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इस साल 500 बीघा भूमि लील गई घाघरा
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 05 Sep 2016 11:58 PM IST
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मुराली का पुरा में जारी है कटान।
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सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर घटने का क्रम जारी है। जलस्तर घटने के साथ ही अचल नगर में कटान तेज हो गई है। नदी इस वर्ष अब तक पांच सौ बीघे कृषि योग्य भूमि को लील चुकी है।
जलस्तर में कमी के बाद भी घाघरा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
हरैया ब्लाक के अचल नगर गांव के देवारा रामसरन दुबे, देवारा श्रीनगर, देवारा अचल सिंह, देवारा गोपालपुर दुबे, देवारा गरीब दुबे, देवारा भिक्षुकदास में अगस्त माह से अब तक पांच सौ बीघा कृषि योग्य भूमि घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है। जिसमें देवारा श्रीनगर के रामकेवल, चंद्रभान, लालचंद, रामजीत, देवारा अचल सिंह के सीताराम, धर्मदेव, कुंवर, कतवारू, जगई, जंगी, रामबिलास, देवारा गोपाल दुबे के पतिराज, पतिराम, रामसरन, राजयादव, प्रधान महेश यादव, चक्रधारी, सुभावती, फूलबदन, देवारा रामसरन दुबे के फूलचंद, बदन, सागर, पतिराम आदि की जमीन को नदी ने अपना निशाना बनाया। ग्राम प्रधान महेश यादव ने कहा कि कटान की सूचना हमने प्रशासन को दे दिया है पर अब तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा है।
जबकि 27 अगस्त को जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने लेखपाल और समाज कल्याण अधिकारी को गांव में जाने को कहा था। लेकिन अभी तक कटान पीड़ितों की समस्या सुनने के लिए कोई भी गांवों में नहीं पहुंचा। वहीं नदी के जलस्तर में घटाव का क्रम लगातार का क्रम जारी है। रविवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 70.33मीटर और डिघिया नाले पर 68.89 मीटर था। जो सोमवार को घटकर बदरहुंआ नाले पर 70.21 मीटर और डिघिया नाले पर 68.89 मीटर पर आ गया।
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जलस्तर में कमी के बाद भी घाघरा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
हरैया ब्लाक के अचल नगर गांव के देवारा रामसरन दुबे, देवारा श्रीनगर, देवारा अचल सिंह, देवारा गोपालपुर दुबे, देवारा गरीब दुबे, देवारा भिक्षुकदास में अगस्त माह से अब तक पांच सौ बीघा कृषि योग्य भूमि घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है। जिसमें देवारा श्रीनगर के रामकेवल, चंद्रभान, लालचंद, रामजीत, देवारा अचल सिंह के सीताराम, धर्मदेव, कुंवर, कतवारू, जगई, जंगी, रामबिलास, देवारा गोपाल दुबे के पतिराज, पतिराम, रामसरन, राजयादव, प्रधान महेश यादव, चक्रधारी, सुभावती, फूलबदन, देवारा रामसरन दुबे के फूलचंद, बदन, सागर, पतिराम आदि की जमीन को नदी ने अपना निशाना बनाया। ग्राम प्रधान महेश यादव ने कहा कि कटान की सूचना हमने प्रशासन को दे दिया है पर अब तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा है।
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जबकि 27 अगस्त को जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने लेखपाल और समाज कल्याण अधिकारी को गांव में जाने को कहा था। लेकिन अभी तक कटान पीड़ितों की समस्या सुनने के लिए कोई भी गांवों में नहीं पहुंचा। वहीं नदी के जलस्तर में घटाव का क्रम लगातार का क्रम जारी है। रविवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 70.33मीटर और डिघिया नाले पर 68.89 मीटर था। जो सोमवार को घटकर बदरहुंआ नाले पर 70.21 मीटर और डिघिया नाले पर 68.89 मीटर पर आ गया।
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