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सपा मुखिया को ज्ञापन रसोइयों की लें सुध
ब्यूरो, अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:53 AM IST
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रसोइयों की समस्याओं के समाधान के लिए अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ ने मंगलवार को मेहता पार्क में बैठक की आैर पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सपा मुखिया मुलायम सिंह को भेजा।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना में रसोइयां पद पर पूरे उत्तर प्रदेश में करीब चार लाख अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति और सामान्य जाति के गरीब विधवा और निराश्रित महिला और पुरुष कार्यरत हैं। विभाग से मिलने वाले एक हजार रुपये के मानदेय से वह अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। लेकिन रसोइयां पद का चयन ग्रामीण स्तर पर होने की वजह से हर वर्ष इसी पद के लिए नियुक्ति निकाल दी जाती है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और सभासद अपनी मनमर्जी कर पूर्व में कार्यरत रसोइयों को बिना कारण हटाकर एस पद पर अपने चहेतों को रखने का कार्य करते हैं। जिसके कारण पूर्व में कार्यरत रसोइयां बेरोजगार हो जाते हैं। इसलिए रसोइया चयन के शासनादेश में परिवर्तन किया जाना आवश्यक है। ताकि रसोइयों के सामने भूखमरी की समस्या न उत्पन्न हो। इस मौके पर संगीता, सुनीता, पूनम मिश्रा, रामपलट, विभा प्रजापति, हेमवंती सिंह, अनीता यादव, गीता, सुलचंद, शकुंतला निषाद, पुष्पा गोंड़, जयप्रकाश, जेपी यादव आदि उपस्थित थे।
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बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना में रसोइयां पद पर पूरे उत्तर प्रदेश में करीब चार लाख अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति और सामान्य जाति के गरीब विधवा और निराश्रित महिला और पुरुष कार्यरत हैं। विभाग से मिलने वाले एक हजार रुपये के मानदेय से वह अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। लेकिन रसोइयां पद का चयन ग्रामीण स्तर पर होने की वजह से हर वर्ष इसी पद के लिए नियुक्ति निकाल दी जाती है।
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विद्यालय के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और सभासद अपनी मनमर्जी कर पूर्व में कार्यरत रसोइयों को बिना कारण हटाकर एस पद पर अपने चहेतों को रखने का कार्य करते हैं। जिसके कारण पूर्व में कार्यरत रसोइयां बेरोजगार हो जाते हैं। इसलिए रसोइया चयन के शासनादेश में परिवर्तन किया जाना आवश्यक है। ताकि रसोइयों के सामने भूखमरी की समस्या न उत्पन्न हो। इस मौके पर संगीता, सुनीता, पूनम मिश्रा, रामपलट, विभा प्रजापति, हेमवंती सिंह, अनीता यादव, गीता, सुलचंद, शकुंतला निषाद, पुष्पा गोंड़, जयप्रकाश, जेपी यादव आदि उपस्थित थे।
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