फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Reduced demand handled the situation ... otherwise it will create panic

घटी मांग ने संभाले हालात...नहीं तो मच जाएगा हाहाकार

Tue, 28 Apr 2020 10:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2020 10:15 PM IST
विज्ञापन
Reduced demand handled the situation ... otherwise it will create panic
आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक की हालत गंभीर है। ब्लडबैंक में सिर्फ 300 यूनिट ब्लड का स्टॉक है। कोरोना संक्रमण को लेकर गत एक माह से ब्लड बैंक में कैंप का आयोजन नहीं हुआ है। इससे स्टॉक घटता जा रहा है। लॉकडाउन में एक्सीडेंट में अप्रत्याशित कमी और ऑपरेशनों पर रोक हैं, नर्सिंग होम बंद चल रहे हैं, एनीमिया के रोगी भी कम आ रहे हैं। इन वजहों से हालात संभले हैं वर्ना आम दिनों में जिस तरह ब्लड की जरूरत होती है तो स्थिति और भयावह होगी।
विज्ञापन

जनपद में रक्तदान को लेकर लोगों में काफी जागरूकता है। इसका परिणाम है कि कई संस्थाओं की ओर से प्रतिवर्ष रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है। इसके कारण मंडलीय अस्पताल के ब्लड बैंक की गिनती प्रदेश के अच्छे ब्लड बैंकों में होती है। औसतन आंकड़ों पर गौर करें तो ब्लड बैंक में एक माह में छह से सात कैंप लग जाते हैं। इसमें 150 से 200 यूनिट ब्लड का कलेक्शन हो जाता है। यहां का ब्लड बैंक आसपास के जनपदों की भी मदद करता है। कोरोना लॉकडाउन की वजह से पिछले एक माह से ब्लडबैंक में एक भी कैंप का आयोजन नहीं हो सका है। इस कारण मात्र 300 यूनिट का स्टाक ही शेष है। आम दिनों में गर्मी के महीनों में ब्लडबैंक से प्रतिमाह लगभग 1900 से 2000 यूनिट ब्लड की खपत भी होती है। इसमें अधिकतर लोग डोनेट कर ब्लड ले जाते हैं। जो डोनेट करने में सक्षम नहीं होते और थैलीसीमिया, जेवाईएस आदि के मरीज को उन्हें रक्तदान में एकत्र रक्त से मदद दी जाती है।
विज्ञापन

लाक डाउन ने ब्लडबैंक की हालत को खराब कर दिया है। ब्लड बैंक प्रभारी सुभाष पांडेय की मानें तो ब्लड बैंक में वर्तमान में 300 यूनिट रक्त है। स्वाभिमान मंच के सहयोग से एक सप्ताह में 33 यूनिट ब्लड एकत्र हुआ है। किसी तरह से मैनेज करके ब्लड बैंक को चलाया जा रहा है। ब्लड देने के एवज में डोनेट जरूर कराया जा रहा है। वाराणसी में बंद होने से लगभग 10 जनपदों से लोग यहां ब्लड लेने के लिए पहुंच रहे हैं। पूर्वांचल में अगर बनारस और आजमगढ़ को छोड़ दिया जाए तो कही भी रक्त नहीं है। आम दिनों प्रतिदिन 60 से 65 यूनिट ब्लड की मांग होती है। लेकिन एक्सीडेंट में कमी, आपरेशन पर रोक आदि से इन दिनों 30 से 35 यूनिट की ही मांग हो रही है। मांग बढ़ी तो परेशानी खड़ी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतिमाह आते हैं थैलीसीमिया के 10 मरीज
जिले में प्रतिमाह 10 से 12 मरीज थैलीसीमिया और प्लास्टिक एनीमिया के आते हैं। ऐसे हर मरीज को उनकी जरूरत का ब्लड मिल जाता है, लेकिन उनके पास जरूरी कागजात होने चाहिए। ओ और बी ग्रुप के ब्लड की ज्यादा जरूरत होती है।
लाकडाउन के पहले रोजाना औसतन 50 से लेकर 80 यूनिट तक ब्लड कलेक्ट हो जाता था। लाकडाउन के बाद से कैम्प नहीं लग रहे हैं और कलेक्शन जीरो हो गया है। ब्लड की कमी की के कारण डोनेट करने पर ही ब्लड दिया जा रहा है।
डॉ.ओम प्रकाश, नोडल अधिकारी ब्लड बैंक
रक्तदान महादान है। आपके एक यूनिट से तीन लोगों की जान बचती है। शासन ने भी रक्तदान के लिए कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। अगर आठ से 10 लोग कहीं पर रक्तदान करना चाहे तो ब्लड कलेक्शन वाहन भेजकर रक्तदान करा सकते हैं। रक्तदान करने वालों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए वह ई-पास के लिए आवेदन कर सकता है। उसे ईपास दिलाया जाएगा।

एनपी सिंह, जिलाधिकारी
करना चाहते हैं रक्तदान तो ई-पास के लिए करें आवेदन
आजमगढ़। अगर कोई शहर के बाहर से रक्तदान करने के लिए आना चाहता है तो उसे ई-पास के लिए आवेदन करना होगा। उसे तत्काल पास दिया जाएगा। लाक डाउन के कारण कोई भी व्यक्ति रक्तदान करने के लिए नहीं पहुंच रहा है। हालांकि मंडलीय अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में अभी तीन सौ यूनिट रक्त मौजूद है। लेकिन अगर किसी अज्ञात व्यक्ति को बिना खून दिए जरूरत पड़ती है तो उसे देना मुश्किल होगा। महामारी के इस दौर में रक्त की उपलब्धता ब्लड बैंकों में बनाए रखने के लिए शासन ने आवश्यक निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी सभी मंडलायुक्तों को पत्र जारी कर इस संबंध में निर्देश जारी किए है। ब्लड बैंक प्रभारी सुभाष पांडेय ने बताया कि अगर आठ से 10 की संख्या में लोग एक जगह इकठ्ठे रक्तदान करना चाहते हैं तो उन्हें ब्लड बैंक आने की जरूरत नहीं हम गाड़ी भेजकर वहीं पर उनका रक्तदान करा लेंगे। लेकिन अगर कोई नगर क्षेत्र से बाहर का व्यक्ति रक्तदान करने के लिए ब्लड बैंक आना चाहता है तो उसे ई-पास के लिए आवेदन करना होगा। उसे शासन और प्रशासन स्तर से पास जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed