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Azamgarh News: विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में की सांकेतिक हड़ताल

Wed, 09 Jul 2025 10:59 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jul 2025 10:59 PM IST
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Symbolic strike against privatization of electricity corporation
सिधारी स्थित हाइडिल कार्यालय में बुधवार को पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के पीपीपी मॉडल पर निजीकरण के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल और कार्य बहिष्कार का आयोजन किया गया।
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इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश, एवं विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघर्ष उत्तर प्रदेश के आह्वान पर किया गया।कार्यक्रम में विद्युत निगम के कर्मचारी, अभियंता और पेंशनर ही नहीं, किसानों, छात्रों, उपभोक्ताओं, बुनकरों और व्यापारियों की भी भागीदारी रही। सभा की अध्यक्षता कर रहे सैय्यद मुनव्वर अली ने कहा कि सरकार की लगातार निजीकरण की नीति रेलवे, बीएसएनएल, एयरपोर्ट, बंदरगाह और स्टील जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बाद अब ऊर्जा क्षेत्र को भी पूंजीपतियों के हाथों सौंपने की तैयारी में है।
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पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों को पीपीपी मॉडल पर देने का निर्णय न केवल कर्मचारियों के भविष्य के लिए खतरा है, बल्कि इससे आम जनता की जेब पर भी बड़ा असर पड़ेगा। कहा कि यदि सरकार ने निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया तो प्रदेश लालटेन युग में लौट सकता है। इस माैके पर प्रभु नारायण पाण्डेय प्रेमी, ई. उपेंद्र नाथ चौरसिया, चंद्रशेखर, राजनारायण सिंह, निखिल शेखर सिंह, सत्या कुमार, अवधेश सिंह यादव मौजूद रहे। संवाद
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