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अधिनियम से संसद में महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी : ज्योत्सना
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सम्मेलन में मौजूद महिलाएं।
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ज्योत्सना द्विवेदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और समावेशी विकास को मजबूती मिलेगी।
ये बातें उन्होंने शुक्रवार को नेहरू हॉल में आयोजित नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषयक सम्मेलन एवं प्रेस वार्ता में कही। कार्यक्रम में समाज की प्रतिष्ठित महिलाएं, चिकित्सक, शिक्षाविद, साहित्यकार, महिला अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि यह आयोजन महिला सशक्तीकरण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
जिस प्रकार संसद में 16 से 18 अप्रैल 2026 तक विशेष सत्र के माध्यम से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा हो रही है, उसी क्रम में जनपद स्तर पर भी इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ. गीता सिंह ने कहा कि इस अधिनियम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका सुदृढ़ होगी, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। विभा बरनवाल ने बताया कि अधिनियम का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है।
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शिक्षाविद डॉ. ऋतंभरा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और देश निर्माण में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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आजमगढ़। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ज्योत्सना द्विवेदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और समावेशी विकास को मजबूती मिलेगी।
ये बातें उन्होंने शुक्रवार को नेहरू हॉल में आयोजित नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषयक सम्मेलन एवं प्रेस वार्ता में कही। कार्यक्रम में समाज की प्रतिष्ठित महिलाएं, चिकित्सक, शिक्षाविद, साहित्यकार, महिला अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
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जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि यह आयोजन महिला सशक्तीकरण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
जिस प्रकार संसद में 16 से 18 अप्रैल 2026 तक विशेष सत्र के माध्यम से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा हो रही है, उसी क्रम में जनपद स्तर पर भी इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ. गीता सिंह ने कहा कि इस अधिनियम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका सुदृढ़ होगी, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। विभा बरनवाल ने बताया कि अधिनियम का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है।
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शिक्षाविद डॉ. ऋतंभरा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और देश निर्माण में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।