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ठंड में संभलकर करें रोडवेज बस से सफर, किसी में लाइट तो किसी में शीशे गायब
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रोडवेज के बस में अध खुले खिड़की के शीशे।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। ठंड को देखते हुए अभी उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से यात्रियों के लिए खास व्यवस्था नहीं की जा सकी है। आजमगढ़ परिक्षेत्र से निकलने वाली किसी रोडवेज बस में शीशे खराब हैं तो किसी के दरवाजे की हालत ठीक नहीं है। तमाम बसों में फाग लाइट नहीं है। इसके चलते कोहरे में बसों की रफ्तार धीमी होगी। हालांकि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम तकनीकी रूप से खुद को मजबूत करने में जुटा है। रोडवेज की बसों से यात्रा करने वालों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल तो की जा रही है लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है।
ठंड के मौसम में रोडवेज बस से सफर मुश्किल हो गया है। ज्यादा कोहरा पड़ने पर बसों की रफ्तार कम हो जाएगी। यात्रियों का कहना है कि बसों की टूटी खिड़कियां न तो ठीक कराई जा रही हैं और न ही फाग लाइट लगवाने में रुचि ली जा रही है। आजमगढ़ परिक्षेत्र से कुल 410 बसों का संचालन होता है। इसमें से कुछ बसें तो ऐसी हैं कि कब रास्ते में बंद हो जाएं, इसका कोई ठिकाना नहीं। अधिकांश बसों के शीशे, गेट व लाइट खराब हैं। इसके चलते यात्रियों को रोडवेज बस से सफर के दौरान दिक्कत होती है। ठंड शुरू होने के बाद भी बसों की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। खास कर रात के समय सफर करना बड़ा ही कष्टकर होता है। बसों के टूटे शीशों से आती हवा कांपने पर मजबूर कर देती है। कई बार तो यात्रियों को दवाएं लेनी पड़ती हैं।
रोडवेज की बसों में लगे शीशे के लॉक भी खराब हो चुके है। यात्री शीशे को बंद करते हैं लेकिन कुछ दूर जाकर शीशा अपने आप खुल जाता है। इस समस्या की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। ऐसे में यात्री ठंड में ठिठुरकर सफर करते हैं।
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बसों की लाइटें भी खराब
रोडवेज की कई ऐसी बसें रोड पर चल रही हैं जिसकी लाइटें खराब हो गई है। बस चालकों को रात के समय में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबकि रोडवेज की बसों में ऑल वैदर बल्ब लगाए जाने थे लेकिन बहुतायत ऐसी बसें हैं जिसमें नहीं लगे हैं।
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लगभग सभी बसों के शीशे, खिड़कियां और दरवाजे ठीक करा दिए गए हैं। यदि कुछ में खराब हैं तो उसे भी ठीक करा दिया जाएगा। जिससे की यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या न हो सके।-ललित कुमार श्रीवास्तव, एआरएम, आजमगढ़।
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ठंड के मौसम में रोडवेज बस से सफर मुश्किल हो गया है। ज्यादा कोहरा पड़ने पर बसों की रफ्तार कम हो जाएगी। यात्रियों का कहना है कि बसों की टूटी खिड़कियां न तो ठीक कराई जा रही हैं और न ही फाग लाइट लगवाने में रुचि ली जा रही है। आजमगढ़ परिक्षेत्र से कुल 410 बसों का संचालन होता है। इसमें से कुछ बसें तो ऐसी हैं कि कब रास्ते में बंद हो जाएं, इसका कोई ठिकाना नहीं। अधिकांश बसों के शीशे, गेट व लाइट खराब हैं। इसके चलते यात्रियों को रोडवेज बस से सफर के दौरान दिक्कत होती है। ठंड शुरू होने के बाद भी बसों की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। खास कर रात के समय सफर करना बड़ा ही कष्टकर होता है। बसों के टूटे शीशों से आती हवा कांपने पर मजबूर कर देती है। कई बार तो यात्रियों को दवाएं लेनी पड़ती हैं।
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रोडवेज की बसों में लगे शीशे के लॉक भी खराब हो चुके है। यात्री शीशे को बंद करते हैं लेकिन कुछ दूर जाकर शीशा अपने आप खुल जाता है। इस समस्या की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। ऐसे में यात्री ठंड में ठिठुरकर सफर करते हैं।
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बसों की लाइटें भी खराब
रोडवेज की कई ऐसी बसें रोड पर चल रही हैं जिसकी लाइटें खराब हो गई है। बस चालकों को रात के समय में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबकि रोडवेज की बसों में ऑल वैदर बल्ब लगाए जाने थे लेकिन बहुतायत ऐसी बसें हैं जिसमें नहीं लगे हैं।
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लगभग सभी बसों के शीशे, खिड़कियां और दरवाजे ठीक करा दिए गए हैं। यदि कुछ में खराब हैं तो उसे भी ठीक करा दिया जाएगा। जिससे की यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या न हो सके।-ललित कुमार श्रीवास्तव, एआरएम, आजमगढ़।