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Azamgarh News: बीत गया समय, 30 फीसदी नालों की नहीं हुई सफाई
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आजमगढ़। बरसात में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए शासन ने 25 मई तक सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई का निर्देश दिया है। रविवार को सफाई कराने का अंतिम दिन है, लेकिन शहर के नालों की शत-प्रतिशत सफाई पूरी नहीं हो सकी है। वहीं, निदेशालय से निरीक्षण करने आए मुख्य अभियंता को भी अधिशासी अधिकारी ने समय सीमा के भीतर सफाई का काम पूरा करने का की बात कहीं थी लेकिन अभी तक 70 प्रतिशत नालों की सफाई हो पाई है, जिससे बरसात में जल निकासी की समस्या गंभीर हो सकती है।
नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में छोटे- बड़े 52 नाले हैं। इसके अलावा हर वार्डों में अनगिनत नालियां हैं। शहर के मड़या, सिधारी, रैदोपुर, एलवल, फरासटोला, दलालघाट, मुकेरीगंज आदि जगहों पर कई मुहल्ले काफी नीचे हैं। बरसात के दिनों में यहां जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है क्योंकि, जल निकासी का सही प्रबंध नहीं हो पाता है। इसे देखते हुए शासन की तरफ से 25 मई तक सभी छोटे- बड़े नालों व वार्डों की नालियों की सफाई का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया था। आज यह समय सीमा खत्म हो जाएगी लेकिन सफाई का काम पूरा नहीं हो पाया है। शुरू से ही नगर क्षेत्र में सफाई का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। 70 प्रतिशत ही नालों की सफाई हो पाई है जबकि 30 प्रतिशत बाकी है। अभी एक सप्ताह पूर्व निदेशालय से मुख्य अभियंता कमलजीत सिंह ने भी साफ सफाई का जायजा लिया था। उस समय सिर्फ 50 प्रतिशत ही नालों की सफाई हो पाई थी। तब अधिशासी अधिकारी 25 मई तक नालों की सफाई पूरा करने की बात कहीं थी। शहर के सिधारी, रैदोपुर,सिविल लाइन, मड़या आदि वार्डों में अभी नालों की सफाई नहीं हुई है। उधर मौसम के रोज बिगड़ते मिजाज के बीच नगरवासियों को बरसात में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की सफाई में देरी के कारण बारिश के दौरान गलियों और सड़कों पर पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। नगर पालिका की इस लापरवाही से शहरवासियों में नाराजगी भी देखी जा रही है। इससे खराब स्थिति तो मुख्य नालों से जुड़ने वाली मुहल्लों की छोटी नालियों की है। इसकी सफाई नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को करना है लेकिन यह भी काम पूरा नहीं हो पाया है।
25 मई तक नालों की सफाई होनी थी लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो पाया। 30 मई तक नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। नालों की सफाई को लेकर जब तक वार्डों के सभासद संतुष्ट नहीं होंगे तब तक संबंधित ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जाएगा।- विवेक त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी
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नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में छोटे- बड़े 52 नाले हैं। इसके अलावा हर वार्डों में अनगिनत नालियां हैं। शहर के मड़या, सिधारी, रैदोपुर, एलवल, फरासटोला, दलालघाट, मुकेरीगंज आदि जगहों पर कई मुहल्ले काफी नीचे हैं। बरसात के दिनों में यहां जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है क्योंकि, जल निकासी का सही प्रबंध नहीं हो पाता है। इसे देखते हुए शासन की तरफ से 25 मई तक सभी छोटे- बड़े नालों व वार्डों की नालियों की सफाई का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया था। आज यह समय सीमा खत्म हो जाएगी लेकिन सफाई का काम पूरा नहीं हो पाया है। शुरू से ही नगर क्षेत्र में सफाई का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। 70 प्रतिशत ही नालों की सफाई हो पाई है जबकि 30 प्रतिशत बाकी है। अभी एक सप्ताह पूर्व निदेशालय से मुख्य अभियंता कमलजीत सिंह ने भी साफ सफाई का जायजा लिया था। उस समय सिर्फ 50 प्रतिशत ही नालों की सफाई हो पाई थी। तब अधिशासी अधिकारी 25 मई तक नालों की सफाई पूरा करने की बात कहीं थी। शहर के सिधारी, रैदोपुर,सिविल लाइन, मड़या आदि वार्डों में अभी नालों की सफाई नहीं हुई है। उधर मौसम के रोज बिगड़ते मिजाज के बीच नगरवासियों को बरसात में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की सफाई में देरी के कारण बारिश के दौरान गलियों और सड़कों पर पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। नगर पालिका की इस लापरवाही से शहरवासियों में नाराजगी भी देखी जा रही है। इससे खराब स्थिति तो मुख्य नालों से जुड़ने वाली मुहल्लों की छोटी नालियों की है। इसकी सफाई नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को करना है लेकिन यह भी काम पूरा नहीं हो पाया है।
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25 मई तक नालों की सफाई होनी थी लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो पाया। 30 मई तक नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। नालों की सफाई को लेकर जब तक वार्डों के सभासद संतुष्ट नहीं होंगे तब तक संबंधित ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जाएगा।- विवेक त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी
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