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घाघरा के जलस्तर में वृद्धि,कटान तेज
अमर उजाला ब्यूराो, अाजमगढ़
Updated Mon, 29 Jun 2015 12:36 AM IST
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जनपद के उत्तरी छोर से होकर बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में तीन दिनों से वृद्धि हो रही है। इससे कटान में भी तेजी आई है। नदी की चाल से क्षेत्र के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
शनिवार को शारदा बैराज और बरबसा बैराज से छोड़े गए दो लाख क्यूसेक पानी के कारण घाघरा के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। विगत कुछ दिनों में लगभग 20 बीघा खेती योग्य भूमि घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है। ग्रामीणों की मानें तो शनिवार और रविवार के बीच नदी के जलस्तर में लगभग दो मीटर की बढ़ोतरी हुई है।
गांव के किसान परमात्मा राय, डिल्लू, सुग्रीव, लछिराम, रामदुलारे, पूजन, रविंदर, कोमल आदि ने कहा कि हम सबकी कृषि योग्य भूमि कट गई है। इस क्रम में महुला गढ़वल बंधे से नदी को दूर रखने के लिए पिछले दो माह से चल रहे ठोकर बनाने के कार्य में तेजी आ गई है।
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बाढ़ खंड के एसडीओ ईश्वरचंद तिवारी का कहना है कि पानी ऊपर से आ रहा है। लेकिन अभी नदी के गेज तक नहीं पहुंचा है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही तो पानी दो दिनों में गेज तक पहुंच जाएगा।
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शनिवार को शारदा बैराज और बरबसा बैराज से छोड़े गए दो लाख क्यूसेक पानी के कारण घाघरा के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। विगत कुछ दिनों में लगभग 20 बीघा खेती योग्य भूमि घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है। ग्रामीणों की मानें तो शनिवार और रविवार के बीच नदी के जलस्तर में लगभग दो मीटर की बढ़ोतरी हुई है।
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गांव के किसान परमात्मा राय, डिल्लू, सुग्रीव, लछिराम, रामदुलारे, पूजन, रविंदर, कोमल आदि ने कहा कि हम सबकी कृषि योग्य भूमि कट गई है। इस क्रम में महुला गढ़वल बंधे से नदी को दूर रखने के लिए पिछले दो माह से चल रहे ठोकर बनाने के कार्य में तेजी आ गई है।
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बाढ़ खंड के एसडीओ ईश्वरचंद तिवारी का कहना है कि पानी ऊपर से आ रहा है। लेकिन अभी नदी के गेज तक नहीं पहुंचा है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही तो पानी दो दिनों में गेज तक पहुंच जाएगा।