{"_id":"624731af3df5cd5545349887","slug":"safe-delivery-in-ambulance-azamgarh-news-vns646107052","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस में कराया सुरक्षित प्रसव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस में कराया सुरक्षित प्रसव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अहरौला क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने एंबुलेंस में प्रसव हो गया। अस्पताल पहुंचने के पूर्व ही लेबर पेन ज्यादा होने पर आशा, ईएमटी व पायलट ने रास्ते में एंबुलेंस रोक कर नार्मल डिलेवरी कराई। इसके बाद सीएचसी ले जाकर कागजी कवायद पूरा कराया और पुन: घर पहुंचा कर छोड़ दिया।
अहरौला थाना के वाजिदपुर गांव निवासीनी अंतिमा निषाद पत्नी अमित निषाद की डिलेवरी होनी थी। बृहस्पतिवार की रात दर्द शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस पर फोन किया। कुछ ही देर में सीएचसी अहरौला से एंबुलेंस गांव में पहुंच गई और प्रसूता को आशा व परिजनों के साथ एंबुलेस में बैठा कर अस्पताल के लिए चली। रास्ते में ही अंतिमा को प्रसव पीड़ा ज्यादा होने लगी। जिस पर ईएमटी रंधाव प्रकाश भाष्कर, आशा ललिता देवी व पायलट राकेश चंद्र गौतम ने गोपालगंज बाजार में ही एंबुलेंस रोक दिया और एंबुलेंस के अंदर ही महिला का सुरक्षित नार्मल प्रसव करा दिया। इसके बाद एंबुलेंस प्रसूता व नवजात को लेकर सीएचसी कोयलसा पहुंची जहां कागजी कोराम पूरा कराया गया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को उनके घर पहुंचा कर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
अहरौला थाना के वाजिदपुर गांव निवासीनी अंतिमा निषाद पत्नी अमित निषाद की डिलेवरी होनी थी। बृहस्पतिवार की रात दर्द शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस पर फोन किया। कुछ ही देर में सीएचसी अहरौला से एंबुलेंस गांव में पहुंच गई और प्रसूता को आशा व परिजनों के साथ एंबुलेस में बैठा कर अस्पताल के लिए चली। रास्ते में ही अंतिमा को प्रसव पीड़ा ज्यादा होने लगी। जिस पर ईएमटी रंधाव प्रकाश भाष्कर, आशा ललिता देवी व पायलट राकेश चंद्र गौतम ने गोपालगंज बाजार में ही एंबुलेंस रोक दिया और एंबुलेंस के अंदर ही महिला का सुरक्षित नार्मल प्रसव करा दिया। इसके बाद एंबुलेंस प्रसूता व नवजात को लेकर सीएचसी कोयलसा पहुंची जहां कागजी कोराम पूरा कराया गया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को उनके घर पहुंचा कर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन