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Azamgarh News: समय से करें मूंग की बोआई, अच्छा होगा उत्पादन

Sun, 08 Mar 2026 11:40 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:40 PM IST
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Sow mung beans on time, there will be good production
आजमगढ़। कम समय में अधिक फायदा देने वाली फसल की बात की जाए तो सबसे पहले गर्मी में बोई जाने वाली मूंग का ख्याल आता है। गेहूं कटने के तुरंत बाद किसान मूंग की बोआई करें। इससे अच्छा उत्पादन होगा। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डाॅ. एलसी वर्मा ने बताया कि ज्यादातर किसान गेहूं की कटाई के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की बोआई के लिए परंपरागत तरीकों से खेत को तैयार करके बोने में 15 से 20 दिन का समय लगा देते है। इसके चलते मूंग की कटाई बरसात आने से पहले नहीं होती है। इस बहुमूल्य समय को बचाने के लिए जीरो ड्रिल या हैप्पी सीडर से गेहूं की कटाई के तुरंत बाद मूंग की बोआई कर देनी चाहिए। इससे 10 से 15 दिन का मूल्यवान समय बच जाता है। समय पर बोआई से उत्पादकता में वृद्धि और लागत में कमी आती है। 25 से 30 सेमी कतार से कतार और पांच से सात सेमी की दूरी पर बीज की बोआई करनी चाहिए। बीज की गहराई तीन से पांच सेमी होनी चाहिए।
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ऐसे करें ग्रीष्मकालीन मूंग की बोआई-वैज्ञानिक डॉ आदित्य कुमार ने बताया कि अंकुरित मूंग के बीजों को गेहूं की कटाई के बाद हैप्पी सीडर या जीरो ड्रिल मशीन से बोआई कर बौछारी पद्धति से सिंचाई करें। प्रक्षेत्र प्रबंधक बेद प्रकाश सिंह ने बताया कि किसान बोआई के लिए पूसा विशाल, पूसा रत्ना, पूसा 0672, एमएच 421, एमएच 1142, एमएच 215, सत्या, एसएमएल 668, एसएमएल 1827, ईपीएम 214, ईपीएम 2057, विराट आदि उन्नत किस्मों का प्रयोग करें।
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खेत में बकरी चराने के विवाद में मारपीट-कोपागंज। स्थानीय थाना क्षेत्र के लाड़नपुर माफी गांव में खेत में बकरी चराने के विवाद में दो पक्षों में मारपीट हो गई। घटना बीते चार मार्च की है। दोनों पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने शनिवार की शाम नौ के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी के अनुसार अधिवक्ता अविनाश तिवारी का आरोप है कि 4 मार्च की शाम करीब 5:45 बजे उनके बाबा ऋषिकेश तिवारी खेत देखने गए थे। गांव के ही लालचंद राजभर की बकरियां खेत में चर रही थीं। उन्होंने बकरियों को चराने से मना किया तो गोविंद और रवि, अंजली उर्फ दुर्गा, बेफई, संजय, अभिषेक और आकाश राजभर ने पीट कर घायल कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे राघवेंद्र तिवारी को भी मारपीट कर घायल कर दिया। दूसरे पक्ष की दुर्गा का आरोप है कि उसी दिन शाम करीब छह बजे बकरी खेत में जाने की बात को लेकर अविनाश तिवारी और राघवेंद्र तिवारी उनके घर पहुंच गए। गाली दी और उसके साथ मारपीट की। बचान आए पिता लालचंद, माता बेफई और भाई रवि को भी पीटा। थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्रनाथ राय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। संवाद
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