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Azamgarh News: स्कूल में सोता रहा मासूम, ताला बंद कर घर निकल गए गुरुजी
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प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर, इसी विद्यालय में बच्चे को बंद कर चले गए थे शिक्षक। संवाद
अतरौलिया। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां कक्षा 3 के छात्र को क्लासरूम में सोता छोड़कर गुरुजी ताला बंद कर घर चले गए। बच्चा घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां ढ़ूंढते हुए शाम 4 बजे स्कूल पहुंची। वहां रोने की आवाज सुनकर सन्न रह गई। प्रधान ने स्कूल खुलवाकर बच्चे को बाहर निकाला। बीएसए ने प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई करने की बात कही है। चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दादर गांव निवासी फूला देवी ने बताया कि उनका पुत्र हिमांशु राजभर प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में कक्षा तीन में पढ़ता है। रोज की तरह वह सोमवार को विद्यालय पहुंचा था। पढ़ाई के दौरान उसे नींद आ गई और वह अपनी कक्षा में सो गया। दोपहर दो बजे स्कूल की छुट्टी हुई तो शिक्षक व अन्य कर्मचारी बिना जांच किए विद्यालय में ताला बंद कर घर चले गए। हिमांशु घर नहीं पहुंचा तो वह चिंतित होकर उसकी तलाश करने लगीं। अन्य बच्चों से पूछताछ के बाद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो वह शाम करीब चार बजे स्कूल पहुंचीं। वहां स्कूल के अंदर से बेटे के रोने की आवाज सुनकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान ने विद्यालय का ताला खुलवाया, जिसके बाद डरा-सहमा हिमांशु बाहर निकाला गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
छुट्टी के बाद दो घंटे तक बंद रहा छात्र
प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में शिक्षकों की लापरवाही से छुट्टी होने के बाद करीब दो घंटे तक मासूम स्कूल में कैद रहा। वह चिल्लाता रहा लेकिन उसकी आवाज किसी ने नहीं सुनी।
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छुट्टी के आधे घंटे बाद तक रुकने के नियम का नहीं हो रहा पालन
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय बंद होने के बाद शिक्षकों को कम से कम आधे घंटे तक विद्यालय परिसर में रुकना अनिवार्य है। इसके बाद भी शिक्षक इस नियम को नहीं मान रहे हैं। बीएसए ने कहा कि कई विद्यालयों में शिकायत मिल रही है कि शिक्षक छुट्टी होते ही तत्काल घर निकल जाते हैं। कुछ मामलों में तो शिक्षक निर्धारित समय से पहले ही विद्यालय छोड़ देते हैं, जो गंभीर अनुशासनहीनता है।
प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में छात्र के विद्यालय परिसर में बंद रह जाने की घटना अत्यंत गंभीर एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रथम दृष्टया यह शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मियों की घोर लापरवाही प्रतीत होती है। मामले में संबंधित प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है, जांच के उपरांत जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ताकि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी विद्यालयों को आवश्यक निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।- राजीव कुमार पाठक, बीएसए आजमगढ़।
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दादर गांव निवासी फूला देवी ने बताया कि उनका पुत्र हिमांशु राजभर प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में कक्षा तीन में पढ़ता है। रोज की तरह वह सोमवार को विद्यालय पहुंचा था। पढ़ाई के दौरान उसे नींद आ गई और वह अपनी कक्षा में सो गया। दोपहर दो बजे स्कूल की छुट्टी हुई तो शिक्षक व अन्य कर्मचारी बिना जांच किए विद्यालय में ताला बंद कर घर चले गए। हिमांशु घर नहीं पहुंचा तो वह चिंतित होकर उसकी तलाश करने लगीं। अन्य बच्चों से पूछताछ के बाद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो वह शाम करीब चार बजे स्कूल पहुंचीं। वहां स्कूल के अंदर से बेटे के रोने की आवाज सुनकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान ने विद्यालय का ताला खुलवाया, जिसके बाद डरा-सहमा हिमांशु बाहर निकाला गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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छुट्टी के बाद दो घंटे तक बंद रहा छात्र
प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में शिक्षकों की लापरवाही से छुट्टी होने के बाद करीब दो घंटे तक मासूम स्कूल में कैद रहा। वह चिल्लाता रहा लेकिन उसकी आवाज किसी ने नहीं सुनी।
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छुट्टी के आधे घंटे बाद तक रुकने के नियम का नहीं हो रहा पालन
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय बंद होने के बाद शिक्षकों को कम से कम आधे घंटे तक विद्यालय परिसर में रुकना अनिवार्य है। इसके बाद भी शिक्षक इस नियम को नहीं मान रहे हैं। बीएसए ने कहा कि कई विद्यालयों में शिकायत मिल रही है कि शिक्षक छुट्टी होते ही तत्काल घर निकल जाते हैं। कुछ मामलों में तो शिक्षक निर्धारित समय से पहले ही विद्यालय छोड़ देते हैं, जो गंभीर अनुशासनहीनता है।
प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में छात्र के विद्यालय परिसर में बंद रह जाने की घटना अत्यंत गंभीर एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रथम दृष्टया यह शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मियों की घोर लापरवाही प्रतीत होती है। मामले में संबंधित प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है, जांच के उपरांत जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ताकि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी विद्यालयों को आवश्यक निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।- राजीव कुमार पाठक, बीएसए आजमगढ़।

प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर, इसी विद्यालय में बच्चे को बंद कर चले गए थे शिक्षक। संवाद