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अकीदत के साथ मनाया गया कुर्बानी का पर्व बकरीद
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आजमगढ़। हजरत इब्राहिम की याद में मनाया जाने वाला त्यौहार बकरीद शनिवार को पूरे जिले में अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों ने एडवाइजरी के अनुसार घरों में ही नमाज पढ़ा और जानवरों की कुर्बानी किया। मस्जिदों में चार से छह की संख्या में लोगों ने नमाज अदा किया। ईदगाह पर सामुहिक रूप से होने वाली नमाज नहीं हुई। नमाज के बाद लोगों ने कोरोना संक्रमण से मुक्ति की अल्लाह से दुआ मांगी। इसके बाद सेवई खाने का दौर शुरू हुआ जो घर में ही देर शाम तक चला।
बकरीद की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग तैयारियों में जुट गए थे। ईदगाह में सामूहिक रुप से नमाज पर पाबंदी थी। जिसके चलते ज्यादातर लोगों ने घरों में ही परिवार के सदस्यों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए नमाज अदा किया। वहीं मस्जिदों में भी सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पांच से छह लोगों ने बकरीद की नमाज अदा किया। नमाज के बाद अल्लाह से कोरोना मुक्ति की दुआ की गई। बकरीद के त्यौहार पर भी कोराना का साया नजर आया लेकिन त्यौहार को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। हर घरों के तो नहीं लेकिन कुछ एक परिवारों के बच्चे नये पकड़े पहन कर नमाज के बाद आसपड़ोस के घरों पर पहुंच कर सेवईयों का आनंद उठाए। ज्यादातर लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी और सेवईयों का परिवार के साथ ही आनंद उठाया। इसके बाद घर-घर कुर्बानी का दौर शुरू हुआ दो देर शाम तक चलता रहा और अभी आगामी दो दिनों तक चलता रहेगा। अल्लाह ने फरमाया है कि कुर्बानी करना सुन्नत है। यह हर बालिग मुसलमान पर जायज है। जिनकी हैसियत कुर्बानी के लायक नहीं होती है अल्लाह उन्हें माफ कर देता है लेकिन जो मालदारहोने के बाद भी कुर्बानी नहीं कराते है। वे अल्लाह की नजर में गुनहगार होते है। बकरीद का त्यौहार शनिवार को था। शनिवार व रविवार लॉक डाउन होता है। जिसके चलते बाजार पूरी तरह से बंद थे। बच्चों के खिलौने व गुब्बारे की दुकाने भी नहीं खुली थी। इक्का-दुक्का फेरी वाले गुब्बारा व खिलौने लेकर घूम कर बेचते नजर आए। जिस क्षेत्र में ये पहुंच जाते थे वहां बच्चों की भीड़ लग जाती थी।
नपा ने दुरुस्त रखी थी सफाई व्यवस्था
आजमगढ़। नगर पालिका प्रशासन ने शहर के सभी वार्डो में कुर्बानी के त्यौहार बकरीद के चलते सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखा था। सुबह ही झालू लग गया था और कूड़ा आदि भी उठवा कर चूने का छिड़काव करा दिया गया था। वहीं कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट के निस्तारण की कोई खास व्यवस्था नजर नहीं आई। लेकिन पानी की सप्लाई दुरूस्त रखने के लिए नपा प्रशासन ने कई ट्यूबवेल पर जेनरेटर आदि की व्यवस्था भी किया था। वहीं बिजली व्यवस्था भी त्यौहार पर दुरूस्त नजर आई।
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जगह-जगह तैनात रही फोर्स, अधिकारी करते रहे चक्रमण
आजमगढ़। बकरीद पर्व पर भी कोरोना का संक्रमण छाया रहा। ईद की तरह इस बार भी सामुहिक रूप से नमाज पर पाबंदी थी तो वहीं सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी भी नहीं होनी थी। जिसके चलते पुलिस व प्रशासनिक अमला दिन पर कड़ी चौकसी पर रहा। हर चौराहे-तिराहे के साथ ही मस्जिदों के पास फोर्स की तैनाती थी। पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी भी सुबह से ही चक्रमण कर यथा स्थिति पर नजर रखे हुए थे। कहीं भी न तो सार्वजनिक रुप से नमाज हुई न ही कुर्बानी ही की गई। पुलिस व प्रशासनिक अमले की सक्रियता के अलावा लोग स्वयं कोरोना संक्रमण के चलते एडवाइजरी के अनुरूप कवायद करने में जुटे नजर आए।
