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टूटे पुल की रेलिंग दे रही है मौत की दावत
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मेंहनगर। सरकार ने शारदा सहायक खंड-23 पर बनी पुलिया की मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ और चार नए पुलों के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये जारी किए हैं। पुलिया की मरम्मत शुरू हुई है लेकिन केवल रेलिंग जोड़कर बजट खपाया जा रहा है। जिन पुलियों पर रेलिंग नही है, उसे बनाने का प्रयास भी नहीं किया जा रहा है।
मेंहनगर तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर तक शारदा सहायक खंड-23 नहर है। नहर निकालते समय ही इस पर पुलियों का निर्माण कराया गया था। उसके बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। अब मरम्मत का बजट जारी हुआ है तो केवल पुलियों की रेलिंग ही दुरुस्त कराई जा रही है। ऐसा लग रहा है कि विभाग सरकार से मिले धन को खपाने में लगा हो। कई जगहों पर लोगों ने नदी में पिलर खड़ा कर उस पर चह बना लिया है, जिसके जान जोखिम में डालकर आवागमन करते हैं। कई जगहों पर पुलिया पर रेलिंग ही नहीं है। उन पर नई रेलिंग बनाने की ओर भी किसी का ध्यान नहीं है।
मेंहनगर-छतवारा मार्ग: दरकने लगा पिलर
मेंहनगर। मेंहनगर-छतवारा मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली पुलिया कस्बे में आने-जाने का एकमात्र जरिया है। इस पुलिया की हालत खराब है लेकिन इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है। पुलिया के पिलर दरकने लगे हैं। लोहे की छड़ें बाहर निकल गई हैं और जंग खा रही है। पिलरों के दरकने से पुलिया पर हादसे का खतरा बढ़ गया है। विभाग द्वारा इसकी मरम्मत के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है।
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कहीं बिजली के पोल तो कहीं सरिया का पिलर ढाल बनाया रास्ता
मेंहनगर। तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 23 और उससे निकलने वाली शाखाएं, दामां-कम्हरिय, और दामां रजवाहा पर गांवों में आने-जाने के लिए नहर में जगह-जगह ग्रामीणों ने पिलर ढालकर और बिजली के बोल लगाकर आने-जाने का रास्ता बना लिया है। इस तरह के रास्तों पर कहीं रेलिंग नहीं है और आना-जाना जोखिम भरा है। विभाग न तो इनको हटाने का प्रयास कर रहा है और न ही इन पर स्थाई पुलिया बनाने का।
पुल की रेलिंग टूटी, आवागमन जोखिम भरा
सगड़ी। तहसील क्षेत्र के रामगढ़ से लाटघाट जाने वाले मार्ग पर लुचुई खाड गांव के पास शारदा सहायक खंड 32 नहर पर बने पुल की रेलिंग वर्षों से टूटी हुई है। आने जाने वाले वाहनों और यात्रियों को हमेशा डर बना रहता है। बार-बार शिकायत के बावजूद इसकी मरम्मत की ओर किसी का ध्यान नहीं है। इस मार्ग से रामगढ़, मधनापार, विजयापार, भदांव, बोझिया, मालटारी, कुदारन तिवारी, बांसगांव, दान शनिचरा, ताड़ी, इसरापार, बाईपार,गड़ेरुआ, मनिकाडीह सहित सैकड़ों गांवों के लोग लाटघाट होते हुए दोहरीघाट गोरखपुर और अन्य जगहों पर जाते हैं। क्षेत्र के अखिलेश यादव, डा. आरके शर्मा, संजय मौर्य, दीपक, प्रमोद, सुरेंद्र, अनिल, सुनील, पप्पू आदि ने अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए टूटे पुल की रेलिंग ठीक कराने की मांग की है।
अभी रेलिंग की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ है लेकिन अभी इसमें तेजी नहीं आई है। जल्द ही सारे पुलियों की मरम्मत करा ली जाएगी। रहीं बात नहर में पिलर डालकर चह आदि बनाने की तो कोई भी बिना अनुमति के ऐसा नहीं कर सकता है।
विरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, शारदा सहायक खंड 23।
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मेंहनगर तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर तक शारदा सहायक खंड-23 नहर है। नहर निकालते समय ही इस पर पुलियों का निर्माण कराया गया था। उसके बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। अब मरम्मत का बजट जारी हुआ है तो केवल पुलियों की रेलिंग ही दुरुस्त कराई जा रही है। ऐसा लग रहा है कि विभाग सरकार से मिले धन को खपाने में लगा हो। कई जगहों पर लोगों ने नदी में पिलर खड़ा कर उस पर चह बना लिया है, जिसके जान जोखिम में डालकर आवागमन करते हैं। कई जगहों पर पुलिया पर रेलिंग ही नहीं है। उन पर नई रेलिंग बनाने की ओर भी किसी का ध्यान नहीं है।
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मेंहनगर-छतवारा मार्ग: दरकने लगा पिलर
मेंहनगर। मेंहनगर-छतवारा मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली पुलिया कस्बे में आने-जाने का एकमात्र जरिया है। इस पुलिया की हालत खराब है लेकिन इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है। पुलिया के पिलर दरकने लगे हैं। लोहे की छड़ें बाहर निकल गई हैं और जंग खा रही है। पिलरों के दरकने से पुलिया पर हादसे का खतरा बढ़ गया है। विभाग द्वारा इसकी मरम्मत के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है।
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कहीं बिजली के पोल तो कहीं सरिया का पिलर ढाल बनाया रास्ता
मेंहनगर। तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड 23 और उससे निकलने वाली शाखाएं, दामां-कम्हरिय, और दामां रजवाहा पर गांवों में आने-जाने के लिए नहर में जगह-जगह ग्रामीणों ने पिलर ढालकर और बिजली के बोल लगाकर आने-जाने का रास्ता बना लिया है। इस तरह के रास्तों पर कहीं रेलिंग नहीं है और आना-जाना जोखिम भरा है। विभाग न तो इनको हटाने का प्रयास कर रहा है और न ही इन पर स्थाई पुलिया बनाने का।
पुल की रेलिंग टूटी, आवागमन जोखिम भरा
सगड़ी। तहसील क्षेत्र के रामगढ़ से लाटघाट जाने वाले मार्ग पर लुचुई खाड गांव के पास शारदा सहायक खंड 32 नहर पर बने पुल की रेलिंग वर्षों से टूटी हुई है। आने जाने वाले वाहनों और यात्रियों को हमेशा डर बना रहता है। बार-बार शिकायत के बावजूद इसकी मरम्मत की ओर किसी का ध्यान नहीं है। इस मार्ग से रामगढ़, मधनापार, विजयापार, भदांव, बोझिया, मालटारी, कुदारन तिवारी, बांसगांव, दान शनिचरा, ताड़ी, इसरापार, बाईपार,गड़ेरुआ, मनिकाडीह सहित सैकड़ों गांवों के लोग लाटघाट होते हुए दोहरीघाट गोरखपुर और अन्य जगहों पर जाते हैं। क्षेत्र के अखिलेश यादव, डा. आरके शर्मा, संजय मौर्य, दीपक, प्रमोद, सुरेंद्र, अनिल, सुनील, पप्पू आदि ने अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए टूटे पुल की रेलिंग ठीक कराने की मांग की है।
अभी रेलिंग की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ है लेकिन अभी इसमें तेजी नहीं आई है। जल्द ही सारे पुलियों की मरम्मत करा ली जाएगी। रहीं बात नहर में पिलर डालकर चह आदि बनाने की तो कोई भी बिना अनुमति के ऐसा नहीं कर सकता है।
विरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, शारदा सहायक खंड 23।