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सूर्य की तपिश झुलसा रही बदन, लू के थपेड़ों से सूख रहा गला
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आजमगढ़। चैत्र माह अभी बीता नहीं है लेकिन अप्रैल में पड़ रही प्रचंड गर्मी कहर ढाने लगी है। लोग अभी से ही जेठ माह में होने वाली तपिश की मार के बारे में सोचकर डर रहे हैं। चिलचिलाती धूप लोगों के पसीने छुड़ा रही है। सुबह नौ बजे के बाद से ही धूप बर्दाश्त नहीं हो रही है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है।
तापमान जिस समय सबसे अधिक होता है, बच्चे भी उसी समय धूप में स्कूल से घर जाते हैं। पछुआ हवाओं के सूर्य की किरणों से टकराने से जिले में तापमान बढ़ने का सिलसिला दिन-ब-दिन जारी है। लगभग 10 दिनों से जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। सूर्य की तीखी किरणें जहां बदन को झुलसा रही हैं वहीं लू के थपेड़े लोगों के हलख को सूखा रहे हैं। जिसके कारण गले को तर करने के लिए लोगों को ठंडे पेय पदार्थों को उपयोग करना पड़ रहा है। आम जनमानस के साथ ही पशु पक्षी भी गर्मी से हलकान नजर आ रही है। पूरे दिन धमाचौकड़ी मचाने वाला बंदरों का झुंड भी पेड़ों की शाखों का सहारा लेकर तपन से बचने की कोशिश करता नजर आ रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बहुत से लोगों ने घरों में दुबकने में ही भलाई सगझी। जिसके पास कोई काम था वहीं दोपहर के समय घर से बाहर निकला। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में हीथ स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। घर से जब भी बाहर जाएं पानी पीकर ही निकलें। जहां तक हो सके तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें और खुले पदार्थों का प्रयोग न करें।
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तापमान जिस समय सबसे अधिक होता है, बच्चे भी उसी समय धूप में स्कूल से घर जाते हैं। पछुआ हवाओं के सूर्य की किरणों से टकराने से जिले में तापमान बढ़ने का सिलसिला दिन-ब-दिन जारी है। लगभग 10 दिनों से जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। सूर्य की तीखी किरणें जहां बदन को झुलसा रही हैं वहीं लू के थपेड़े लोगों के हलख को सूखा रहे हैं। जिसके कारण गले को तर करने के लिए लोगों को ठंडे पेय पदार्थों को उपयोग करना पड़ रहा है। आम जनमानस के साथ ही पशु पक्षी भी गर्मी से हलकान नजर आ रही है। पूरे दिन धमाचौकड़ी मचाने वाला बंदरों का झुंड भी पेड़ों की शाखों का सहारा लेकर तपन से बचने की कोशिश करता नजर आ रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बहुत से लोगों ने घरों में दुबकने में ही भलाई सगझी। जिसके पास कोई काम था वहीं दोपहर के समय घर से बाहर निकला। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में हीथ स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। घर से जब भी बाहर जाएं पानी पीकर ही निकलें। जहां तक हो सके तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें और खुले पदार्थों का प्रयोग न करें।
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