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Azamgarh News: हाईवे पर काल बनी वाहनों की रफ्तार, मरने वाले 234 में से अधिकतर बाइक सवार
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आजमगढ़। जिले में वाराणसी लुंबिनी फोरलेन, प्रयागराज हाईवे, बलिया-लखनऊ हाईवे और आजमगढ़-मऊ हाईवे अब सुविधाओं से ज्यादा जानलेवा साबित हो रहे हैं, खासतौर से बाइक सवारों के लिए। तेज रफ्तार लग्जरी गाड़ियां, ओवरलोडेड ट्रक-डंपर और अतिक्रमित सर्विस लेन के बीच से बाइक निकालना किसी जोखिम भरे जुए से कम नहीं है। आलम यह है कि जिले में जनवरी से 14 जुलाई तक 234 लोग दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं इनमें अधिकांश बाइक सवार थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाईवे पर अब सुरक्षित बाइक चलाना असंभव होता जा रहा है। भारी वाहनों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि थोड़ा सा असंतुलन भी हादसे का कारण बन जाता है। कई बार बड़े वाहन ओवरटेक करते समय बाइक सवारों को जानबूझकर साइड में धक्का दे देते हैं, क्योंकि उन्हें खुद की सुरक्षा की फिक्र रहती है, दूसरों की नहीं। वहीं कई जगहों पर अतिक्रमण है तो कहीं झाड़ियां उग आई हैं। वाहन पार्किंग और गंदगी ने इसे और खतरनाक बना दिया है। बाइक चालकों को मजबूरी में मुख्य लेन पर चलना पड़ता है, जहां तेज रफ्तार गाड़ियां खतरा बनकर दौड़ती हैं। फोरलेन पर रफ्तार की होड़ और खतरनाक व्यवस्था भी दुर्घटनाओं का सबब बन रही है।
सावधानी ही बचाव
फोरलेन की दाहिनी (फास्ट) लेन में बाइक न चलाएं।
दोनों साइड रियर व्यू मिरर का प्रयोग करें।
ईयरफोन लगाकर वाहन न चलाएं।
पीछे से हॉर्न सुनते ही सुरक्षित साइड लें।
पेड़ों, वाहनों या दीवारों के बीच से अचानक न निकलें।
जिले में सात वर्षों में दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा
वर्ष घटनाएं मृत्यु घायल
2019 584 373 349
2020 483 281 278
2021 561 342 263
2022 412 231 204
2023 684 360 516
2024 834 387 699
2025 में 461 234 394 (जनवरी से 14 जुलाई तक)
00
हम लोगों द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें जागरूक भी किया जाता है। साथ ही कहा जाता है बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग जरूर करें। इसका पालन करने वालों का चालान भी हमारे द्वारा किया जाता है। -विवेक त्रिपाठी, एसपी यातायात।
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विशेषज्ञों के अनुसार, हाईवे पर अब सुरक्षित बाइक चलाना असंभव होता जा रहा है। भारी वाहनों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि थोड़ा सा असंतुलन भी हादसे का कारण बन जाता है। कई बार बड़े वाहन ओवरटेक करते समय बाइक सवारों को जानबूझकर साइड में धक्का दे देते हैं, क्योंकि उन्हें खुद की सुरक्षा की फिक्र रहती है, दूसरों की नहीं। वहीं कई जगहों पर अतिक्रमण है तो कहीं झाड़ियां उग आई हैं। वाहन पार्किंग और गंदगी ने इसे और खतरनाक बना दिया है। बाइक चालकों को मजबूरी में मुख्य लेन पर चलना पड़ता है, जहां तेज रफ्तार गाड़ियां खतरा बनकर दौड़ती हैं। फोरलेन पर रफ्तार की होड़ और खतरनाक व्यवस्था भी दुर्घटनाओं का सबब बन रही है।
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सावधानी ही बचाव
फोरलेन की दाहिनी (फास्ट) लेन में बाइक न चलाएं।
दोनों साइड रियर व्यू मिरर का प्रयोग करें।
ईयरफोन लगाकर वाहन न चलाएं।
पीछे से हॉर्न सुनते ही सुरक्षित साइड लें।
पेड़ों, वाहनों या दीवारों के बीच से अचानक न निकलें।
जिले में सात वर्षों में दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा
वर्ष घटनाएं मृत्यु घायल
2019 584 373 349
2020 483 281 278
2021 561 342 263
2022 412 231 204
2023 684 360 516
2024 834 387 699
2025 में 461 234 394 (जनवरी से 14 जुलाई तक)
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हम लोगों द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें जागरूक भी किया जाता है। साथ ही कहा जाता है बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग जरूर करें। इसका पालन करने वालों का चालान भी हमारे द्वारा किया जाता है। -विवेक त्रिपाठी, एसपी यातायात।
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