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बिगड़े मौसम का मिजाज से सहमे किसान
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:31 PM IST
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बिगड़े मौसम
फसलें पककर तैयार हैं और किसान अब इसकी कटाई करने की तैयारी में जुटा हुआ है। लेकिन रविवार की सुबह मौसम ने ऐसी करवट ली कि किसानों की पेसानी पर चिंता की लकीरें उभर आई। वह काटी गई दलहनी और तिलहनी फसलों को समेटने में जुट गया।
रविवार को सुबह से आसमान बादलों से घिर रहा। जिसके कारण पूरे दिन बदली छाई रही। इस बदली ने जनपद के किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। क्योंकि गेहूं की फसल पहले ही काफी कमजोर है और पककर तैयार है। जहां बहुत से किसान इसकी कटाई करने की तैयारी में हैं वहीं बहुत से किसानों ने कटाई शुरू भी कर दी है।
ऐसे में अगर बारिश होती हैै तो गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचेगा। वहीं किसानों की दलहनी और तिलहनी फसलें कटकर खलिहानों में पहुंच गई है। किसान उसे सुखा रहे हैं ताकि उसकी दवांई या पिटाई कर सकें। लेकिन रविवार को मौसम का मिजाज देख किसान इनको समेटने में जुट गए।
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हालांकि बारिश तो नहीं हुई लेकिन बादलों ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया। किसान प्रेमचंद ने कहा कि अगर बारिश हुई तो गेहूं की कटाई दो तीन दिन बाद होगी। वहीं जिसकी दलहनी और तिलहनी फसल खलिहान में होगी उसे नुकसान होगा। किसार हरिश्चंद्र ने कहा कि बारिश के साथ अगर तेज हवा चली तो गेहूं की फसल को काफी नुकसान होगा। उसके गिरने के बाद उसे काटना मुश्किल होगा।
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रविवार को सुबह से आसमान बादलों से घिर रहा। जिसके कारण पूरे दिन बदली छाई रही। इस बदली ने जनपद के किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। क्योंकि गेहूं की फसल पहले ही काफी कमजोर है और पककर तैयार है। जहां बहुत से किसान इसकी कटाई करने की तैयारी में हैं वहीं बहुत से किसानों ने कटाई शुरू भी कर दी है।
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ऐसे में अगर बारिश होती हैै तो गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचेगा। वहीं किसानों की दलहनी और तिलहनी फसलें कटकर खलिहानों में पहुंच गई है। किसान उसे सुखा रहे हैं ताकि उसकी दवांई या पिटाई कर सकें। लेकिन रविवार को मौसम का मिजाज देख किसान इनको समेटने में जुट गए।
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हालांकि बारिश तो नहीं हुई लेकिन बादलों ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया। किसान प्रेमचंद ने कहा कि अगर बारिश हुई तो गेहूं की कटाई दो तीन दिन बाद होगी। वहीं जिसकी दलहनी और तिलहनी फसल खलिहान में होगी उसे नुकसान होगा। किसार हरिश्चंद्र ने कहा कि बारिश के साथ अगर तेज हवा चली तो गेहूं की फसल को काफी नुकसान होगा। उसके गिरने के बाद उसे काटना मुश्किल होगा।