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यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के छात्र मेजवां में हो रहे कार्यों पर करेंगे इंटर्नशिप
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आजमगढ़। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन इंडिया सेंटर फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट और मिजवां वेलफेयर सोसाइटी की ओर से पेड वर्चुअल इंटर्नशिप की घोषणा की गई है। करार के तहत ग्लोबल विवि के 20 छात्र प्रख्यात शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवां में मिजवां वेलफेयर सोसाइटी की ओर से चलाए जा रहे प्रोग्राम पर इंटर्नशिप और स्टडी करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है इस स्टडी से सोसाइटी के कार्यों जहां एक नई दिशा मिलेगी वहीं, चिकनकारी जैसी कला के विकास के लिए भी नये आयाम मिलेंगे।
मेजवां गांव में कैफी आजमी द्वारा स्थापित सामाजिक संस्था मिजवां वेलफ़ेयर सोसायटी की ओर से विकास के लिए कई प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इसी सोसाइटी से संचालित कैफी आजमी चिकनकारी सेंटर में महिला कारीगर मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हए परिधानों पर चिकनकारी का काम करती हैं। वर्ष 1993 में स्थापित मिजवां वेलफेयर सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही ग्रामीण महिला उद्यमियों की ओर से रोजगार ढाबा-एक सामुदायिक सूचना केंद्र की भी स्थापना की गई है। कोविड-19 के दौरान रोजगार ढाबा कार्यक्रम के तहत प्रवासी कामगारों को रोजगार दिलाने के लिए ऑनलाइन डेटाबेस प्रणाली विकसित की जा रही है। ऐसे कई और कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के प्रोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र इंटर्नशिप के तहत विभिन्न स्थानों पर स्टडी कर रिपोर्ट बनाते हैं। कोविड-19 के कारण इस आवागमन प्रभावित है। ऐसे में मिजवां वेलफेयर सोसाइटी के साथ वर्चुवल इंटर्नशिप की योजना बनाई गई है। विवि के 20 छात्र अकादमिक साझीदार संस्थान जीआरडी कॉलेज ऑफ साइंस और जीआरडी इंस्टीट्यूट के सहयोग से ये कार्य करेंगे। मिजवा वेलफेयर सोसाइटी के सीईओ विनोद कुमार ने बताया कि इस इंटर्नशिप प्रोग्राम सासाइटी की ओर से अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा होने के साथ ही एक नई दिशा भी मिलेगी। साथ ही चिकनकारी कला को भी नई पहचान मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ये अपनी तरह का एक पहला प्रोग्राम होगा। छात्र मिजवां वेलफेयर सोसाइटी पर आधारित यूके-इंडिया शिक्षाविदों और कार्यक्रम प्रबंधकों से मिलकर एक प्रोजेक्ट टीम की देखरेख में काम करेंगे।
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मेजवां गांव में कैफी आजमी द्वारा स्थापित सामाजिक संस्था मिजवां वेलफ़ेयर सोसायटी की ओर से विकास के लिए कई प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इसी सोसाइटी से संचालित कैफी आजमी चिकनकारी सेंटर में महिला कारीगर मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हए परिधानों पर चिकनकारी का काम करती हैं। वर्ष 1993 में स्थापित मिजवां वेलफेयर सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही ग्रामीण महिला उद्यमियों की ओर से रोजगार ढाबा-एक सामुदायिक सूचना केंद्र की भी स्थापना की गई है। कोविड-19 के दौरान रोजगार ढाबा कार्यक्रम के तहत प्रवासी कामगारों को रोजगार दिलाने के लिए ऑनलाइन डेटाबेस प्रणाली विकसित की जा रही है। ऐसे कई और कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
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यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के प्रोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र इंटर्नशिप के तहत विभिन्न स्थानों पर स्टडी कर रिपोर्ट बनाते हैं। कोविड-19 के कारण इस आवागमन प्रभावित है। ऐसे में मिजवां वेलफेयर सोसाइटी के साथ वर्चुवल इंटर्नशिप की योजना बनाई गई है। विवि के 20 छात्र अकादमिक साझीदार संस्थान जीआरडी कॉलेज ऑफ साइंस और जीआरडी इंस्टीट्यूट के सहयोग से ये कार्य करेंगे। मिजवा वेलफेयर सोसाइटी के सीईओ विनोद कुमार ने बताया कि इस इंटर्नशिप प्रोग्राम सासाइटी की ओर से अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा होने के साथ ही एक नई दिशा भी मिलेगी। साथ ही चिकनकारी कला को भी नई पहचान मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ये अपनी तरह का एक पहला प्रोग्राम होगा। छात्र मिजवां वेलफेयर सोसाइटी पर आधारित यूके-इंडिया शिक्षाविदों और कार्यक्रम प्रबंधकों से मिलकर एक प्रोजेक्ट टीम की देखरेख में काम करेंगे।
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