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जांच में फिर चिन्हित हुए दस फर्जी शिक्षक, जल्द होगी कार्रवाई
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आजमगढ़। 2010 के बाद परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति पाये सहायक अध्यापकों की जांच शासन स्तर से कराई जा रही है। इसके तहत जिले में एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित हुई है। टीम में एसपी सिटी व एडी बेसिक शामिल है। जांच की कवायद लगातार चल रही है। एक बार फिर दस फर्जी शिक्षक चिह्नित हुए हैं जिन्हें नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। स्पष्टीकरण मिलते ही इन्हें बर्खास्त किया जाएगा।
वर्ष 2010 से अब तक जिले में चार हजार से अधिक शिक्षकों की तैनाती विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के तहत हुई है। शासन ने इन सभी शिक्षकों के जांच का निर्देश दिया है। इसके लिए शासन स्तर से ही एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। जांच टीम ने नियुक्ति प्राधिकारी बेसिक शिक्षाधिकारी के यहां से 2010 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों का डेटा एडी बेसिक कार्यालय पर मंगा लिया है। यहां से शिक्षकों का डेटा संबंधित स्कूल, विश्वविद्यालय व संस्थाओं पर भेज कर उसका सत्यापन कराया जा रहा है। अब पूर्ण हो चुके सत्यापन में दस नये ऐसे शिक्षक चिह्नित हुए हैं जिनके प्रमाण-पत्र सत्यापन में फर्जी पाये गये है। इसके पूर्व भी लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक शिक्षक फर्जी चिह्नित किए जा चुके हैं।
फर्जी चिह्नित शिक्षकों में ये हैं शामिल
जांच टीम द्वारा अब फर्जी चिह्नित किये गये शिक्षकों में विनोद कुमार पुत्र राज कुमार मिश्र, सत्य प्रकाश भाष्कर पुत्र सोहन लाल, कुमार पुनम पुत्र सुबेदार यादव, मनोरमा पुत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, इंदूकला पुत्री दर्शन राम, अमित कुमार यादव पुत्र राजेंद्र प्रसाद यादव, चंदन कुमार पुत्र श्याम राज प्रसाद, अनवर फातमा पुत्री अजहर हुसैन, बेबी तबस्सुम पुत्री अहद हुसैन व रेशमा परवीन पुत्री हसन अहमद शामिल है।
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अब तक 28 शिक्षक हो चुके हैं चिह्नित
शासन के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी अब तक 28 फर्जी शिक्षकों को चिन्हित कर चुकी है। इस बार 10 तो पूर्व में 18 ऐसे शिक्षक पाए गए थे। इन्हें नोटिस भेजी जा चुकी है और उनसे मिले स्पष्टीकरण के बाद नये सिरे से उनके रिकार्ड का सत्यापन कार्य चल रहा है।
अब तक 28 शिक्षकों के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों में हेराफेरी प्रकाश में आई है। जिसमें 18 लगभग दो माह पूर्व ही और अब 10 और चिह्नित हुए हैं। इन शिक्षकों को नोटिस भेजी जा रही है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद बर्खास्तगी व वसूली की कवायद शुरू की जायेगी। - नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन, आजमगढ़।
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वर्ष 2010 से अब तक जिले में चार हजार से अधिक शिक्षकों की तैनाती विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के तहत हुई है। शासन ने इन सभी शिक्षकों के जांच का निर्देश दिया है। इसके लिए शासन स्तर से ही एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। जांच टीम ने नियुक्ति प्राधिकारी बेसिक शिक्षाधिकारी के यहां से 2010 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों का डेटा एडी बेसिक कार्यालय पर मंगा लिया है। यहां से शिक्षकों का डेटा संबंधित स्कूल, विश्वविद्यालय व संस्थाओं पर भेज कर उसका सत्यापन कराया जा रहा है। अब पूर्ण हो चुके सत्यापन में दस नये ऐसे शिक्षक चिह्नित हुए हैं जिनके प्रमाण-पत्र सत्यापन में फर्जी पाये गये है। इसके पूर्व भी लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक शिक्षक फर्जी चिह्नित किए जा चुके हैं।
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फर्जी चिह्नित शिक्षकों में ये हैं शामिल
जांच टीम द्वारा अब फर्जी चिह्नित किये गये शिक्षकों में विनोद कुमार पुत्र राज कुमार मिश्र, सत्य प्रकाश भाष्कर पुत्र सोहन लाल, कुमार पुनम पुत्र सुबेदार यादव, मनोरमा पुत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, इंदूकला पुत्री दर्शन राम, अमित कुमार यादव पुत्र राजेंद्र प्रसाद यादव, चंदन कुमार पुत्र श्याम राज प्रसाद, अनवर फातमा पुत्री अजहर हुसैन, बेबी तबस्सुम पुत्री अहद हुसैन व रेशमा परवीन पुत्री हसन अहमद शामिल है।
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अब तक 28 शिक्षक हो चुके हैं चिह्नित
शासन के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी अब तक 28 फर्जी शिक्षकों को चिन्हित कर चुकी है। इस बार 10 तो पूर्व में 18 ऐसे शिक्षक पाए गए थे। इन्हें नोटिस भेजी जा चुकी है और उनसे मिले स्पष्टीकरण के बाद नये सिरे से उनके रिकार्ड का सत्यापन कार्य चल रहा है।
अब तक 28 शिक्षकों के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों में हेराफेरी प्रकाश में आई है। जिसमें 18 लगभग दो माह पूर्व ही और अब 10 और चिह्नित हुए हैं। इन शिक्षकों को नोटिस भेजी जा रही है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद बर्खास्तगी व वसूली की कवायद शुरू की जायेगी। - नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन, आजमगढ़।