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Azamgarh News: फिजा में गूंजीं या हुसैन की सदाएं, कर्बला में दफन हुए 1091 ताजिये

Mon, 07 Jul 2025 12:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:20 AM IST
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The voices of Hussain echoed in the air, 1091 Tajias were buried in Karbala
आजमगढ़। हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद दिलाने वाले मुहर्रम पर गमगीन माहौल में रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 1091 ताजिए दफन किए गए। ताजियों के आगे नवयुवकों की टोली ढोल और ताशों के साथ लाठी-डंडे, गतके, तलवार आदि कलाओं को पेश करते हुए चल रही थी। शहर के अनेक क्षेत्रों में ताजिए रखकर अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन के नाम पर मजलिसों का आयोजन किया। जब कर्बला की तरफ जुलूस रवाना हुआ तो पूरा शहर या हुसैन की सदाओं से गूंज गया। शहर में मोहर्रम के मौके पर पूरा माहौल गमगीन दिखाई दिया।
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इस बार मुहर्रम का पर्व 27 जून से शुरू होकर छह जुलाई तक चला। इस दौरान जिले में कुल 1091 स्थानों पर ताजिए रखे गए और 563 स्थानों से जुलूस निकाले गए। पुलिस ने इनमें 106 स्थानों को अति संवेदनशील, 101 को सामान्य संवेदनशील और 117 को सामान्य श्रेणी में चिह्नित किया था। ड्रोन कैमरों के जरिये निगरानी की गई और भारी संख्या में पुलिस बल व पीएसी के जवान तैनात किए गए। शहर स्थित इमाम चौक से शाम चार बजे ताजिया जुलूस निकला, जो निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला मैदान तक पहुंचा, जहां ताजियों को विधिवत दफन किया गया। मन्नतें पूरी होने वाले छोटी ताजिया बनवाकर फातिहा करवाया और शीरनी बांटी। फूलपुर : दसवीं मोहर्रम का जुलूस फूलपुर कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में निकाला गया। विभिन्न अंजुमनों द्वारा निकाले गए ताजिया जुलूस में जंजीर का मातम किया गया। कई स्थानों पर आग पर चलकर मातम किया गया। मेजवां गांव में अंजुमन अब्बासिया के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया। इमाम बारगाह में मौलाना फरहत हुसैन ने मजलिस को संबोधित कर करबला की शहादत को याद किया। जुलूस कैफी आजमी रोड से होते हुए रौजा-ए-हजरत अब्बास पहुंचा, जहां ताजिया दफन किया गया। फूलपुर नगर में अंजुमन मासूमिया ने जुलूस निकाला, जो सिनेमा रोड और मुंडियार मार्ग से करबला पहुंचा। चमावा गांव में अंजुमन फरोग-ए-जा ने दुलदुल घोड़ा की शबीह निकाली। दसमड़ा में गुलजार पंजतन ने अलम, जुलजनाह और अली अकबर का ताबूत बरामद किया। कंदरी, मक्खापुर, नाहरपुर और बहौद्दीनपुर में भी जुलूस निकाले गए। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
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सरायमीर : अंजुमन तनजीमे हुसैनी ने ताजिया जुलूस निकाला। जुलूस चौक के अजाखाना अबु तालिब से शुरू होकर पुराना थाना, रौजा अली आशिकान, मेन रोड होते हुए खरेवां के सदर इमामबाड़ा पहुंचा, जहां जियारते आशूरा के बाद ताजिया दफन हुआ। सैय्यद मोहम्मद हुसैन ने कहा कि इमाम हुसैन ने शहादत से तानाशाही को चकनाचूर किया। अंजुमन अजाए हुसैन, गुंचये अब्बासिया और तनजीमे हुसैनी ने जंजीर-छुरी मातम कर श्रद्धांजलि दी। ओस्ती, रसूलपुर, ओहदपुर, बेलहरी, पुरंदरपुर, फत्तेपुर, लेडूवावर, कोरौली, कमालपुर, गोसड़ी, निकामुद्दीनपुर में भी जुलूस निकले।
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