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विकास के नाम पर लग रही चपत
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Fri, 21 Oct 2016 11:49 PM IST
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जनपद में विकास के नाम पर बिना किसी मानचित्र के अनियोजित कार्य कराए जाने से मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट अंडरग्राउंड वायरिंग कार्य में दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अंडरग्राउंड वायरिंग का कार्य पूरा भी नहीं हो सका है कि सड़क निर्माण के कार्य के दौरान कई स्थानों पर अंडरग्राउंड वायरिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। इसी तरह से जनपद में एक तरफ इंटरलाकिंग लगाई जा रही है तो दूसरी तरफ से उखाड़ी जा रही है। इस सबके बाद भी जिला प्रशासन की ओर से कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की गई।
जनपद के नगर क्षेत्र को बिजली तारों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाने के लिए सपा सरकार ने 72 करोड़ रुपये के बजट से अंडरग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य लगभग दो वर्ष पूर्व शुरू कराया। कार्यदायी संस्था को अक्टूबर 2016 तक कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया गया। निर्माण की अवधि समाप्त होने वाली है लेकिन लेकिन अभी तक कार्यदायी संस्था 142 साइटों में से सिर्फ 43 साइटों का कार्य ही पूरी कर सकी है। अभी 99 साइटों पर कार्य पूर्ण होना बाकी है। जिस गति से काम हो रहा है, उसे देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है अभी इस कार्य को पूरा होने में कई वर्ष लगेंगे।
जबकि अभी हाल ही में विभाग की बैठक के दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जता चुके हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था को आदमी बढ़ाकर अक्टूबर तक कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया लेकिन इसके बाद भी अभी तक कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ कार्यदायी संस्था केबिल बिछा रही है तो दूसरी तरफ से सड़कों की खुदाई कर उनके चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है।
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चौड़ीकरण के दौरान मानक के विपरीत विछाई गई केबिल काफी मात्रा में क्षतिग्रस्त हो रही है। विभाग क्षतिग्रस्त केबिलों की मरम्मत कर उन्हें जमीन के नीचे दबाता चला जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अब तक जनपद में करोड़ों रुपये की केबिल सड़क चौड़ीकरण की भेंट चढ़ चुकी है। वहीं, आम जनता में यह चर्चा है कि जब शुरू होने से पूर्व ही केबिल क्षतिग्रस्त हो गई तो शुरू होने के बाद इनसे किस प्रकार समुचित तरीके से विद्युत की आपूर्ति होगी।
कार्य के मार्च तक पूरा होने की संभावना है। सड़क चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी से कहा गया है कि वह जहां खुदाई करें हमारे विभाग से एक आदमी को लेकर करें लेकिन उनके द्वारा मनमाने तरीके से खुदाई कराई जा रही है। इससे केबिल क्षतिग्रस्त हो रही है। हमने केबिल क्षतिग्रस्त करने पर दो करोड़ रुपये का बिल भेजा है। - आरआर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग
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जनपद के नगर क्षेत्र को बिजली तारों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाने के लिए सपा सरकार ने 72 करोड़ रुपये के बजट से अंडरग्राउंड केबिल बिछाने का कार्य लगभग दो वर्ष पूर्व शुरू कराया। कार्यदायी संस्था को अक्टूबर 2016 तक कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया गया। निर्माण की अवधि समाप्त होने वाली है लेकिन लेकिन अभी तक कार्यदायी संस्था 142 साइटों में से सिर्फ 43 साइटों का कार्य ही पूरी कर सकी है। अभी 99 साइटों पर कार्य पूर्ण होना बाकी है। जिस गति से काम हो रहा है, उसे देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है अभी इस कार्य को पूरा होने में कई वर्ष लगेंगे।
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जबकि अभी हाल ही में विभाग की बैठक के दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जता चुके हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था को आदमी बढ़ाकर अक्टूबर तक कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया लेकिन इसके बाद भी अभी तक कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ कार्यदायी संस्था केबिल बिछा रही है तो दूसरी तरफ से सड़कों की खुदाई कर उनके चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है।
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चौड़ीकरण के दौरान मानक के विपरीत विछाई गई केबिल काफी मात्रा में क्षतिग्रस्त हो रही है। विभाग क्षतिग्रस्त केबिलों की मरम्मत कर उन्हें जमीन के नीचे दबाता चला जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अब तक जनपद में करोड़ों रुपये की केबिल सड़क चौड़ीकरण की भेंट चढ़ चुकी है। वहीं, आम जनता में यह चर्चा है कि जब शुरू होने से पूर्व ही केबिल क्षतिग्रस्त हो गई तो शुरू होने के बाद इनसे किस प्रकार समुचित तरीके से विद्युत की आपूर्ति होगी।
कार्य के मार्च तक पूरा होने की संभावना है। सड़क चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी से कहा गया है कि वह जहां खुदाई करें हमारे विभाग से एक आदमी को लेकर करें लेकिन उनके द्वारा मनमाने तरीके से खुदाई कराई जा रही है। इससे केबिल क्षतिग्रस्त हो रही है। हमने केबिल क्षतिग्रस्त करने पर दो करोड़ रुपये का बिल भेजा है। - आरआर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग