{"_id":"5eb18eee8ebc3e903336fba5","slug":"referred-to-an-eye-injury-as-cataract-azamgarh-news-vns5234893162","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंख की चोट को मोतियाबिंद बता कर दिया रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंख की चोट को मोतियाबिंद बता कर दिया रेफर
विज्ञापन
आजमगढ़। जिला अस्पताल पर आने वाले ज्यादतर मरीजों का इलाज करने के बजाए रेफर पर्ची बना कर टरकाया जा रहा है। बीते शनिवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह अपने एक सहयोगी को लेकर अस्पताल पर पहुंचे थे। आंख में चोट लगी थी और डॉक्टर ने देखने के बाद चोट को मोतियाबिंद बता उसे रेफर कर दिया। भाजपा नेता के हंगामे के बाद मरीज का अस्पताल के दूसरे डॉक्टर ने इलाज किया।
कोरोना संक्रमण की शुरूआत के साथ ही अस्पताल पर तैनात डॉक्टर मरीजों को ठीक ढंग से देख नहीं रहे है। ज्यादातर डॉक्टर अपनी ओपीडी में बैठ नहीं रहे है और मरीजों को बैरंग वापस लौटा दिया जा रहा है। शनिवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह अपने सहयोगी रामाश्रय को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। रामाश्रय के आंख में चोट लगी थी और वह जहानागंज अस्पताल से रेफर होकर यहां आया था। अस्पताल के वरिष्ठ नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रहास के यहां रामाश्रय की पर्ची लगी। ओपीडी में जब डॉक्टर साहब पहुंचे तो देखते ही आंख की चोट को मोतियाबिंद बताते हुए उसे रेफर कर दिया। इस बीच भाजपा नेता हरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए और डॉ. चंद्रहास से उनकी बहस भी हुई। अस्पताल परिसर में हंगामा करने के बाद भाजपा नेता एसआईसी डॉ. एसकेजी सिंह के कक्ष में पहुंचे और उनसे अस्पताल की दुर्व्यवस्था व डॉ. चंद्रहास के व्यवहार की शिकायत किया। जिस पर एसआईसी ने तत्काल मामले को संभाल और मरीज रामाश्रय को डॉ. ओम प्रकाश के पास भेज कर जांच कराने के साथ ही दवा आदि दिलाई।
मेरे सहयोगी के आंख में चोट आई थी और डॉ. चंद्रहास ने चोट को मोतियाबिंद बता कर रेफर कर दिया। सही मायने में तो उन्हें मरीज का इलाज करना चाहिए था और दवा आदि लिखनी चाहिए थी। मेरे बताने के बाद भी जब मेरे मरीज के साथ ऐसा किया जा रहा है तो आम मरीजों के साथ अस्पताल के डॉक्टर क्या व्यवहार कर रहे होंगे। बीमारी का इलाज करने के बजाए मरीज को रेफर पर्ची थमा कर टरका देने की कवायद की जा रही है।
विज्ञापन
हरेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष, भाजपा।
मरीज मेडिकोलीगल में आया हुआ था। वह आंख की रोशीन कम होना लिखने का दबाव बना रहा था, जबकि ऐसा कुछ था नहीं, जिसके चलते ही मैने उसका इलाज करने से मना कर दिया और रेफर कर दिया। जहां तक भाजपा नेता से वाद-विवाद की बात है तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सामान्य ढंग से मैने भी अपनी बात कही और उन्होंने ने भी।
डॉ. चंद्रहास, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, आजमगढ़।
अब भाजपा नेता व डॉ. चंद्रहास के बीच क्या हुआ, यह मुझे जानकारी नहीं है, कुछ हंगामें की बात सुनने में आई। भाजपा नेता के मौखिक शिकायत पर मैने दूसरे डॉक्टर से उनके मरीज की जांच करा कर दवा आदि लिखवा दिया। उन्होंने मुझसे कोई लिखित शिकायत नहीं की है। जिसके चलते डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई क्या करेंगे। वैसे मरीज को देखने के बाद डॉक्टर के जो समझ में आया होगा वहीं किया होगा।
डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला अस्पताल, आजमगढ़।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण की शुरूआत के साथ ही अस्पताल पर तैनात डॉक्टर मरीजों को ठीक ढंग से देख नहीं रहे है। ज्यादातर डॉक्टर अपनी ओपीडी में बैठ नहीं रहे है और मरीजों को बैरंग वापस लौटा दिया जा रहा है। शनिवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह अपने सहयोगी रामाश्रय को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। रामाश्रय के आंख में चोट लगी थी और वह जहानागंज अस्पताल से रेफर होकर यहां आया था। अस्पताल के वरिष्ठ नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रहास के यहां रामाश्रय की पर्ची लगी। ओपीडी में जब डॉक्टर साहब पहुंचे तो देखते ही आंख की चोट को मोतियाबिंद बताते हुए उसे रेफर कर दिया। इस बीच भाजपा नेता हरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए और डॉ. चंद्रहास से उनकी बहस भी हुई। अस्पताल परिसर में हंगामा करने के बाद भाजपा नेता एसआईसी डॉ. एसकेजी सिंह के कक्ष में पहुंचे और उनसे अस्पताल की दुर्व्यवस्था व डॉ. चंद्रहास के व्यवहार की शिकायत किया। जिस पर एसआईसी ने तत्काल मामले को संभाल और मरीज रामाश्रय को डॉ. ओम प्रकाश के पास भेज कर जांच कराने के साथ ही दवा आदि दिलाई।
विज्ञापन
मेरे सहयोगी के आंख में चोट आई थी और डॉ. चंद्रहास ने चोट को मोतियाबिंद बता कर रेफर कर दिया। सही मायने में तो उन्हें मरीज का इलाज करना चाहिए था और दवा आदि लिखनी चाहिए थी। मेरे बताने के बाद भी जब मेरे मरीज के साथ ऐसा किया जा रहा है तो आम मरीजों के साथ अस्पताल के डॉक्टर क्या व्यवहार कर रहे होंगे। बीमारी का इलाज करने के बजाए मरीज को रेफर पर्ची थमा कर टरका देने की कवायद की जा रही है।
विज्ञापन
हरेंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष, भाजपा।
मरीज मेडिकोलीगल में आया हुआ था। वह आंख की रोशीन कम होना लिखने का दबाव बना रहा था, जबकि ऐसा कुछ था नहीं, जिसके चलते ही मैने उसका इलाज करने से मना कर दिया और रेफर कर दिया। जहां तक भाजपा नेता से वाद-विवाद की बात है तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सामान्य ढंग से मैने भी अपनी बात कही और उन्होंने ने भी।
डॉ. चंद्रहास, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, आजमगढ़।
अब भाजपा नेता व डॉ. चंद्रहास के बीच क्या हुआ, यह मुझे जानकारी नहीं है, कुछ हंगामें की बात सुनने में आई। भाजपा नेता के मौखिक शिकायत पर मैने दूसरे डॉक्टर से उनके मरीज की जांच करा कर दवा आदि लिखवा दिया। उन्होंने मुझसे कोई लिखित शिकायत नहीं की है। जिसके चलते डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई क्या करेंगे। वैसे मरीज को देखने के बाद डॉक्टर के जो समझ में आया होगा वहीं किया होगा।
डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला अस्पताल, आजमगढ़।