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बकरीद की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग तैयारियों में जुट गए थे। ईदगाह में सामूहिक रुप से नमाज पर पाबंदी थी। जिसके चलते ज्यादातर लोगों ने घरों में ही परिवार के सदस्यों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए नमाज अदा किया। वहीं मस्जिदों में भी सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पांच से छह लोगों ने बकरीद की नमाज अदा किया। नमाज के बाद अल्लाह से कोरोना मुक्ति की दुआ की गई। बकरीद के त्यौहार पर भी कोराना का साया नजर आया लेकिन त्यौहार को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। हर घरों के तो नहीं लेकिन कुछ एक परिवारों के बच्चे नये पकड़े पहन कर नमाज के बाद आसपड़ोस के घरों पर पहुंच कर सेवईयों का आनंद उठाए। ज्यादातर लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी और सेवईयों का परिवार के साथ ही आनंद उठाया। इसके बाद घर-घर कुर्बानी का दौर शुरू हुआ दो देर शाम तक चलता रहा और अभी आगामी दो दिनों तक चलता रहेगा। अल्लाह ने फरमाया है कि कुर्बानी करना सुन्नत है। यह हर बालिग मुसलमान पर जायज है। जिनकी हैसियत कुर्बानी के लायक नहीं होती है अल्लाह उन्हें माफ कर देता है लेकिन जो मालदारहोने के बाद भी कुर्बानी नहीं कराते है। वे अल्लाह की नजर में गुनहगार होते है। बकरीद का त्यौहार शनिवार को था। शनिवार व रविवार लॉक डाउन होता है। जिसके चलते बाजार पूरी तरह से बंद थे। बच्चों के खिलौने व गुब्बारे की दुकाने भी नहीं खुली थी। इक्का-दुक्का फेरी वाले गुब्बारा व खिलौने लेकर घूम कर बेचते नजर आए। जिस क्षेत्र में ये पहुंच जाते थे वहां बच्चों की भीड़ लग जाती थी।
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नपा ने दुरुस्त रखी थी सफाई व्यवस्था
आजमगढ़। नगर पालिका प्रशासन ने शहर के सभी वार्डो में कुर्बानी के त्यौहार बकरीद के चलते सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखा था। सुबह ही झालू लग गया था और कूड़ा आदि भी उठवा कर चूने का छिड़काव करा दिया गया था। वहीं कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट के निस्तारण की कोई खास व्यवस्था नजर नहीं आई। लेकिन पानी की सप्लाई दुरूस्त रखने के लिए नपा प्रशासन ने कई ट्यूबवेल पर जेनरेटर आदि की व्यवस्था भी किया था। वहीं बिजली व्यवस्था भी त्यौहार पर दुरूस्त नजर आई।
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जगह-जगह तैनात रही फोर्स, अधिकारी करते रहे चक्रमण
आजमगढ़। बकरीद पर्व पर भी कोरोना का संक्रमण छाया रहा। ईद की तरह इस बार भी सामुहिक रूप से नमाज पर पाबंदी थी तो वहीं सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी भी नहीं होनी थी। जिसके चलते पुलिस व प्रशासनिक अमला दिन पर कड़ी चौकसी पर रहा। हर चौराहे-तिराहे के साथ ही मस्जिदों के पास फोर्स की तैनाती थी। पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी भी सुबह से ही चक्रमण कर यथा स्थिति पर नजर रखे हुए थे। कहीं भी न तो सार्वजनिक रुप से नमाज हुई न ही कुर्बानी ही की गई। पुलिस व प्रशासनिक अमले की सक्रियता के अलावा लोग स्वयं कोरोना संक्रमण के चलते एडवाइजरी के अनुरूप कवायद करने में जुटे नजर आए।