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स्कूल तैयार, अब प्रशासन के आदेश का इंतजार
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आजमगढ़। प्रदेश सरकार ने 19 अक्तूबर से कक्षा 9वीं से 12 तक के लिए स्कूल खोलने के लिए निर्देश जारी कर दिया है। ये आदेश सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। अभिभावकों की लिखित सहमति से ही विद्यार्थियों को बुलाया जा सकेगा। विद्यालय प्रबंधकों द्वारा तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। अब विद्यालय प्रबंधक जिला प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं बच्चां को स्कूल भेजने के लिए कुछ अभिभावक अभी इंतजार करने तो कुछ बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल भेजने की बात कह रहे हैं।
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नहीं खुलेंगे कंटेनमेंट जोन के स्कूल
स्कूल खोलने के लिए विद्यालय प्रबंधकों की तैयारी पूरी हो गई है। हालांकि जिला प्रशासन की तरफ से आदेश आना बाकी है। ये आदेश कंटेनमेंट जोन पर लागू नहीं होगा। स्कूलों को दो पालियों में चलाया जाएगा। पहली पाली में कक्षा 9 व 10 और दूसरी पाली में कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। एक दिन में एक कक्षा के अधिकतम 50 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को ही बुलाया जा सकेगा। बाकी विद्यार्थियों को दूसरे दिन बुलाया जाएगा। विद्यालय में उपस्थिति के लिए लचीला रुख अपनाया जाएगा और किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
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ऑनलाइन पढ़ाई भी रहेगी जारी
ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। स्कूल बुलाने में उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता पर रखा जाएगा जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यदि विद्यार्थी घर पर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहें तो यह सुविधा उन्हें दी जाए।
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दो विद्यार्थियों में रहेगी 6 फीट की दूरी
विद्यार्थियों के बीच 6 फीट की दूरी रखी जाएगी। हर पाली के बाद स्कूल सैनिटाइज किया जाएगा। स्कूलों में सैनेटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होगी। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या अन्य कर्मचारी को खांसी, जुखाम या बुखार के लक्षण होंगे तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाएगा। प्रवेश व छुट्टी के समय गेट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाएगा। एक साथ सभी विद्यार्थियों की छुट्टी नहीं की जाएगी। स्कूलों में यदि एक से अधिक प्रवेश द्वार हैं तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूल बस या वैन आदि को भी रोज सैनिटाइज करवाया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त मात्रा में मास्क उपलब्ध रखे जाएंगे।
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एसओपी जारी
स्वास्थ्य, स्वच्छता व अन्य सुरक्षा प्रोटोकाल के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है जो माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों व जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें।
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बोले अभिभावक----
कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से अभी बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में निर्णय नहीं ले सकी हूं। अभी विद्यालय में क्या व्यवस्था है। गाइडलाइन का कितना पालन होगा स्कूल खुलने के बाद ही पता चलेगा। इसके बाद ही स्कूल भेजना उचित होगा। - सारिका सिंह, अभिभावक।
कोरोना को लेकर लगातार स्कूलों के बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। भले ही अभी कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यालय खुल रहे हैं। यह सरकार का साहसिक और बेहतर निर्णय है। हम अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं। - रेखा सोनकर, अभिभावक।
बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। विद्यालय स्तर से बचाव के प्रबंध किए जाएं, बच्चों को भेजते समय हम भी उन्हें मास्क लगाने के साथ ही सैनिटाइजर लेकर भेजेंगे। अब कोरोना से डरने की आवश्यकता नहीं है।इससे लड़ते हुए अभिष्य को भी सुरक्षित रखने की जरूरत है। - पूनम श्रीवास्तव, अभिभावक।
बोले स्कूल प्रबंधक------
सरकार के निर्देश पर विद्यालय में हर तैयारियां पूरी की जा रही है। बच्चियां स्कूल आएं, उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। हर कक्षा कक्ष में सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। बिना मास्क के किसी भी छात्र को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।अब प्रशासन के गाइडलाइन का इंतजार है। - सुधा सिंह, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, आजमगढ़।
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विद्यालय खोलने के लिए हमारी तरफ से तैयारियां पूरी हो गई है। प्रतिदिन कक्षाओं को सैनिटाइज किया जा रहा है। बच्चों को भी सैनिटाइज करने के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा। बिना मास्क के उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। वहीं मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। हमारी पूरी कोशिश यही हरेगी कि बच्चे संक्रमित न हों। - राजेंद्र यादव, प्रबंधक, सर्वोदय पब्लिक स्कूल, आजमगढ़।
बच्चों को दूर-दूर बैठाने के लिए डेस्क को दूर-दूर कर दिया गया है। शासन के गाइडलाइन के अनुसार दो पालियों में बच्चों को बुलाया जाएगा। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हो सके। वहीं विद्यालय खुलने से पहले विद्यालय को सैनिटाइज किया जाएगा। छात्र अपना मास्क व सैनिटाइजर साथ लेकर आएंगे। यदि किसी छात्र की तबीयत खराब है तो उसे घर भेज दिया जाएगा। - निलेश श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स विद्यालय, आजमगढ़।
