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मिनी सचिवालय का अधूरा कार्य देख भड़के जिला विकास अधिकारी
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लाटघाट। जिला विकास अधिकारी गुरुवार को विकास खंड हरैया के मिनी सचिवालय की जांच करने पहुंचे। इस दौरान वह मिनी सचिवालय का अधूरा पड़ा भवन को देख भड़क गए। उन्होंने निर्माण में अनियमितता देख संबंधित कर्मचारी से वसूली की भी बात कही।
विकास खंड हरैया के हैदराबाद में मिनी सचिवालय बनाने के लिए वर्ष 2012 में 11 लाख 81 हजार
अवमुक्त हुआ था। जिसे समय से पूरा करना था। उसकी जांच करने के लिए जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय विकास खंड हरैया के हैदराबाद गांव पहुंचे। जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर स्थलीय निरीक्षण किया गया। 2012 में इसका प्रोजेक्ट 11 लाख 81 हजार का बनाया गया था। धन अवमुक्त हुआ था। सभी कार्य अधूरे हैं। दीवार खड़ी है। छत पड़ा है। चार दीवाली नहीं है। अभी ढेर सारे कार्य बाकी हैं। इस मामले में जो भी सचिव व प्रधान दोषी पाया जाएगा उससे इसके पैसे वसूल किए जाएंगे। शौचालय अधूरा है, खिड़की दरवाजा नहीं लगा है। शेष कार्य क्षेत्र पंचायत से पूरा कराया जाएगा। अब तत्कालीन प्रधान और सेक्रेटरी से वसूली होगी।
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विकास खंड हरैया के हैदराबाद में मिनी सचिवालय बनाने के लिए वर्ष 2012 में 11 लाख 81 हजार
अवमुक्त हुआ था। जिसे समय से पूरा करना था। उसकी जांच करने के लिए जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय विकास खंड हरैया के हैदराबाद गांव पहुंचे। जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर स्थलीय निरीक्षण किया गया। 2012 में इसका प्रोजेक्ट 11 लाख 81 हजार का बनाया गया था। धन अवमुक्त हुआ था। सभी कार्य अधूरे हैं। दीवार खड़ी है। छत पड़ा है। चार दीवाली नहीं है। अभी ढेर सारे कार्य बाकी हैं। इस मामले में जो भी सचिव व प्रधान दोषी पाया जाएगा उससे इसके पैसे वसूल किए जाएंगे। शौचालय अधूरा है, खिड़की दरवाजा नहीं लगा है। शेष कार्य क्षेत्र पंचायत से पूरा कराया जाएगा। अब तत्कालीन प्रधान और सेक्रेटरी से वसूली होगी।
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