Russia Ukraine Conflict: आजमगढ़ के सगे भाइयों समेत छह छात्र यूक्रेन में फंसे, परिजन पल-पल की ले रहे जानकारी, सरकार से लगाई गुहार
यूक्रेन में फंसे गाजीपुर के मेडिकल छात्र शिशिर पांडेय के परिजन भी परेशान हैं। शिशिर ने अपने परिजनों से बातचीत कर वहां के घटनाक्रम की जानकारी दी।
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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं। आजमगढ़ के भी छह एमबीबीएस के छात्रों की फंसे होने की जानकारी मिली है। बच्चों की हर पल की खबर जानने के लिए परिजन परेशान हैं। उनकी खैरियत के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।
वहीं अभिभावकों का कहना है कि अमेरिका ने अपने यहां के लोगों को 20 दिन पहले ही बुला लिया। भारत ने इस मामले में देरी की, जिसके कारण यहां के बड़ी संख्या में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट फंस गए हैं। दूतावास से एडवाइजरी जारी की गई थी पर सभी को एयरलिफ्ट कराया जाएगा।
अभी तक नहीं कराया गया। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के खतीबपुर गांव की रहने वाली रेनू यादव भी यूक्रेन में एमबीबीएस की छात्रा है। वह चौथे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही है। उसने एक वीडियो जारी कर वहां के हालात के संबंध में जानकारी साझा की है।
उसने बताया कि सड़कों पर सेना का कब्जा हो चुका है। दुकानों पर जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए लंबी लाइन लग रही है। एंबेसी द्वारा उनकी जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया गया है। वहीं तहबरपुर थाना क्षेत्र के सोफीपुर गांव निवासी गिरजेश यादव अपने दोनों बेटों की सलामती को लेकर दुआ कर रहे हैं। उनके दो बेटे अमित व अवनीश यूक्रेन में एमबीबीएस मेडिसिन की पढ़ाई कर रहे हैं।
नगर क्षेत्र के रहने वाले हिंद पैथालाजी के संचालक अनिल विश्वकर्मा का बेटा विनीत विश्वकर्मा भी यूक्रेन में फंसा है। परेशान पिता लगातार फोन से बेटे का हालचाल ले रहे हैं। इसी तरह शहर कोतवाली क्षेत्र के हीरापट्टी निवासी उज्ज्वल श्रीवास्तव और सरायमीर क्षेत्र की श्रेया यादव भी यूक्रेन में फंसी है। दोनों वहां से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
बेटे के आने पर ली राहत की सांस
मेंहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव का रहने वाला अब्दुल्लाह खान भी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। जैसे ही स्थिति गंभीर हुई उसने वहां से घर आने का टिकट निकाल लिया। पिता मोहम्मद तारिक ने बताया कि वह 18 फरवरी को फ्लाइट से यूक्रेन से वाया कतर होते हुए 19 फरवरी को मुंबई पहुंच गया था। बेटे के आ जाने से परिवार के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
गाजीपुर का मेडिकल छात्र भी यूक्रेन में फंसा
दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के देवा गांव निवासी शिशिर पांडेय (23) पुत्र सुभाषचंद्र पांडेय इन दिनों यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित ओओ बोगो मेलेट नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस पांचवें वर्ष के छात्र हैं। यहां पर एमबीबीएस का कोर्स छह वर्ष का होता है।
इसमें एमडी भी हो जाती है। यूक्रेन में चल रहे घटनाक्रम के बीच उनके साथ के सैकड़ों भारतीय छात्र देश लौटने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। शिशिर का एयर टिकट 12 मार्च का मिल पाया है। शिशिर की मां अध्यापिका निर्मला पांडेय व परिजन भयभीत हैं। अमर उजाला की टीम के पहुंचने पर परिजन यूक्रेन के हालात की जानकारी टीवी पर लेते दिखे।
उनकी अपने बेटे से टेलीफोन से लगातार बातचीत हो रही है। इसमें शिशिर ने बताया कि आज सुबह 5:30 बजे बम धमाके की खबर मिली है जिसके चलते सरकार ने इमरजेंसी लगा दी है। लोगों से कहा कि अपने सामान खरीद कर रख लें और पासपोर्ट भी अपने पास रखें। जैसे ही निर्देश मिलेगा तभी लोग बाहर निकलेंगे।