Satta Ka Sangram: चाय पर चर्चा में आजमगढ़ के मतदाताओं ने खुलकर रखा अपना पक्ष, जानिए क्या बोले वोटर
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मतदाताओं का सियासी मूड जानने रविवार को आजमगढ़ पहुंचा। यहां का वोटर क्या सोचता हैं, उनके क्या मुद्दे हैं। इस पर चाय पर चर्चा हुई। इस दौरान लोगों ने अपना पक्ष खुलकर रखा।
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अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम रविवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा के दौरान मतदाताओं से लोकसभा चुनाव को लेकर उनके मुद्दे व उम्मीदों को जानने का प्रयास किया गया। इस दौरान लोगों ने अपने विचार खुलकर रखे।
चर्चा के दौरान कुछ मतदाताओं ने सपा का विरोध किया तो कुछ ने वर्तमान सरकारी की। यहां विवेक सिंह कहते हैं कि आजमगढ़ गंगा जमुनी तहजीब का जिला है, लेकिन सपा इसे बिगड़ने नहीं देगी। निरहुआ ने कहा था अखिलेश यादव जहां से चुनाव लड़ेंगे वहां से चुनाव लड़ेंगे तो उन्हें कन्नौज जाना चाहिए लड़ने के लिए।
वहीं नीरज सिंह कहते हैं कि सपा ने कहा था आजमगढ़ में यूनिवर्सिटी की जरूरत नहीं है, लेकिन भाजपा ने दी। वहीं चर्चा में मौजूद दीपेश ने कहा कि सपा ने आजमगढ़ नहीं बलिया में यूनिवर्सिटी दे दी। आजमगढ़ को यह लोग अपने परिवार की सीट बना दिए क्या आजमगढ़ में कोई यादव नहीं है लड़ने लायक।
चाय पर चर्चा के दौरान विवेकानंद सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जब आजमगढ़ से सांसद बने उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी, लेकिन विकास की एक ईंट भी नहीं रखे। वहीं दिनेश यादव कहते हैं कि राम मंदिर की बात हो रही, लेकिन सबसे पहले उसका ताला राजीव गांधी ने खुलवाया था। मामला कोर्ट के कारण रह गया नहीं तो बहुत पहले ही बन गया होता। वहीं योगेश तिवारी ने कहा कि सपा ने जिले में काम किया है, लेकिन ढ़ाई साल में भाजपा ने भी बहुत काम किया।
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