{"_id":"60a945758ebc3e635648fac9","slug":"silence-in-the-village-due-to-33-deaths-azamgarh-news-vns5906881195","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव के बाद हुई 33 मौतों से गांव में पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव के बाद हुई 33 मौतों से गांव में पसरा सन्नाटा
विज्ञापन
रानी की सराय। कोरोना संक्रमण गांवों में तेजी से अपना पांव पसार रहा है। सेठवल में महीने भर में करीब 33 मौतें हो चुकी हैं। लगातार हुई मौतों से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। गांव की गुलजार रहने वाली हर गली में सन्नाटा पसरा हुआ है। संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों द्वारा कोई कदम न उठाए जाने से गांव के लोग सहमे हुए हैं।
रानी की सराय विकास खंड को विकसित गांव के नाम से जाना जाता है। रानी की सराय कस्बे से सटा होने के कारण गांव का काफी विकास हुआ है। इस गांव की कुल आबादी करीब छह हजार से अधिक है। इस गांव में पांच सौ से अधिक परिवार निवास करते हैं। एक महीने से गांव में संक्रमण चल रहा है। गांव के अधिकांश लोग सर्दी जुकाम से पीड़ित हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद से प्रत्येक दिन किसी न किसी की मौत हुई। अब तक करीब 33 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि मौत कैसे हुई इसकी सटीक पुष्टि नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के अनुसार लक्षण कोरोना के ही दिख रहे थे। इतनी मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेगी। क्षेत्रीय लेखपाल रामाश्रय यादव ने बताया कि अब तक करीब 33 लोगों की मौत मेरे संज्ञान में है। इनमें कोरोना से संक्रमित और अन्य बीमारियों से मृत व्यक्तियों की सूची तैयार की गई है। हालांकि मौतें किन कारणों से हो रही इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
एक ही घर से तीन लोगों की उठ चुकी है अर्थी
रानी की सराय। सेठवल गांव के एक ही घर में रहने वाले द्वारिका दास, उनकी पत्नी मीरा देवी व उनकी पुत्री आशा देवी की मृत्यु 20 दिनों के अंदर ही हो गई। एक ही घर में तीन लोगों की अर्थी उठी। परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं एक ही घर में तीन लोगों की मृत्यु से पूरा गांव दहशतजदा है। परिजनों का कहना है कि द्वारिका दास की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। उन्हें चक्रपानपुर स्थित मीनी पीजीआई में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके मौत के कुछ ही दिन बाद अचानक आशा देवी की मृत्यु हो गई। इसके एक सप्ताह बाद ही मीरा देवी की भी मृत्यु हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा परिजनों की जांच की गई। जिसमें सभी की रिपोर्ट पाजीटिव आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रानी की सराय विकास खंड को विकसित गांव के नाम से जाना जाता है। रानी की सराय कस्बे से सटा होने के कारण गांव का काफी विकास हुआ है। इस गांव की कुल आबादी करीब छह हजार से अधिक है। इस गांव में पांच सौ से अधिक परिवार निवास करते हैं। एक महीने से गांव में संक्रमण चल रहा है। गांव के अधिकांश लोग सर्दी जुकाम से पीड़ित हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद से प्रत्येक दिन किसी न किसी की मौत हुई। अब तक करीब 33 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि मौत कैसे हुई इसकी सटीक पुष्टि नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के अनुसार लक्षण कोरोना के ही दिख रहे थे। इतनी मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेगी। क्षेत्रीय लेखपाल रामाश्रय यादव ने बताया कि अब तक करीब 33 लोगों की मौत मेरे संज्ञान में है। इनमें कोरोना से संक्रमित और अन्य बीमारियों से मृत व्यक्तियों की सूची तैयार की गई है। हालांकि मौतें किन कारणों से हो रही इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
विज्ञापन
एक ही घर से तीन लोगों की उठ चुकी है अर्थी
रानी की सराय। सेठवल गांव के एक ही घर में रहने वाले द्वारिका दास, उनकी पत्नी मीरा देवी व उनकी पुत्री आशा देवी की मृत्यु 20 दिनों के अंदर ही हो गई। एक ही घर में तीन लोगों की अर्थी उठी। परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं एक ही घर में तीन लोगों की मृत्यु से पूरा गांव दहशतजदा है। परिजनों का कहना है कि द्वारिका दास की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। उन्हें चक्रपानपुर स्थित मीनी पीजीआई में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके मौत के कुछ ही दिन बाद अचानक आशा देवी की मृत्यु हो गई। इसके एक सप्ताह बाद ही मीरा देवी की भी मृत्यु हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा परिजनों की जांच की गई। जिसमें सभी की रिपोर्ट पाजीटिव आई है।
विज्ञापन