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नारों से गूंजती रही सड़कें...विरोध-प्रदर्शन

Wed, 08 Jan 2020 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2020 11:39 PM IST
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Roads echoed with slogans, protest against govt policies
कलेक्ट्रेट पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन करते बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकर्ता। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। विभिन्न ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के साथ ही वामपंथी दलों की ओर से पुरानी पेंशन बहाली, सार्वजनिक उद्यमिताओं का निजीकरण न करने, ठेके पर कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने, न्यूनतम मजदूरी के निर्धारण के साथ ही महंगाई और भ्रष्टाचार के विरोध में बुधवार को भारत बंद का आयोजन किया गया था। इस दौरान विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। ज्ञापन सौंपकर इसे पूरा करने की मांग की गई।
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मजदूर, कर्मचारी संगठनों और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, छात्र युवा संगठनों द्वारा भारत बंद के समर्थन में वृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड में धरना प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर कारपोरेट घराने को समर्पित किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश आज केंद्र की जनविरोधी नीतियों के कारण भयंकर आर्थिक संकट और तबाही की तरफ जा रहा है। वक्ताओंने कहा सरकार श्रम कानूनों समेत मजदूरो, किसानों, युवाओं और नागरिकों के सभी अधिकारों को खत्म करती चली जा रही है। सरकार लोकतंत्र विरोधी है। संवैधानिक संस्थाए तबाह और बर्बाद होने के कगार पर है। उन्होंने श्रम कानून में बदलाव करने की मांग करते हुए श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 21000 रुपया किए जाने, संविदा, ठेका और मानदेय कर्मचारियों को नियमित किए जाने, किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने के साथ ही लागत मूल्य का डेढ़ गुना दिए जाने, शिक्षा के बाजीकरण पर रोक लगाए जाने,जेएनयू के छात्रों पर हमला करने वालों को गिरफ्तार किए जाने सहित सभी मांगों को पूूूूरा किए जाने की मांग केंद्र सरकार से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनवादी लोक मंच के रवींद्र नाथ और संचालन भाकपा माले के जय प्रकाश नारायण और सीपीएम के वेद प्रकाश ने किया। सभा को किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग, सीपीआई के बीराम, भाकपा माले के ओम प्रकाश सिंह, बीएसएनएल के आनंद सिंह, सीपीएम के रामायन, विनोद सिंह, छात्र संगठन एआईपीएसएफ के राहुल, अवधेश, वशिष्ठ सिंह, हामिद अली दानबहादुर, कामरेड खरपत्तू, अशोक राय, जियालाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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आजमगढ़। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में वृहस्पतिवार को उर्जा को प्रभावित किए जाने और बिजली विभाग का निजीकरण किए जाने के विरोध में मुख्य अभियंता कार्यालय पर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार विरोध सभा सैय्यद मुन्नवर अली की अध्यक्षता में किया गया। मुन्नवर अली ने संघर्ष समिति की 10 सूत्रीय मांगों में बिजली निगमों का एकीकरण कर केरल और हिमाचल प्रदेश की तरह उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का गठन किए जाने, बिजली का निजीकरण की दृष्टि से विद्युत अधिनियम 2003 में किए जाने वाले संशोधन को वापस लिए जाने, श्रम कानून में किए जा रहे संशोधन को वापस लिए जाने, आगरा का विद्युत वितरण फ्रेंचाइजी करार और ग्रेटर नाएडा का निजीकरण रद्द किए जाने, डीएचएलएफ में निवेश की गई धनराशि के भुगतान के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किए जाने और दोषियों पर कार्रवाई किए जाने सहित 10 मांगों को पूरा किए जाने की मांग सरकार से किया। इस मौके पर शत्रुघ्र यादव, जय प्रकाश यादव, सुमेशचंद्र गुप्ता, धर्मू यादव, संदीप प्रजापति, अवधेश कुमार, राजनरायन सिंह, अखिल पांडेय, वेद प्रकाश यादव, चंद्रजीत यादव सहित जूनियर इंजीनियर संगठन, विद्युत कर्मचारी संगठन, कार्यालय सहायक संघ, अभियंता संघ और विद्युत मजदूर पंचायत संघ शामिल रहा।
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आजमगढ़। आल इंडिया यूनियन बैंक इम्प्लाइज के आहवान पर अखिल भारतीय एक दिवसीय बैक हड़ताल रही। जिसमें सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक, कोआपरेटिव बैंक बंद रहे। वक्ताओं ने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की भत्र्सना करते हुए मांगों का निस्तारण शीघ्र किए जाने की मांग किया। हड़ताली कर्मचारियों ने यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना दिया गया। जिसमें यूनियनों की प्रमुख मांगो में कामगारो, मजदूरो के राष्ट्रीय मांगपत्र का समर्थन, कथित बैंकिग सुधारों और बैंकों के अवांछित विलय का विरोध, कारपोरेट घरानों द्वारा लिए गए ऋण का भुगतान कराए जाने, वेतन पुनरीक्षण और संबंधित मुद्दों को शीघ्र हल किए जाने, बैंकों में पर्यान्त भर्ती किए जाने की मांग की गई। सगड़ी में भी बैंक आदि बंद होने से परेशानी हुई। करोड़ों का लेनदेन प्रभावित रहा। इस मौके पर मोहम्मद आरिफ, विष्णु गुप्ता, राजेश प्रताप, राजकुमार ने अपने विचार प्रकट करते हुए सभी मांगों को पूरा किए जाने को कहा। इस मौके पर सदरे आलम, अब्दुल रउफ, सौरभ गुप्ता, संजीव कुमार, रिजवान अहमद सहित अनेक बैंकों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
आजमगढ़। यूपी बैंक इंम्प्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष और सीबीएसए के महामंत्री चंडिका नंदन सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने बैंक मुख्यालय पर एकत्र होकर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की भत्र्सना की और वित्तमंत्री भारत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चंडिका नंदन सिंह ने बताया कि जिला सहकारी बैंक की सभी शाखाएं भारत बंद का समर्थन किया। इस अवसर पर रघनाथ राम, संजय कुमार सिंह, धीरेंद्र बहादुर सिंह, रामचंद्र यादव, रामसमुझ सिंह, धीरेंद्र सिंह, विपिन विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।

इसी प्रकार में भारतीय जीवन बीमा निगम सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों के खिलाफ हड़ताल पर रहे। वक्ताओं ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ोत्तरी और एलआईसी के शेयर मार्केट में लाने का प्रयास, वेतन पुननिर्धाण शीघ्र और उद्योग की तरक्की के अनुरुप किए जाने, एलआईसी प्रीमियम से जीएसटी हटाए जाने, नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल किए जाने की मांग की गई। इस मौके पर बैजनाथ मिश्रा, हरिशंकर यादव, दीनानाथ प्रसाद, केदार और समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

सिध1ारी स्थित विद्यत विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी।

सिध1ारी स्थित विद्यत विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी।- फोटो : AZAMGARH

रेदोपुर स्थित इलहाबाद बैंक के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी।

रेदोपुर स्थित इलहाबाद बैंक के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी।- फोटो : AZAMGARH

रेदोपुर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय-1 के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी।

रेदोपुर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय-1 के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी।- फोटो : AZAMGARH

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