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छात्र सवा दो लाख पर 29 फीसद ही आनलाइन
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आजमगढ़। लॉकडाउन के दौरान शासन बच्चों की पढ़ाई बाधित न होने के दावे कर रही है। इसके पीछे आनलाइन पढ़ाई का तर्क रखा जा रहा है। लेकिन वास्तविकता ये है कि यूपी बोर्ड हाईकूल और इंटर में लगभग 2.25 लाख छात्र पंजीकृत है। सरकारी आंकड़ों की माने तो अभी जनपद में मात्र 29 फीसद छात्र ही आनलाइन जुड़ पाए हैं। ऊपर से मार्केट में किताबों की कमी और परेशान कर रही है। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने अब अभिभावकों से अपील की है कि वो अपने विद्यालय में प्रबंधक, प्राचार्य और शिक्षकों से संपर्क कर अपना वाट्सएप नंबर ग्रुप में एड कराएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई जारी हो सके।
जिलाधिकारी एनपी सिंह ने लॉकडाउन के शुरुआत से नौवीं से 12वीं तक प्रत्येक बोर्ड के बच्चों की आनलाइन पढ़ाई कराने के लिए निर्देश जारी कर दिए थे। बाद में शासन ने भी 20 अप्रैल से आनलाइन पढ़ाई शुरू कराने के निर्देश दिए। माध्यमिक शिक्षा की वेबसाइट upmsp.edu.in और दीक्षा पोर्टल www.diksha.gov.in से पाठ्यक्रम डाउनलोड कर बच्चों के वाट्सएप नंबर पर भेजना था। इसके साथ ही बच्चों की क्वैरी से निस्तारण के लिए शिक्षकों की टीम भी बनाई गई थी।
निर्देश के क्रम में सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के साथ ही यूपी बोर्ड विद्यार्थियों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ना शुरू कर दिया गया था। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल में छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए भी आनलाइन कोर्स और पढ़ाई शुरू हो गई है। यहां परेशानी सिर्फ किताबों को लेकर आ रही है। उधर, यूपी बोर्ड के विद्यालयों के बच्चों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ने में काफी परेशानी हो रही है। कारण सभी बच्चों को पास एंड्रायड फोन न होना और सभी बच्चों के मोबाइल नंबर विद्यालयों में उपलब्ध न होना भी बताया जा रहा है। ऐसे में आजमगढ़ के कुल 2.25 लाख बच्चों में मात्र 29 फीसदी ही वाट्सएप ग्रुप से जुड़ पाएं हैं। मऊ में जहां ये आंकड़ा 25.6 फीसदी है वहीं, बलिया में 38.12 फीसदी है। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा ने चिंता जताई है। इसके साथ ही समस्या होने पर अपने जनपद के डीआईआओएस आजमगढ़ डॉ. वीके शर्मा 9454457357, बलिया 9454457361, मऊ 9454457359 से संपर्क करने को कहा है।
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किताबें न मिलने से परेशान हैं छात्र
आजमगढ़। लाकडाउन के कारण बंद चल रहे बहुत से विद्यालयों ने आनलाइन पढ़ाई शुरू कर दिया है, लेकिन छात्रों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। विद्यालय तो आनलाइन पढ़ाकर समय पर अपना कोर्स पूरा कर लेंगे, लेकिन छात्रों को किताबों केे बगैर कुछ भी समझने में परेशानी हो रही है। छात्र बिना कापी और किताबों के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छात्रों की इस परेशानी को देखते हुए पुस्तक विक्रेता संघ ने डीएम एनपी सिंह से मुलाकात की थी और कापी किताब की दुकानों को खुलवानों की मांग की थी। उनकी इस मांग पर डीएम ने उन्हें होम डिलवरी की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अभी तक छात्र इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
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जिलाधिकारी एनपी सिंह ने लॉकडाउन के शुरुआत से नौवीं से 12वीं तक प्रत्येक बोर्ड के बच्चों की आनलाइन पढ़ाई कराने के लिए निर्देश जारी कर दिए थे। बाद में शासन ने भी 20 अप्रैल से आनलाइन पढ़ाई शुरू कराने के निर्देश दिए। माध्यमिक शिक्षा की वेबसाइट upmsp.edu.in और दीक्षा पोर्टल www.diksha.gov.in से पाठ्यक्रम डाउनलोड कर बच्चों के वाट्सएप नंबर पर भेजना था। इसके साथ ही बच्चों की क्वैरी से निस्तारण के लिए शिक्षकों की टीम भी बनाई गई थी।
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निर्देश के क्रम में सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के साथ ही यूपी बोर्ड विद्यार्थियों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ना शुरू कर दिया गया था। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल में छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए भी आनलाइन कोर्स और पढ़ाई शुरू हो गई है। यहां परेशानी सिर्फ किताबों को लेकर आ रही है। उधर, यूपी बोर्ड के विद्यालयों के बच्चों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ने में काफी परेशानी हो रही है। कारण सभी बच्चों को पास एंड्रायड फोन न होना और सभी बच्चों के मोबाइल नंबर विद्यालयों में उपलब्ध न होना भी बताया जा रहा है। ऐसे में आजमगढ़ के कुल 2.25 लाख बच्चों में मात्र 29 फीसदी ही वाट्सएप ग्रुप से जुड़ पाएं हैं। मऊ में जहां ये आंकड़ा 25.6 फीसदी है वहीं, बलिया में 38.12 फीसदी है। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा ने चिंता जताई है। इसके साथ ही समस्या होने पर अपने जनपद के डीआईआओएस आजमगढ़ डॉ. वीके शर्मा 9454457357, बलिया 9454457361, मऊ 9454457359 से संपर्क करने को कहा है।
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किताबें न मिलने से परेशान हैं छात्र
आजमगढ़। लाकडाउन के कारण बंद चल रहे बहुत से विद्यालयों ने आनलाइन पढ़ाई शुरू कर दिया है, लेकिन छात्रों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। विद्यालय तो आनलाइन पढ़ाकर समय पर अपना कोर्स पूरा कर लेंगे, लेकिन छात्रों को किताबों केे बगैर कुछ भी समझने में परेशानी हो रही है। छात्र बिना कापी और किताबों के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छात्रों की इस परेशानी को देखते हुए पुस्तक विक्रेता संघ ने डीएम एनपी सिंह से मुलाकात की थी और कापी किताब की दुकानों को खुलवानों की मांग की थी। उनकी इस मांग पर डीएम ने उन्हें होम डिलवरी की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अभी तक छात्र इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।