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Azamgarh News: कहीं झांड़ियां उगीं हैं तो कहीं ताले में बंद हैं आयुष्मान आरोग्य मंदिर
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09 आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्राम पंचायत ईश्वरपुर विकासखंड रानी की सराय। संवाद
आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद कई आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर तो कर दिया गया लेकिन अभी तक सीएचओ की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में उपचार कराने चार से पांच किमी दूर जाना पड़ रहा है।
जिले में कुल 561 आयुष्मान मंदिर पास किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 490 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित करने का दावा किया जा रहा है। वहीं, करीब 27 को निर्माणाधीन बताया जा रहा है। जबकि हकीकत अलग है। पड़ताल में सामने आया कि पिछले कई माह से ज्यादातर आयुष्मान मंदिर खुलते ही नहीं है। नतीजा आयुष्मान मंदिर में झाड़ियों उग आई हैं। बृहस्पतिवार को पड़ताल में यही हकीकत उजागर हुई कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना फिलहाल रस्म अदायगी तक सीमित होकर रह गई है।
31 आरोग्य मंदिर, में 13 पर सीएचओ की तैनाती नहीं
बरदह। विकास खंड ठेकमा में 31 आरोग्य आयुष्मण सेंटर है। इसमें 18 चल रहे हैं। 13 पर अभी तक तैनाती नहीं हो कसी है। बरदह गांव में लाखों रुपये से बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर एकदम बेकार पड़ा हुआ है। यहां पर न तो कोई मरीज जाता है न ही कोई खोज खबर लेने आता। ऐसे में तीन से चार किमी दूर ब्लाॅक पर जाना पड़ता है। गांव के आदित्य तिवारी, विकास राय व सोनू राय ने बताया कि यह आरोग्य मंदिर कभी नहीं खुलता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा के प्रभारी निरीक्षक डॉ. रविंद्र प्रसाद ने बताया कि यहां पर कोई नहीं है। जिससे सेंटर नहीं खुलता है।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उगीं झाड़ियां
फरिहा। विकास खंड रानी की सराय में आयुष्मान आरोग्य मंदिर फरिहा में बृहस्पतिवार को ताला बंद मिला। यहां की स्थिति देखकर साफ पता चल रहा कि यहां पर कोई भी कभी नहीं बैठता है। ऐसे में लोगों को दो से तीन किमी दूरी तय कर गांव से दूर ब्लाॅक पर जाना पड़ता है। इससे समस्याएं होती हैं।
महीने में एक या दो दिन खुलता
चक्रपानपुर। विकास खंड पल्हनी के छतवारा में बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर काफी समय से बंद पड़ा है। सरकार ने इसपर लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया है। गांव के दुर्गा प्रसाद चौरसिया ने बताया कि महीने में एक दिन और किसी दिन मीटिंग रहती है तभी खुलता है। इसके बाद हर समय ताला बंद रहता है। वहीं विकास खंड रानी की सराय स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर ईश्वरपुर में ताला बंद मिला। गांव के लोगों ने कहा कि यह ज्यादातर बंद पड़ा रहता है। इससे लोगों को दवा लेने के लिए निजी चिकित्सक या फिर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। चिकित्सा अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया ईश्वरपुर आयुष्मान आयोग मंदिर के डॉक्टर दवा लेने जिला अस्पताल गई हैं। जिससे बंद होगा।
जिले में 561 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पास हैं। वर्तमान में कुल 490 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। बाकी के आरोग्य मंदिरों का निर्माण हो रहा है तो कुछ में सीएचओ की तैनाती नहीं हुई है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जल्द ही सीएचओ की तैनाती की जाएगी। - विपिन पाठक, डीसीपीएम।
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जिले में कुल 561 आयुष्मान मंदिर पास किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 490 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित करने का दावा किया जा रहा है। वहीं, करीब 27 को निर्माणाधीन बताया जा रहा है। जबकि हकीकत अलग है। पड़ताल में सामने आया कि पिछले कई माह से ज्यादातर आयुष्मान मंदिर खुलते ही नहीं है। नतीजा आयुष्मान मंदिर में झाड़ियों उग आई हैं। बृहस्पतिवार को पड़ताल में यही हकीकत उजागर हुई कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना फिलहाल रस्म अदायगी तक सीमित होकर रह गई है।
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31 आरोग्य मंदिर, में 13 पर सीएचओ की तैनाती नहीं
बरदह। विकास खंड ठेकमा में 31 आरोग्य आयुष्मण सेंटर है। इसमें 18 चल रहे हैं। 13 पर अभी तक तैनाती नहीं हो कसी है। बरदह गांव में लाखों रुपये से बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर एकदम बेकार पड़ा हुआ है। यहां पर न तो कोई मरीज जाता है न ही कोई खोज खबर लेने आता। ऐसे में तीन से चार किमी दूर ब्लाॅक पर जाना पड़ता है। गांव के आदित्य तिवारी, विकास राय व सोनू राय ने बताया कि यह आरोग्य मंदिर कभी नहीं खुलता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा के प्रभारी निरीक्षक डॉ. रविंद्र प्रसाद ने बताया कि यहां पर कोई नहीं है। जिससे सेंटर नहीं खुलता है।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उगीं झाड़ियां
फरिहा। विकास खंड रानी की सराय में आयुष्मान आरोग्य मंदिर फरिहा में बृहस्पतिवार को ताला बंद मिला। यहां की स्थिति देखकर साफ पता चल रहा कि यहां पर कोई भी कभी नहीं बैठता है। ऐसे में लोगों को दो से तीन किमी दूरी तय कर गांव से दूर ब्लाॅक पर जाना पड़ता है। इससे समस्याएं होती हैं।
महीने में एक या दो दिन खुलता
चक्रपानपुर। विकास खंड पल्हनी के छतवारा में बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर काफी समय से बंद पड़ा है। सरकार ने इसपर लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया है। गांव के दुर्गा प्रसाद चौरसिया ने बताया कि महीने में एक दिन और किसी दिन मीटिंग रहती है तभी खुलता है। इसके बाद हर समय ताला बंद रहता है। वहीं विकास खंड रानी की सराय स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर ईश्वरपुर में ताला बंद मिला। गांव के लोगों ने कहा कि यह ज्यादातर बंद पड़ा रहता है। इससे लोगों को दवा लेने के लिए निजी चिकित्सक या फिर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। चिकित्सा अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया ईश्वरपुर आयुष्मान आयोग मंदिर के डॉक्टर दवा लेने जिला अस्पताल गई हैं। जिससे बंद होगा।
जिले में 561 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पास हैं। वर्तमान में कुल 490 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। बाकी के आरोग्य मंदिरों का निर्माण हो रहा है तो कुछ में सीएचओ की तैनाती नहीं हुई है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जल्द ही सीएचओ की तैनाती की जाएगी। - विपिन पाठक, डीसीपीएम।

09 आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्राम पंचायत ईश्वरपुर विकासखंड रानी की सराय। संवाद

09 आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्राम पंचायत ईश्वरपुर विकासखंड रानी की सराय। संवाद