फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Sikh community will not celebrate Guru Teg Bahadur Jayanti in protest against illegal occupation

Azamgarh News: अवैध कब्जे के विरोध में सिख समाज नहीं मनाएगा गुरु तेग बहादुर जयंती

Sat, 19 Apr 2025 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:09 AM IST
विज्ञापन
Sikh community will not celebrate Guru Teg Bahadur Jayanti in protest against illegal occupation
आजमगढ़। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार विट्ठल घाट में सिख समाज ने जिला प्रशासन की उदासीनता और गलत रिपोर्ट के आधार पर गुरुद्वारा परिसर की भूमि से अवैध कब्जा न हटाए जाने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में श्री गुरु तेग बहादुर जयंती (404वीं) नहीं मनाने का निर्णय लिया।
विज्ञापन

यह निर्णय सिख समुदाय की ओर से प्रशासन के खिलाफ असंतोष और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोपों के बीच लिया गया।
संगत के प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने गलत तथ्यों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की, जिसके कारण गुरुद्वारा परिसर की भूमि पर अवैध कब्जा हटाने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन

समिति का कहना है कि प्रशासन ने इस मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती और विपक्षी भू-माफियाओं का पक्ष लेते हुए संतोषजनक कदम नहीं उठाए। गुरुद्वारा प्रबंधन ने बताया कि यह विवाद अदालत में भी चल रहा है और सिख समाज ने इस कानूनी लड़ाई में जीत भी हासिल की थी, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता के कारण कब्जा अब तक नहीं हट सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

गलत रिपोर्ट और भू-माफियाओं को संरक्षण देने की नीति ने सिख समुदाय को आहत किया है। इसलिए, हमने श्री गुरु तेग बहादुर जयंती को न मनाने का निर्णय लिया, ताकि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed