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45 लाख गोलमाल करने वाला लिपिक निलंबित
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 18 Jan 2015 12:26 AM IST
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समाज कल्याण विभाग मऊ में तैनात कनिष्ठ लेखा लिपिक संजय राय को अध्यापकों के एरियर का 45 लाख रुपये गोलमाल करने के आरोप में समाज कल्याण निदेशक ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया।
इसके बाद उसे मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। मामले की जांच संयुक्त निदेशक (प्रशासन) को सौंपी गई है। लिपिक के विरुद्ध आजमगढ़ में भी तैनाती के दौरान कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
लिपिक संजय राय की वर्ष 2003-04 और 2004-05 में तैनाती समाज कल्याण विभाग आजमगढ़ में थी। इस दौरान उसने विभिन्न योजनाओं से वापस आए चेकों को पंजिका में दर्ज न कर सरकारी धनराशि का गोलमाल कर दिया। इसके बाद संजय का स्थानांतरण समाज कल्याण विभाग मऊ में कर दिया गया।
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अपनी राजनीतिक पकड़ के चलते वह मऊ के साथ-साथ काफी दिनों तक आजमगढ़ का भी कार्यभार देखता रहा। मऊ में काम करने के दौरान संजय राय ने समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्राइमरी पाठशालाओं में कार्यरत दर्जनों अध्यापकों के एरियर का करीब 45 लाख रुपये बैंक से निकाल लिया।
यही नहीं, बगैर किसी रिकार्ड के उसने सारे रुपये मनमाने ढंग से खर्च में दिखा दिए। विभाग के निदेशक ने इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की पर जांच टीम द्वारा कई बार दस्तावेज मांगने के बावजूद लिपिक संजय राय ने अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया।
इधर, मामला संज्ञान में आने पर समाज कल्याण निदेशक सुरेंद्र विक्रम ने शुक्रवार को लिपिक संजय राय को निलंबित करते हुए उसे लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) जी राम को सौंप दी।
कोट :
समाज कल्याण विभाग के सहायक लेखाकार संजय कुमार राय के खिलाफ मुख्यालय ने निलंबन की कार्रवाई की है। आजमगढ़ में भी उसपर सरकारी धन के घपले का आरोप है। सहायक लेखाकार को निलंबन आदेश रिसीव करा दिया गया है। - विजय प्रताप यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, मऊ
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इसके बाद उसे मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। मामले की जांच संयुक्त निदेशक (प्रशासन) को सौंपी गई है। लिपिक के विरुद्ध आजमगढ़ में भी तैनाती के दौरान कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
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लिपिक संजय राय की वर्ष 2003-04 और 2004-05 में तैनाती समाज कल्याण विभाग आजमगढ़ में थी। इस दौरान उसने विभिन्न योजनाओं से वापस आए चेकों को पंजिका में दर्ज न कर सरकारी धनराशि का गोलमाल कर दिया। इसके बाद संजय का स्थानांतरण समाज कल्याण विभाग मऊ में कर दिया गया।
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अपनी राजनीतिक पकड़ के चलते वह मऊ के साथ-साथ काफी दिनों तक आजमगढ़ का भी कार्यभार देखता रहा। मऊ में काम करने के दौरान संजय राय ने समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्राइमरी पाठशालाओं में कार्यरत दर्जनों अध्यापकों के एरियर का करीब 45 लाख रुपये बैंक से निकाल लिया।
यही नहीं, बगैर किसी रिकार्ड के उसने सारे रुपये मनमाने ढंग से खर्च में दिखा दिए। विभाग के निदेशक ने इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की पर जांच टीम द्वारा कई बार दस्तावेज मांगने के बावजूद लिपिक संजय राय ने अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया।
इधर, मामला संज्ञान में आने पर समाज कल्याण निदेशक सुरेंद्र विक्रम ने शुक्रवार को लिपिक संजय राय को निलंबित करते हुए उसे लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) जी राम को सौंप दी।
कोट :
समाज कल्याण विभाग के सहायक लेखाकार संजय कुमार राय के खिलाफ मुख्यालय ने निलंबन की कार्रवाई की है। आजमगढ़ में भी उसपर सरकारी धन के घपले का आरोप है। सहायक लेखाकार को निलंबन आदेश रिसीव करा दिया गया है। - विजय प्रताप यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, मऊ