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Azamgarh News: हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिये विदेश भेजते थे रकम, 7 गिरफ्तार
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आजमगढ़। संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और जुआ रैकेट चलाने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 15 लाख रुपये के 12 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 2 लैपटॉप चार्जर, 5 मोबाइल चार्जर, 1 माउस, 2 जाली आधार कार्ड बरामद हुए।
पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिये पैसा विदेश भेजता और मंगाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का रिकॉर्ड और संपर्कियों का डेटा खंगाला जा रहा है।
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि गिरोह के संंबंध में जनवरी में अतरौलिया निवासी शिवकुमार ने पुलिस से शिकायत की थी। जांच में एक मोबाइल नंबर का सुराग मिला, जिसकी लोकेशन लखनऊ कमिश्नरेट में मिली। सात अप्रैल को सर्विलांस की मदद और जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के लखनऊ के बिजनौर रोड स्थित हेड ऑफिस पर छापा मारा। वहां से आरोपियों को पूछताछ के लिए आजमगढ़ लाया गया। आरोप सही मिलने पर नौ अप्रैल को साइबर थाना आजमगढ़ में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह देशभर में अपने ब्रांच ऑफिसों के जरिये प्रतिदिन लाखों रुपये का ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ संचालित करता था। आरोपियों ने बताया कि ये सभी बाबा भैया नाम के किसी व्यक्ति के इशारे पर काम करते थे। लेकिन न तो कोई उसे जानता है और न पहचानता है। फोन पर ही इनसे बातचीत होती है।
आरोपी ऐसे करते थे अपराध : आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल से पता चला कि लखनऊ स्थित हेड ऑफिस से देशभर की ब्रांच ऑफिसों के फर्जी खातों में इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग के जरिये धनराशि प्राप्त की जाती थी। इसके बाद इस पैसे को चिह्नित बैंक खातों में भेजना, पैसा निकालना, क्रिप्टोकरेंसी में बदलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने जैसे कार्य किए जाते थे। गिरोह बैलेंस शीट तैयार करने और ट्रांजेक्शन की निगरानी भी हेड ऑफिस से ही करता था।
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पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिये पैसा विदेश भेजता और मंगाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का रिकॉर्ड और संपर्कियों का डेटा खंगाला जा रहा है।
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एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि गिरोह के संंबंध में जनवरी में अतरौलिया निवासी शिवकुमार ने पुलिस से शिकायत की थी। जांच में एक मोबाइल नंबर का सुराग मिला, जिसकी लोकेशन लखनऊ कमिश्नरेट में मिली। सात अप्रैल को सर्विलांस की मदद और जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के लखनऊ के बिजनौर रोड स्थित हेड ऑफिस पर छापा मारा। वहां से आरोपियों को पूछताछ के लिए आजमगढ़ लाया गया। आरोप सही मिलने पर नौ अप्रैल को साइबर थाना आजमगढ़ में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह देशभर में अपने ब्रांच ऑफिसों के जरिये प्रतिदिन लाखों रुपये का ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ संचालित करता था। आरोपियों ने बताया कि ये सभी बाबा भैया नाम के किसी व्यक्ति के इशारे पर काम करते थे। लेकिन न तो कोई उसे जानता है और न पहचानता है। फोन पर ही इनसे बातचीत होती है।
आरोपी ऐसे करते थे अपराध : आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल से पता चला कि लखनऊ स्थित हेड ऑफिस से देशभर की ब्रांच ऑफिसों के फर्जी खातों में इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग के जरिये धनराशि प्राप्त की जाती थी। इसके बाद इस पैसे को चिह्नित बैंक खातों में भेजना, पैसा निकालना, क्रिप्टोकरेंसी में बदलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने जैसे कार्य किए जाते थे। गिरोह बैलेंस शीट तैयार करने और ट्रांजेक्शन की निगरानी भी हेड ऑफिस से ही करता था।