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सुनील और राजन दुकान में घुसकर मारे थे गोली
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आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के खानजहांपुर मोड़ के पास मंगलवार की रात हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल सुनील पासी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने फूलपुर कस्बा निवासी दुकानदार प्रदीप बरनवाल की दुकान में घुसकर गोली मारी थी। सुनील के मुताबिक मुख्तार अंसारी के इशारे पर श्यामबाबू पासी ने दस लाख रुपये में डील की थी। यह डील आजमगढ़ जेल में हुई थी।
पुलिस के मुताबिक मोहन पासी, रामजी पासी और राकेश पासी के एनकाउंटर में ढेर कर दिए जाने के बाद से पासी गिरोह की कमर ही टूट गई थी। ऐसे में जेल में बंद सरगना श्यामबाबू पासी के पास राजन पासी और सुनील पासी जैसे कुछ ही गुर्गे बचे हुए हैं। सभी पुलिस के भय से क्षेत्र छोड़कर रह रहे थे। आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे थे। इसी बीच फूलपुर कस्बा निवासी प्रदीप बरनवाल के दूसरी शादी कर लेने से मऊ के रहने वाले उसके ससुरालवाले नाराज थे। मुख्तार के जरिये जेल में राजन पासी की मदद से श्यामबाबू पासी से मिला। प्रदीप की हत्या के लिए दस लाख रुपये में सौदा तय कर पूरी रकम दे दी। रुपयो मिलने के बाद टारगेट सुनील पासी को दिया गया। जहानागंज थाने के अभिलाषपुर गांव निवासी सुनील पासी, मेंहनगर का राजन पासी, बलिया का सोनू यादव, बिहार के अजय शाह के अलावा अजय निषाद और गोरखपुर के झिनक यादव के साथ मिलकर योजना तैयार की। सभी ने अपना मोबाइल बंद कर कई दिनों तक रेकी की। इसके बाद 13 जून की शाम योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक राजन और सुनील पल्सर से प्रदीप की दुकान पर पहुंचे और दुकान के भीतर घुसकर प्रदीप की गोली मारकर हत्या कर दी। अन्य बदमाश जगह-जगह खड़े होकर माहौल देख रहे थे।
आगरा कोर्ट में राजन पासी ने किया सरेंडर
फूलपुर कस्बा निवासी प्रदीप बरनवाल की हत्या के बाद पुलिस बदमाशों की तलाश में काफी दिनों तक इधर-उधर भटककर शांत हो गई। पुलिस गोपनीय तरीके से बदमाशों की तलाश करने लगी। बदमाशों ने यह समझा कि अब कुछ नहीं होने वाला। तीन दिन पूर्व मुठभेड़ के दौरान सुल्तानपुर की पुलिस ने झिनक यादव और अजय शाह को गिरफ्तार कर लिया। उनसे हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि बलिया के सोनू यादव पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। ऐसे में सुनील अपना ट्रैक बदलकर पुराने साथी बिलरियागंज के रहने वाले परशुराम यादव के साथ घूमने लगा। उधर साथियों के पकड़े जाने की भनक लगने पर राजन पासी ने मंगलवार को आगरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सुनील और परशुराम अपने एक अन्य साथी के साथ कहीं जा रहे थे। फूलपुर कोतवाली के खानजहांपुर मोड़ के पास हुई मुठभेड़ में दोनों गिरफ्तार कर लिए गए। इनका तीसरा साथी फरार हो गया है।
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बरामद कार का खंगाला जा रहा रिकार्ड
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के खानजहांपुर मोड़ के पास मंगलवार की रात हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल हुए दोनों बदमाश अपने एक अन्य साथी के साथ कहीं जा रहे थे। तलाशी के दौरान इनके पास से असलहों के साथ-साथ एक अल्टो कार बरामद हुई है। पुलिस उक्त कार के विषय में पता लगवा रही है कि कार किसकी है। इनके पास कैसे पहुंची। हालांकि अभी तक कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं हो सकी है।
