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फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित होंगी सात फिल्में
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आजमगढ़। नाट्य संस्था सूत्रधार और निनाद फाउंडेशन की ओर से इस बार भी 19 से 21 अक्टूबर को स्थानीय शारदा टॉकीज मड्या में दूसरे आजमगढ़ अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। संयोजक अजीत राय ने बताया कि तीन दिन के इस फिल्मोत्सव में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सात फिल्में दिखाई जाएंगी। बॉलीवुड के लगभग 10 फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, अभिनेता शामिल होंगे। प्रमुख रूप से यूथ आइकॉन पीयूष मिश्रा और पवन मल्होत्रा के नाम शामिल है। पीयूष मिश्रा गैंग ऑफ वासेपुर से चर्चित हुए।
आयोजन स्थल को सूत्रधार संस्थान के कलाकारों ने कलात्मक ढंग से सजाया है। फिल्मोत्सव का शुभारंभ 19 अक्टूबर की शाम पांच बजे होगा। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त रंगकर्मी अभिषेक पंडित और पीयूष मिश्रा के संयुक्त बैंड ‘बल्लीमारान’ के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति होगी। कामाख्या नारायण सिंह की चर्चित फिल्म ‘भोर’ का प्रदर्शन होगा जो बिहार के मुसहर जाति पर आधारित है। दूसरे दिन सुबह 10:30 पर पीयूष मिश्रा सीधा संवाद करेंगे। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म ‘जेड प्लस’ का प्रदर्शन किया जाएगा। लेखक राम कुमार सिंह इस सत्र में संवाद के लिए मौजूद रहेंगे। अमित राय निर्देशित फिल्म ‘रोड टू संगम’ दिखाया जाएगा। यह फिल्म महात्मा गांधी के 150वीं जयंती पर समर्पित है। ‘भूलन-द मेज’ का प्रदर्शन रखा गया है जिसका निर्देशन मनोज वर्मा ने किया है। तीसरे दिन डेलीगेट्स और युवाओं के लिए अजित राय की मास्टर क्लास होगी। दोपहर दो बजे शिवमूर्ति की प्रसिद्ध कहानी ‘तर्पण’ पर बनी फिल्म दिखाई जाएगी। शाम सात बजे समापन फ़िल्म‘धूमकुड़िया’ के प्रदर्शन के बाद समापन सत्र होगा। इस साल के फ़िल्म फेस्टिवल का थीम दलित आदिवासी अस्मिता व सामाजिक न्याय रखा गया है। रंगकर्मी अभिषेक पंडित ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत 18 साल से कम आयु वर्ग के दर्शकों का प्रवेश वर्जित रखा गया है। दिल्ली, पटना, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, रीवा, प्रयागराज से कुल 50 युवा डेलीगेट्स भी शामिल हो रहे हैं।
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आयोजन स्थल को सूत्रधार संस्थान के कलाकारों ने कलात्मक ढंग से सजाया है। फिल्मोत्सव का शुभारंभ 19 अक्टूबर की शाम पांच बजे होगा। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त रंगकर्मी अभिषेक पंडित और पीयूष मिश्रा के संयुक्त बैंड ‘बल्लीमारान’ के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति होगी। कामाख्या नारायण सिंह की चर्चित फिल्म ‘भोर’ का प्रदर्शन होगा जो बिहार के मुसहर जाति पर आधारित है। दूसरे दिन सुबह 10:30 पर पीयूष मिश्रा सीधा संवाद करेंगे। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म ‘जेड प्लस’ का प्रदर्शन किया जाएगा। लेखक राम कुमार सिंह इस सत्र में संवाद के लिए मौजूद रहेंगे। अमित राय निर्देशित फिल्म ‘रोड टू संगम’ दिखाया जाएगा। यह फिल्म महात्मा गांधी के 150वीं जयंती पर समर्पित है। ‘भूलन-द मेज’ का प्रदर्शन रखा गया है जिसका निर्देशन मनोज वर्मा ने किया है। तीसरे दिन डेलीगेट्स और युवाओं के लिए अजित राय की मास्टर क्लास होगी। दोपहर दो बजे शिवमूर्ति की प्रसिद्ध कहानी ‘तर्पण’ पर बनी फिल्म दिखाई जाएगी। शाम सात बजे समापन फ़िल्म‘धूमकुड़िया’ के प्रदर्शन के बाद समापन सत्र होगा। इस साल के फ़िल्म फेस्टिवल का थीम दलित आदिवासी अस्मिता व सामाजिक न्याय रखा गया है। रंगकर्मी अभिषेक पंडित ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत 18 साल से कम आयु वर्ग के दर्शकों का प्रवेश वर्जित रखा गया है। दिल्ली, पटना, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, रीवा, प्रयागराज से कुल 50 युवा डेलीगेट्स भी शामिल हो रहे हैं।
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