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राजकीय विद्यालयों के 13 शिक्षक बर्खास्त
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:47 PM IST
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Teacher Shimla
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राजकीय विद्यालयों में नवनियुक्त सहायक अध्यापकों के अभिलेखों के सत्यापन का कार्य तेजी से जारी है। सत्यापन के दौरान संदेह के आधार पर पकड़े गए 25 शिक्षकों के फर्जी साबित होने पर मंगलवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने इनमें से 13 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी। बताते चलें कि राजकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2015 में आवेदन निकला गया था जिसमें कई जनपदों से लोगों ने आवेदन किया।
काउंसलिंग के बाद 289 अभ्यर्थियों को सितंबर 2015 में नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक बिना वेतन के ही शिक्षण कार्य कर रहे हैं। आजमगढ़ मंडल के 289 अभ्यर्थियों में 209 महिला और 88 पुरुष अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी हुआ। सभी अभ्यर्थी स्कूलों में पढ़ा रहे थे। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने जब पुरुष अभ्यर्थियों के अंकपत्रों की जांच की तो मंडल में 16 ऐसे अभ्यर्थी मिले जिनके अंकपत्र संदिग्ध प्रतीत हुए। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया। 13 लोगों ने कागजात प्रस्तुत किए। जांच के दौरान सभी के अभिलेख फर्जी पाए गए।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सभी की सेवा समाप्त कर दी। इन शिक्षकों में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दवल मऊ के कमलराज, राजकीय विद्यालय खराटी आजमगढ़ के तेज बहादुर सिंह, राजकीय विद्यालय बहरामपुर मऊ के अभयानंद यादव, राजकीय विद्यालय सरायपुर पवई आजमगढ़ के विपिन कुमार यादव, राजकीय विद्यालय जमदरा मऊ के धीरज सोनकर, राजकीय विद्यालय बघईपुर बलिया के राजेंद्र गीरी, राजकीय विद्यालय सल्तानीपुर मऊ के अग्नेश कुमार सिंह, राजकीय विद्यालय सोनाडीह बलिया के राजेश कुमार पाल, राजकीय विद्यालय बहरामपुर मऊ के अरविंद कुमार सिंह, राजकीय विद्यालय कोल बलिया शंकर चौहान, राजकीय विद्यालय सोनाडीह बलिया अजीत कुमार कुशवाहा, राजकीय विद्यालय सरायपुर पवई के सतीश कुमार, राजकीय विद्यालय कोल बलिया के आदित्य सक्सेना, राजकीय विद्यालय चौबेपुर शामिल हैं।
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जांच के दौरान 16 पुरुष अभ्यर्थियों के अभिलेख संदिग्ध पाए गए थे। उन्हें नोटिस जारी कर अभिलेख की सत्यता साबित करने का निर्देश दिया गया था। उनमें 13 लोगों के अभिलेख प्राप्त हुए, जो फर्जी थे। ऐेेेसे में इनकी सेवा समाप्त कर जिला विद्यालय निरीक्षक को कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया है। - रामचेत, संयुक्त शिक्षा निदेशक
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काउंसलिंग के बाद 289 अभ्यर्थियों को सितंबर 2015 में नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक बिना वेतन के ही शिक्षण कार्य कर रहे हैं। आजमगढ़ मंडल के 289 अभ्यर्थियों में 209 महिला और 88 पुरुष अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी हुआ। सभी अभ्यर्थी स्कूलों में पढ़ा रहे थे। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने जब पुरुष अभ्यर्थियों के अंकपत्रों की जांच की तो मंडल में 16 ऐसे अभ्यर्थी मिले जिनके अंकपत्र संदिग्ध प्रतीत हुए। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया। 13 लोगों ने कागजात प्रस्तुत किए। जांच के दौरान सभी के अभिलेख फर्जी पाए गए।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सभी की सेवा समाप्त कर दी। इन शिक्षकों में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दवल मऊ के कमलराज, राजकीय विद्यालय खराटी आजमगढ़ के तेज बहादुर सिंह, राजकीय विद्यालय बहरामपुर मऊ के अभयानंद यादव, राजकीय विद्यालय सरायपुर पवई आजमगढ़ के विपिन कुमार यादव, राजकीय विद्यालय जमदरा मऊ के धीरज सोनकर, राजकीय विद्यालय बघईपुर बलिया के राजेंद्र गीरी, राजकीय विद्यालय सल्तानीपुर मऊ के अग्नेश कुमार सिंह, राजकीय विद्यालय सोनाडीह बलिया के राजेश कुमार पाल, राजकीय विद्यालय बहरामपुर मऊ के अरविंद कुमार सिंह, राजकीय विद्यालय कोल बलिया शंकर चौहान, राजकीय विद्यालय सोनाडीह बलिया अजीत कुमार कुशवाहा, राजकीय विद्यालय सरायपुर पवई के सतीश कुमार, राजकीय विद्यालय कोल बलिया के आदित्य सक्सेना, राजकीय विद्यालय चौबेपुर शामिल हैं।
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जांच के दौरान 16 पुरुष अभ्यर्थियों के अभिलेख संदिग्ध पाए गए थे। उन्हें नोटिस जारी कर अभिलेख की सत्यता साबित करने का निर्देश दिया गया था। उनमें 13 लोगों के अभिलेख प्राप्त हुए, जो फर्जी थे। ऐेेेसे में इनकी सेवा समाप्त कर जिला विद्यालय निरीक्षक को कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया है। - रामचेत, संयुक्त शिक्षा निदेशक