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सार्वजनिक स्थानों से हटेंगे धार्मिक स्थल
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ़
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:42 PM IST
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सड़क पर मंदिर
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जिले में सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार को सार्वजनिक स्थल पर बने सभी धार्मिक स्थल हटाकर अतिक्रमण दूर करने का आदेश दिया है। इस पर अमल करते हुए सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया। इसके साथ ही कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला मुख्यालय से लेकर नगर पंचायत क्षेत्रों में कई सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक स्थल, चबूतरे आदि बनवाए गए हैं। शहर से गांव देहात के छोटी-बड़ी बाजारों में जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से कई जगहों पर सड़क के मध्य या किनारे धार्मिक चबूतरे बनवाए गए हैं। ऐसी स्थिति में यातायात प्रभावित होने से जाम की समस्या पैदा होती है। कई बार लोगों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई लेकिन कुछ नहीं हुआ।
आजमगढ़ शहर की बात करें तो महिला अस्पताल के पास बीच सड़क, हर्रा की चुंगी, सिधारी मऊ रोड, छतवारा मोड़ के अलावा आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर स्थित रानी की सराय बाजार के मध्य, आजमगढ़-फैजाबाद मुख्य मार्ग पर स्थिति अतरौलिया कस्बा, मार्टीनगंज ब्लाक के राजागंज बाजार, महुजा मोड़, बरदह बाजार, जिवली बाजार, देवगांव बाजार, जौनपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित ठेकमा बाजार में एसबीआई के गली के पास बीच रास्ते में धार्मिक स्थल का निर्माण कराया गया है। सड़क के बीचोंबीच या किनारे बने इन धार्मिक स्थलों की वजह से बड़े वाहन को आसानी से नहीं घुमाया जा सकता।
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सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में आदेश पारित किया था कि सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक चबूतरा आदि का अब कोई नया निर्माण नहीं होगा। जिन निर्माणों की वजह से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं उनका सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी जाए। ऐसे में नया निर्माण कहीं नहीं होने दिया जा रहा है। जिन्हें हटाना है, उनकी सूची भेजी जा चुकी है।
- सुहास एलवाई, जिलाधिकारी
नहीं घूम पाते बड़े वाहन
ठेकमा। आजमगढ़-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित ठेकमा बाजार में एक तरफ स्टेट बैंक और दूसरी तरफ डाक बंगले की तरफ रास्ता जाता है। इन दोनों सड़कों के बीच में धार्मिक स्थल है। इससे जहां भारी वाहनों को आसानी से घूमने में परेशानी होती है। वहीं लोगों को जाम से भी जूझना पड़ता है। यही हाल अतरौलिया कस्बे के पश्चिम पोखरे के पास बने धार्मिक स्थल का है। लोगों को करीब पांच सौ मीटर घूमकर जाना पड़ता है।
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जिला मुख्यालय से लेकर नगर पंचायत क्षेत्रों में कई सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक स्थल, चबूतरे आदि बनवाए गए हैं। शहर से गांव देहात के छोटी-बड़ी बाजारों में जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से कई जगहों पर सड़क के मध्य या किनारे धार्मिक चबूतरे बनवाए गए हैं। ऐसी स्थिति में यातायात प्रभावित होने से जाम की समस्या पैदा होती है। कई बार लोगों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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आजमगढ़ शहर की बात करें तो महिला अस्पताल के पास बीच सड़क, हर्रा की चुंगी, सिधारी मऊ रोड, छतवारा मोड़ के अलावा आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर स्थित रानी की सराय बाजार के मध्य, आजमगढ़-फैजाबाद मुख्य मार्ग पर स्थिति अतरौलिया कस्बा, मार्टीनगंज ब्लाक के राजागंज बाजार, महुजा मोड़, बरदह बाजार, जिवली बाजार, देवगांव बाजार, जौनपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित ठेकमा बाजार में एसबीआई के गली के पास बीच रास्ते में धार्मिक स्थल का निर्माण कराया गया है। सड़क के बीचोंबीच या किनारे बने इन धार्मिक स्थलों की वजह से बड़े वाहन को आसानी से नहीं घुमाया जा सकता।
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सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में आदेश पारित किया था कि सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक चबूतरा आदि का अब कोई नया निर्माण नहीं होगा। जिन निर्माणों की वजह से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं उनका सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी जाए। ऐसे में नया निर्माण कहीं नहीं होने दिया जा रहा है। जिन्हें हटाना है, उनकी सूची भेजी जा चुकी है।
- सुहास एलवाई, जिलाधिकारी
नहीं घूम पाते बड़े वाहन
ठेकमा। आजमगढ़-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित ठेकमा बाजार में एक तरफ स्टेट बैंक और दूसरी तरफ डाक बंगले की तरफ रास्ता जाता है। इन दोनों सड़कों के बीच में धार्मिक स्थल है। इससे जहां भारी वाहनों को आसानी से घूमने में परेशानी होती है। वहीं लोगों को जाम से भी जूझना पड़ता है। यही हाल अतरौलिया कस्बे के पश्चिम पोखरे के पास बने धार्मिक स्थल का है। लोगों को करीब पांच सौ मीटर घूमकर जाना पड़ता है।