उन्नाव हादसे पर एक्शन मोड में परिवहन मंत्री: सड़क पर चलाया अभियान, 10 बसें और एक कार को कराया सीज; हड़कंप
Azamgarh News:आजमगढ़ में वाहनों के खिलाफ चले अभियान के बाद मालिकों में हड़कंप मच गया। परिवहन मंत्री को जांच करते देख सभी के पसीने छूटने लगे। त्वरित तौर पर कागज नहीं दिखाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। इसके साथ ही उन्हें कागज और नियम के तहत सड़क पर चलने की हिदायत दी गई।
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उन्नाव में हुई घटना को लेकर परिवहन विभाग सतर्क हो गया है। गुरुवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भंवरनाथ में खड़े होकर परिवहन विभाग और पुलिस के सहयोग से 10 बसों व एक अर्टिगा को पकड़वा कर कंधरापुर थाने भेजा। जहां सभी गाड़ियों को सीज कर दिया गया।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार की सुबह बिहार से दिल्ली जा रही निजी बस ने दूध के टैंकर में टक्कर मार दी। इस घटना में 18 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को लेकर परिवहन विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
इसी क्रम में गुरुवार की सुबह भ्रमण पर निकले प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भंवरनाथ चौराहे पर अनगिनत वाहनों को खड़े देखा। उन्होंने परिवहन विभाग और पुलिस टीम के साथ इन निजी बसों की जांच और धर पकड़ शुरू कराई।
इस दौरान उनके द्वारा कुल 11 वाहनों को पकड़कर कंधरापुर थाने भेजा गया, जिसमें 10 बस और एक अर्टिगा कार शामिल रही। परिवहन मंत्री द्वारा पकड़ी गई गाड़ियों को कंधरापुर थाने पहुंचकर सीज कराया गया। इस कार्रवाई से निजी वाहन संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
गाड़ी मालिकों द्वारा इस कार्रवाई के शुरू होने पर भंवरनाथ पहुंचने वाली अन्य गाड़ियों के चालकों को फोन कर रास्ते में ही कहीं गाड़ी को रोकने के निर्देश दिए जाने लगे।
बोले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह
इन लोगों के द्वारा रॉन्ग साइड में गाड़ियों को खड़ा किया गया था। दूसरे प्रदेशों के नंबर लगी गाड़ियों को यहां से चलाया जा रहा है। न तो इनका फिटनेस है और ना ही इंश्योरेंस है। यह लोग बिना परमिशन के ही यहां से नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली तक सवारियों को बिना परमिट के ही ढ़ोया जाता है। ऐसी गाड़ियों को आज परिवहन विभाग के साथ मिलकर सीज किया गया है। अक्सर जगह-जगह दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिसे देखते हुए आज यह कार्रवाई की गई है।
बोले अधिकारी
शासन की तरफ से निर्देश मिले थे। जो गाड़ियां रोड़ पर चल रही हैं उनकी जांच की जाए। जिसमें यह निर्देश था कि अगर कोई परमिट की शर्तों को उल्लंघन कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अगर किसी गाड़ी का फिटनेस फेल है तो गाड़ी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। जिसके तहत आज कार्रवाई की गई है। हमारा यह अभियान 31 जुलाई तक जारी रहेगा। - आरएन चौधरी, एआरटीओ प्रवर्तन।