात पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। हाल यह है कि सात में से चार समिति पर यूरिया उपलब्ध है तीन समिति पर यूरिया नहीं हैं।

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यूरिया के लिए किसान भटक रहे हैं। वहीं, विभाग के जिम्मेदार हर समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया होने का दावा कर रहे हैं। साधन सहकारी समिति पसिका, मुड़हर, इरनी मनीरामपुर और जिवली यूरिया है। असवनियां, इरनी अटाटपुर में यूरिया नहीं है। इस संबंध में एडीओ को-ऑपरेटिव सौरभ कुमार ने कहा कि जिन समितियों पर उर्वरक नहीं है वहां पर शुक्रवार तक यूरिया पहुंच जाएगी।
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किसान एक आधार कार्ड पर केवल दो बोरी यूरिया प्राप्त कर सकते हैं, और उन्हें उस समिति से खाद लेना होता है जो उनके घर के निकट स्थित है। इस कारण किसानों को यूरिया के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर मारामारी और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी देखने को मिल रही हैं। पसिका समिति के सचिव विजय बहादुर यादव ने बताया, “हमारे यहां किसान हर दिन लाइन में लगते हैं, लेकिन स्थिति बिगड़ती जा रही है।

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किसान परेशान

वहीं, अश्वनिया समिति के सचिव मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि यूरिया तो आ रही है, लेकिन किसानों की घबराहट बढ़ जाती है कि उन्हें कब खाद मिलेगी। जूली समिति के सचिव ने भी खाद को आधा वितरण कर घर जाने की बात बताई, जिससे किसानों की निराशा और बढ़ गई है।

किसान पंकज राय ने कहा कि यूरिया की पर्याप्त मात्रा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन बीच में कालाबाजारी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। किसानों का मानना है कि यह सब किसी बड़े साजिश का परिणाम है। किसान देवेंद्र राय व सुशील सिंह ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा कि यदि यह समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो किसानों की फसलें खराब हो जाएंगी और वो बर्बाद के कगार पर पहुंच जाएंगे। किसानों की अपील है कि सरकार इस गंभीर समस्या का समाधान करें, अन्यथा स्थिति भयावह हो सकती है।

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