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सगड़ी विधानसभा में 50 हजार मतदाताओं की डगर कठिन
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बेलहिया पुल बहने के बाद नाव से आते-जाते ग्रामीण।
- फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। विधानसभा सगड़ी के बाढ़ प्रभावित इलाकों के करीब 50 हजार मतदाताओं के सामने संपर्क मार्ग की समस्या है। वे टूटी सड़कों व पानी में नाव के सहारे आवागमन करते हैं। हर बार यहां संपर्क मार्ग ही चुनावी मुद्दा होता है लेकिन चुनाव बीतने के बाद सबकुछ भूल जाते हैं। इस बार भी संपर्क मार्ग चुनावी मुद्दा रहेगा। जिससे की यहां का विकास हो सके।
विधानसभा 2022 का चुनाव नजदीक आ गया है। अधिसूचना जारी होने के बाद सभी संभावित प्रत्याशी चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं देवारा क्षेत्र के लोग भी इस बार प्रत्याशियों से उनके काम के बारे में पूछने का मन बनाए हुए हैं। इस बार ग्रामीणों का मुख्य मुद्दा सड़क व संपर्क मार्ग ही होगा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं तो वोट नहीं। सगड़ी विधानसभा में सर्वाधिक मतदाता दलित, यादव, मुस्लिम,पटेल, ब्राह्मण, भूमिहार व ठाकुर और अदर बैकवर्ड के करीब चार लाख से अधिक मतदाता हैं। सगड़ी विधानसभा का क्षेत्रफल भी काफी लंबा है। सगड़ी विधानसभा का एक बटा चार हिस्सा घाघरा नदी के तट पर स्थित है। महुला गढ़वाल बांध और घाघरा के बीच में करीब सवा लाख की आबादी है। जहां 50 हजार से ऊपर मतदाता हैं। आज लोगों की समस्याएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोगों की सबसे बड़ी समस्या संपर्क मार्ग का है। लगभग 50 गांव ऐसे हैं जहां के संपर्क मार्ग से आवागमन मुश्किल है। यहां की सवा लाख जनता वर्षों पूर्व से कई बार संपर्क मार्ग ठीक कराने के लिए मांग किया था और अभी तक नहीं हो पाया।
इन गांवों के मार्ग खराब
लाटघाट। रौनापार चांदपट्टी भीमभर सड़क पूर्ण रूप से टूटी हुई है। कई बार लोगों ने प्रदर्शन भी किया पर उस पर किसी प्रकार का कोई किसी जनप्रतिनिधि व अधिकारी द्वारा इस पर कार्य नहीं किया गया। हैदराबाद बाजार से लेकर हैदराबाद गांव तक संपर्क मार्ग पिछली बार में टूट चुका है। आवागमन बाधित है। इस्माइलपुर गांव से लेकर ढाला तक करीब चार किलोमीटर संपर्क टूटा हुआ है। रोशनगंज गांव के भी संपर्क मार्ग खराब पड़े हुए हैं। बेलहिया पुल बह जाने से आवागमन बाधित है। सोनौरा छोटी सरयू नदी के कारण आवागमन चार महीने तक बाधित हो जाता है । मानिकपुर संपर्क मार्ग टूटा और खराब पड़ा है। बांका बुढ़न पट्टी का संपर्क मार्ग टूटा हुआ है। देवारा खास राजा चक्की के भी संपर्क मार्ग टूटे हुए हैं। 2017 के चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों ने वादा किया था यह सब समस्याएं दूर हो जाएंगी पर यह सारी समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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विधानसभा 2022 का चुनाव नजदीक आ गया है। अधिसूचना जारी होने के बाद सभी संभावित प्रत्याशी चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं देवारा क्षेत्र के लोग भी इस बार प्रत्याशियों से उनके काम के बारे में पूछने का मन बनाए हुए हैं। इस बार ग्रामीणों का मुख्य मुद्दा सड़क व संपर्क मार्ग ही होगा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं तो वोट नहीं। सगड़ी विधानसभा में सर्वाधिक मतदाता दलित, यादव, मुस्लिम,पटेल, ब्राह्मण, भूमिहार व ठाकुर और अदर बैकवर्ड के करीब चार लाख से अधिक मतदाता हैं। सगड़ी विधानसभा का क्षेत्रफल भी काफी लंबा है। सगड़ी विधानसभा का एक बटा चार हिस्सा घाघरा नदी के तट पर स्थित है। महुला गढ़वाल बांध और घाघरा के बीच में करीब सवा लाख की आबादी है। जहां 50 हजार से ऊपर मतदाता हैं। आज लोगों की समस्याएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोगों की सबसे बड़ी समस्या संपर्क मार्ग का है। लगभग 50 गांव ऐसे हैं जहां के संपर्क मार्ग से आवागमन मुश्किल है। यहां की सवा लाख जनता वर्षों पूर्व से कई बार संपर्क मार्ग ठीक कराने के लिए मांग किया था और अभी तक नहीं हो पाया।
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इन गांवों के मार्ग खराब
लाटघाट। रौनापार चांदपट्टी भीमभर सड़क पूर्ण रूप से टूटी हुई है। कई बार लोगों ने प्रदर्शन भी किया पर उस पर किसी प्रकार का कोई किसी जनप्रतिनिधि व अधिकारी द्वारा इस पर कार्य नहीं किया गया। हैदराबाद बाजार से लेकर हैदराबाद गांव तक संपर्क मार्ग पिछली बार में टूट चुका है। आवागमन बाधित है। इस्माइलपुर गांव से लेकर ढाला तक करीब चार किलोमीटर संपर्क टूटा हुआ है। रोशनगंज गांव के भी संपर्क मार्ग खराब पड़े हुए हैं। बेलहिया पुल बह जाने से आवागमन बाधित है। सोनौरा छोटी सरयू नदी के कारण आवागमन चार महीने तक बाधित हो जाता है । मानिकपुर संपर्क मार्ग टूटा और खराब पड़ा है। बांका बुढ़न पट्टी का संपर्क मार्ग टूटा हुआ है। देवारा खास राजा चक्की के भी संपर्क मार्ग टूटे हुए हैं। 2017 के चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों ने वादा किया था यह सब समस्याएं दूर हो जाएंगी पर यह सारी समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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