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कोविड की किसी को परवाह नहीं, मास्क तक नहीं लगा रहे
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आजमगढ़। कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के मरीजों की संख्या पूरे देश में लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेेतावनी जारी कर सोशल डिस्टेंसिंग व फेसमास्क की अनिवार्यता पर जोर दिया है। लेकिन जनपद में सोशल डिस्टेंसिंग पालन तो दूर लोग फेसमास्क भी नहीं लगा रहे हैं। निर्देश के बाद भी अब तक अस्पतालों में बेड भी कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित नहीं किया गया है।
जनपद में वैरिएंट ओमिकॉन का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की रफ्तार को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अभी तक इसमें अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी है। जनपद में विदेश से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग अभी तक सत्यापित नहीं कर पाया है। जबकि उसके पास 597 लोगों के विदेश से जनपद में आने की सूचना है। विभाग द्वारा टीकाकरण का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है। टीकाकरण के मामले में जनपद प्रदेश में नौवें स्थान पर पहुंच गया है। जनपद में अब तक कुल 31 लाख 36 हजार 629 लोगों को प्रथम डोज का टीका लग लग चुका है। लेकिन दूसरी डोज के मामले में जनपद पीछे है। जनपद में अब तक मात्र 32.75 प्रतिशत लोगों यानि 12 लाख 62 हजार 565 लोगों को ही कोरोना टीकाकरण की द्वितीय डोज लगी है। जनपद में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उत्पन्न हुई आक्सीजन की किल्लत को देखते हुए शासन स्तर से आक्सीजन प्लांटों की स्थापना का निर्णय लिया है। जिसके तहत आठ अस्पतालों में अब तक आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं और उनसे उत्पादन भी शुरू हो चुका है। जिसमें दो मेडिकल कालेज, एक महिला अस्पताल, एक जिला अस्पताल, सीएचसी लाटघाट, सीएचसी लालगंज, 100 शैया अस्पताल अतरौलिया और 100 शैया अस्पताल तरवां में आक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुके हैं।
जनपद में है कुल 37 वेंटिलेटर
आजमगढ़। प्रशासनिक स्तर पर लोगों केे जागरूक करने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। अधिकारियों को कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर तैयारी मुकम्मल रखने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले कोरोना काल में 37 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई थी। लेकिन लहर के गुजरने के बाद भी इसे बढ़ाने का प्रयास अब तक नहीं किया गया।
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कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर तैयारियां की जा रही है। तैयारियां पूरी हैं अगर कोई मरीज सामने आता है तो उसे अतरौलिया 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। जनपद में दवाओं की उपलब्धता भी हैं। आक्सीजन प्लांट लगने के बाद जिला आक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। -डा. आईएन तिवारी, सीएमओ
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जनपद में वैरिएंट ओमिकॉन का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की रफ्तार को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अभी तक इसमें अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी है। जनपद में विदेश से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग अभी तक सत्यापित नहीं कर पाया है। जबकि उसके पास 597 लोगों के विदेश से जनपद में आने की सूचना है। विभाग द्वारा टीकाकरण का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है। टीकाकरण के मामले में जनपद प्रदेश में नौवें स्थान पर पहुंच गया है। जनपद में अब तक कुल 31 लाख 36 हजार 629 लोगों को प्रथम डोज का टीका लग लग चुका है। लेकिन दूसरी डोज के मामले में जनपद पीछे है। जनपद में अब तक मात्र 32.75 प्रतिशत लोगों यानि 12 लाख 62 हजार 565 लोगों को ही कोरोना टीकाकरण की द्वितीय डोज लगी है। जनपद में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उत्पन्न हुई आक्सीजन की किल्लत को देखते हुए शासन स्तर से आक्सीजन प्लांटों की स्थापना का निर्णय लिया है। जिसके तहत आठ अस्पतालों में अब तक आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं और उनसे उत्पादन भी शुरू हो चुका है। जिसमें दो मेडिकल कालेज, एक महिला अस्पताल, एक जिला अस्पताल, सीएचसी लाटघाट, सीएचसी लालगंज, 100 शैया अस्पताल अतरौलिया और 100 शैया अस्पताल तरवां में आक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुके हैं।
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जनपद में है कुल 37 वेंटिलेटर
आजमगढ़। प्रशासनिक स्तर पर लोगों केे जागरूक करने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। अधिकारियों को कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर तैयारी मुकम्मल रखने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले कोरोना काल में 37 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई थी। लेकिन लहर के गुजरने के बाद भी इसे बढ़ाने का प्रयास अब तक नहीं किया गया।
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कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर तैयारियां की जा रही है। तैयारियां पूरी हैं अगर कोई मरीज सामने आता है तो उसे अतरौलिया 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। जनपद में दवाओं की उपलब्धता भी हैं। आक्सीजन प्लांट लगने के बाद जिला आक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। -डा. आईएन तिवारी, सीएमओ