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सील को तोड़कर चावल की होगी नीलामी
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आजमगढ़। ठेकमा विकास खंड के ज्युली स्थित एमएस एग्रो पर 10 करोड़ 15 लाख रुपये का चावल बकाया है। जमा न करने के पर आरसी जारी कर उसकी संपत्तियों को सील कर दिया गया। इस दौरान सील राइस मिल में कुछ चावल पड़ा रह गया। अब डीएम अमृत त्रिपाठी द्वारा सील को तोड़कर चावल की नीलामी का आदेश दिया गया है। चावल की नीलामी के बाद उक्त राइस मिल को फिर सील कर दिया जाएगा।
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार की ओर से उनके धान और गेहूं की खरीद की जाती है। इसी क्रम में 2020-21 में की गई धान की खरीद के उसका चावल बनाने के लिए मिलरों का धान का आवंटन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा ठेकमा विकास खंड के ज्यूली स्थित एमएस एग्रो को भी धान का आवंटन चावल बनाने के लिए किया गया। धान लेने के बाद राइस मिल संचालक ने सरकार को चावल वापस नहीं किया। उसके ऊपर कुल 10 करोड़ 15 लाख रुपये का चावल बकाया है। जिला प्रशासन की ओर से मिल संचालक को आरसी जारी की गई। लेकिन इसके बाद भी उसने बकाया चावल को जमा नहीं किया। इस पर जिला प्रशासन द्वारा उसकी सारी संपत्तियों को सील कर दिया गया और नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी गई। सील की कार्रवाई के दौरान कुछ चावल राइस मिल में पड़ा था। बकाया की वसूली के लिए प्रशासन ने अब इस चावल की नीलामी का निर्णय लिया है। जिसके क्रम में डीएम अमृत त्रिपाठी द्वारा सील को तोड़कर चावल की नीलामी पर दोबारा पूर्व की भांति सील करने का निर्देश जारी किया है।
एडीएम वित्त एव पं राजस्व आजाद भगत सिंह ने कहा कि धान लेने के बाद एमएस एग्रो द्वारा बकाया चावल को जमा नहीं किया गया। जिसके कारण उसकी सारी संपत्तियों को सील किया गया है। राइस मिल में कुछ चावल पड़ा है उसकी नीलामी का निर्देश डीएम की ओर से दिया गया है। नीलामी के बाद राइस मिल को पहले की तरह सील कर दिया जाएगा।
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किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार की ओर से उनके धान और गेहूं की खरीद की जाती है। इसी क्रम में 2020-21 में की गई धान की खरीद के उसका चावल बनाने के लिए मिलरों का धान का आवंटन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा ठेकमा विकास खंड के ज्यूली स्थित एमएस एग्रो को भी धान का आवंटन चावल बनाने के लिए किया गया। धान लेने के बाद राइस मिल संचालक ने सरकार को चावल वापस नहीं किया। उसके ऊपर कुल 10 करोड़ 15 लाख रुपये का चावल बकाया है। जिला प्रशासन की ओर से मिल संचालक को आरसी जारी की गई। लेकिन इसके बाद भी उसने बकाया चावल को जमा नहीं किया। इस पर जिला प्रशासन द्वारा उसकी सारी संपत्तियों को सील कर दिया गया और नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी गई। सील की कार्रवाई के दौरान कुछ चावल राइस मिल में पड़ा था। बकाया की वसूली के लिए प्रशासन ने अब इस चावल की नीलामी का निर्णय लिया है। जिसके क्रम में डीएम अमृत त्रिपाठी द्वारा सील को तोड़कर चावल की नीलामी पर दोबारा पूर्व की भांति सील करने का निर्देश जारी किया है।
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एडीएम वित्त एव पं राजस्व आजाद भगत सिंह ने कहा कि धान लेने के बाद एमएस एग्रो द्वारा बकाया चावल को जमा नहीं किया गया। जिसके कारण उसकी सारी संपत्तियों को सील किया गया है। राइस मिल में कुछ चावल पड़ा है उसकी नीलामी का निर्देश डीएम की ओर से दिया गया है। नीलामी के बाद राइस मिल को पहले की तरह सील कर दिया जाएगा।
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