फूलपुर के प्रदीप बरनवाल की सुपारी उसके ससुरालवालों ने दी थी। मुख्तार अंसारी के इशारे पर राजन पासी उन्हें आजमगढ़ जेल में श्यामबाबू पासी से मिलवाया था। राजन पासी मंगलवार को आगरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। फरार बदमाश की जहां तलाश हो रही। वहीं इनके पास से मिले कार का पता लगाया जा रहा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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पुलिस के मुताबिक मोहन पासी, रामजी पासी और राकेश पासी के एनकाउंटर में ढेर कर दिए जाने के बाद से पासी गिरोह की कमर ही टूट गई थी। ऐसे में जेल में बंद सरगना श्यामबाबू पासी के पास राजन पासी और सुनील पासी जैसे कुछ ही गुर्गे बचे हुए हैं। सभी पुलिस के भय से क्षेत्र छोड़कर रह रहे थे। आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे थे। इसी बीच फूलपुर कस्बा निवासी प्रदीप बरनवाल के दूसरी शादी कर लेने से मऊ के रहने वाले उसके ससुरालवाले नाराज थे। मुख्तार के जरिये जेल में राजन पासी की मदद से श्यामबाबू पासी से मिला। प्रदीप की हत्या के लिए दस लाख रुपये में सौदा तय कर पूरी रकम दे दी। रुपयो मिलने के बाद टारगेट सुनील पासी को दिया गया। जहानागंज थाने के अभिलाषपुर गांव निवासी सुनील पासी, मेंहनगर का राजन पासी, बलिया का सोनू यादव, बिहार के अजय शाह के अलावा अजय निषाद और गोरखपुर के झिनक यादव के साथ मिलकर योजना तैयार की। सभी ने अपना मोबाइल बंद कर कई दिनों तक रेकी की। इसके बाद 13 जून की शाम योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक राजन और सुनील पल्सर से प्रदीप की दुकान पर पहुंचे और दुकान के भीतर घुसकर प्रदीप की गोली मारकर हत्या कर दी। अन्य बदमाश जगह-जगह खड़े होकर माहौल देख रहे थे।
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आगरा कोर्ट में राजन पासी ने किया सरेंडर
फूलपुर कस्बा निवासी प्रदीप बरनवाल की हत्या के बाद पुलिस बदमाशों की तलाश में काफी दिनों तक इधर-उधर भटककर शांत हो गई। पुलिस गोपनीय तरीके से बदमाशों की तलाश करने लगी। बदमाशों ने यह समझा कि अब कुछ नहीं होने वाला। तीन दिन पूर्व मुठभेड़ के दौरान सुल्तानपुर की पुलिस ने झिनक यादव और अजय शाह को गिरफ्तार कर लिया। उनसे हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि बलिया के सोनू यादव पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। ऐसे में सुनील अपना ट्रैक बदलकर पुराने साथी बिलरियागंज के रहने वाले परशुराम यादव के साथ घूमने लगा। उधर साथियों के पकड़े जाने की भनक लगने पर राजन पासी ने मंगलवार को आगरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सुनील और परशुराम अपने एक अन्य साथी के साथ कहीं जा रहे थे। फूलपुर कोतवाली के खानजहांपुर मोड़ के पास हुई मुठभेड़ में दोनों गिरफ्तार कर लिए गए। इनका तीसरा साथी फरार हो गया है।
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बरामद कार का खंगाला जा रहा रिकार्ड
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के खानजहांपुर मोड़ के पास मंगलवार की रात हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल हुए दोनों बदमाश अपने एक अन्य साथी के साथ कहीं जा रहे थे। तलाशी के दौरान इनके पास से असलहों के साथ-साथ एक अल्टो कार बरामद हुई है। पुलिस उक्त कार के विषय में पता लगवा रही है कि कार किसकी है। इनके पास कैसे पहुंची। हालांकि अभी तक कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं हो सकी है।
फूलपुर के प्रदीप बरनवाल की सुपारी उसके ससुरालवालों ने दी थी। मुख्तार अंसारी के इशारे पर राजन पासी उन्हें आजमगढ़ जेल में श्यामबाबू पासी से मिलवाया था। राजन पासी मंगलवार को आगरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। फरार बदमाश की जहां तलाश हो रही। वहीं इनके पास से मिले कार का पता लगाया जा रहा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण