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Azamgarh: आरएसएस का स्थापना दिवस मनाया गया, कार्यकर्ताओं को दिया गया राष्ट्रनिर्माण का मंत्र
Mon, 14 Oct 2024 07:56 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क,आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क,आजमगढ़
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Mon, 14 Oct 2024 07:56 PM IST
सार
आजमगढ़ में आरएसएस का स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर संघ की स्थापना के उद्देश्य के साथ ही विचारधारा को हर जन तक ले जाने की बात कही गई।
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आरएसएस के स्थापना दिवस के मौके पर मौजूद कार्यकर्ता
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
आजमगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संघ की स्थापना दिवस और शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन श्री अग्रसेन महाविद्यालय में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन आरएसएस की परंपरा के अनुसार किया गया, जो 1925 में संघ की स्थापना के बाद से होता है।
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कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु राम जी के चित्र के समक्ष मंत्र उच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद अनिकेत जी ने गण गीत प्रस्तुत किया, और नगर कार्यवाह डॉक्टर पारिजात जी ने उपस्थित अधिकारीगण का परिचय कराया।
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नगर सह कार्यवाह राजन जी द्वारा अमृत वचन का पाठ किया गया और विक्रम पटेल जी ने एकल गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर जेपी सिंह ने की। मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत कार्यवाह विनय जी ने शस्त्र पूजन की महत्ता पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने कहा कि विजय दशमी पर शस्त्रों की पूजा का उद्देश्य राक्षसी प्रवृत्तियों के नाश और वीरता के गुणों का विकास करना है। शस्त्र पूजन की परंपरा हिंदू समाज में सदियों से चली आ रही है, जिसमें देवी-देवताओं द्वारा धारण किए गए शस्त्रों का महत्व बताया गया है।
इस आयोजन का उद्देश्य स्वयंसेवकों में वीरता और एकता के गुणों का विकास करना था, जो आरएसएस के सिद्धांतों के अनुरूप है।