अनुप्रिया पटेल बोलीं: जातिगत जनगणना की जरूरत, अपने अधिकारों के लिए समाज में करना पड़ रहा संघर्ष
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केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को कहा कि अब दलित और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के कट ऑफ मार्क्स सामान्य वर्ग से ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में आरक्षण अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। आजमगढ़ जिले के सगड़ी विधानसभा क्षेत्र में रामनगर स्थित मोती लाल नेहरू इंटर कॉलेज में विजय संकल्प जनसभा में अपना दल (एस) की अध्यक्ष ने जातिगत जनगणना करने और ओबीसी कल्याण मंत्रालय बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक तौर पर मजबूत करने के लिए बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हमें आरक्षण तो दिया, लेकिन आज भी हमें अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आज समाज के दबे-कुचले लोगों को विकास की धारा में आने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से ज्यादा अंक लाने पड़े रहे हैं।
ऐसे में आरक्षण पर नए सिरे सोचने की जरूरत है। यह गंभीर एवं ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। जातीय जनगणना वर्तमान समय की जरूरत है। उन्होंने अल्पसंख्यक मंत्रालय की तर्ज पर ओबीसी कल्याण मंत्रालय के गठन की मांग की।
राज्यमंत्री ने कहा कि दूसरी आजादी के लिए दलित, पिछड़े व आदिवासी समाज को एकजुट होने की जरूरत है। आजमगढ़ सामाजिक न्याय के संघर्ष की धरती है। यहां से हमेशा इसकी ऊर्जा मिलती रही है। विधानसभा चुनाव में अपना दल (एस) आजमगढ़ मंडल में सीटें जीतकर डॉ. सोनेलाल पटेल के सपनों को साकार करेगा।
1857 की क्रांति के महानायक राजा जयलाल सिंह, पंडित राहुल सांकृत्यायन, अल्लामा शिब्ली नोमानी व अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की धरती को नमन करते हुए कहा कि अखंड भारत के शिल्पी सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जिस सशक्त राष्ट्र की स्थापना की, उसे आजमगढ़ के जवानों ने अपनी कुर्बानी से सींचा है। कारगिल युद्ध में गुलाब पटेल व रामसमुझ यादव ने शहादत दी। आजमगढ़ अपना दल (एस) के लिए पूरब का द्वार है।