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विद्यालय प्रबंधकों की तैयारी पूरी हो गई है। इस संबंध में अभी जिला प्रशासन से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। इसे लेकर 13 अक्टूबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नेहरू हाल में स्कूल प्रबंधक व अभिभावकों के साथ बैठक लेंगे। इसके बाद ही कोई निर्णय हो सकेगा। - डा. वीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़।
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नहीं खुलेंगे कंटेनमेंट जोन के स्कूल
स्कूल खोलने के लिए विद्यालय प्रबंधकों की तैयारी पूरी हो गई है। हालांकि जिला प्रशासन की तरफ से आदेश आना बाकी है। ये आदेश कंटेनमेंट जोन पर लागू नहीं होगा। स्कूलों को दो पालियों में चलाया जाएगा। पहली पाली में कक्षा 9 व 10 और दूसरी पाली में कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। एक दिन में एक कक्षा के अधिकतम 50 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को ही बुलाया जा सकेगा। बाकी विद्यार्थियों को दूसरे दिन बुलाया जाएगा। विद्यालय में उपस्थिति के लिए लचीला रुख अपनाया जाएगा और किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
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ऑनलाइन पढ़ाई भी रहेगी जारी
ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। स्कूल बुलाने में उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता पर रखा जाएगा जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यदि विद्यार्थी घर पर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहें तो यह सुविधा उन्हें दी जाए।
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दो विद्यार्थियों में रहेगी 6 फीट की दूरी
विद्यार्थियों के बीच 6 फीट की दूरी रखी जाएगी। हर पाली के बाद स्कूल सैनिटाइज किया जाएगा। स्कूलों में सैनेटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होगी। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या अन्य कर्मचारी को खांसी, जुखाम या बुखार के लक्षण होंगे तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाएगा। प्रवेश व छुट्टी के समय गेट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाएगा। एक साथ सभी विद्यार्थियों की छुट्टी नहीं की जाएगी। स्कूलों में यदि एक से अधिक प्रवेश द्वार हैं तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूल बस या वैन आदि को भी रोज सैनिटाइज करवाया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त मात्रा में मास्क उपलब्ध रखे जाएंगे।
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एसओपी जारी
स्वास्थ्य, स्वच्छता व अन्य सुरक्षा प्रोटोकाल के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है जो माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों व जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें।
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बोले अभिभावक----
कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से अभी बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में निर्णय नहीं ले सकी हूं। अभी विद्यालय में क्या व्यवस्था है। गाइडलाइन का कितना पालन होगा स्कूल खुलने के बाद ही पता चलेगा। इसके बाद ही स्कूल भेजना उचित होगा। - सारिका सिंह, अभिभावक।
कोरोना को लेकर लगातार स्कूलों के बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। भले ही अभी कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यालय खुल रहे हैं। यह सरकार का साहसिक और बेहतर निर्णय है। हम अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं। - रेखा सोनकर, अभिभावक।
बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। विद्यालय स्तर से बचाव के प्रबंध किए जाएं, बच्चों को भेजते समय हम भी उन्हें मास्क लगाने के साथ ही सैनिटाइजर लेकर भेजेंगे। अब कोरोना से डरने की आवश्यकता नहीं है।इससे लड़ते हुए अभिष्य को भी सुरक्षित रखने की जरूरत है। - पूनम श्रीवास्तव, अभिभावक।
बोले स्कूल प्रबंधक------
सरकार के निर्देश पर विद्यालय में हर तैयारियां पूरी की जा रही है। बच्चियां स्कूल आएं, उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। हर कक्षा कक्ष में सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। बिना मास्क के किसी भी छात्र को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।अब प्रशासन के गाइडलाइन का इंतजार है। - सुधा सिंह, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, आजमगढ़।
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विद्यालय खोलने के लिए हमारी तरफ से तैयारियां पूरी हो गई है। प्रतिदिन कक्षाओं को सैनिटाइज किया जा रहा है। बच्चों को भी सैनिटाइज करने के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा। बिना मास्क के उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। वहीं मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। हमारी पूरी कोशिश यही हरेगी कि बच्चे संक्रमित न हों। - राजेंद्र यादव, प्रबंधक, सर्वोदय पब्लिक स्कूल, आजमगढ़।
बच्चों को दूर-दूर बैठाने के लिए डेस्क को दूर-दूर कर दिया गया है। शासन के गाइडलाइन के अनुसार दो पालियों में बच्चों को बुलाया जाएगा। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हो सके। वहीं विद्यालय खुलने से पहले विद्यालय को सैनिटाइज किया जाएगा। छात्र अपना मास्क व सैनिटाइजर साथ लेकर आएंगे। यदि किसी छात्र की तबीयत खराब है तो उसे घर भेज दिया जाएगा। - निलेश श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स विद्यालय, आजमगढ़।
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विद्यालय प्रबंधकों की तैयारी पूरी हो गई है। इस संबंध में अभी जिला प्रशासन से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। इसे लेकर 13 अक्टूबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नेहरू हाल में स्कूल प्रबंधक व अभिभावकों के साथ बैठक लेंगे। इसके बाद ही कोई निर्णय हो सकेगा। - डा. वीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़।